दिनांक 21 सितंबर 2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र ॥
जनपद स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक 23 से 29 सितंबर
तक
देवास
21 सितंबर 2015/ जनपद स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक 23 सितंबर से 29 सितंबर तक
आयोजित की जाएगी। बैठक का समय दोपहर 3 बजे होगा तथा बैठक संबंधित जनपद मुख्यालय पर
होगी।
जिला पंचायत सीईओ प्रबल सिपाहा ने बताया कि देवास
जनपद पंचायत की बैठक 23 सितंबर को जनपद पंचायत देवास में होगी। बैठक के नोडल अधिकारी
अग्रणी जिला प्रबंधक एवं समन्वयक एनजेजीबी होंगे। टोंकखुर्द जनपद पंचायत की 23 सितंबर
को जनपद पंचायत टोंकखुर्द में होगी। बैठक के नोडल अधिकारी आरसेटी एवं समन्वयक एसबीआई
होंगे। कन्नौद जनपद पंचायत की बैठक 24 सितंबर को जनपद पंचायत मुख्यालय पर होगी। बैठक
के नोडल अधिकारी अग्रणी जिला प्रबंधक एवं समन्वयक एसबीआई होंगे। खातेगांव जनपद पंचायत
की बैठक 24 सितंबर जनपद पंचायत खातेगांव मुख्यालय पर होगी। बैठक के नोडल अधिकारी समन्वयक
एनजेजीबी एवं निदेशक आरसेटी होंगे। बागली जनपद पंचायत की बैठक 29 सितंबर को जनपद पंचायत
मुख्यालय पर होगी। बैठक के नोडल अधिकारी अग्रणी जिला प्रबंधक एवं समन्वयक एनजेजीबी
होंगे तथा सोनकच्छ जनपद पंचायत की बैठक 29 सितंबर को जनपद पंचायत सोनकच्छ मुख्यालय
पर होगी। बैठक के नोडल अधिकारी निदेशक आरसेटी
एवं समन्वयक एसबीआई होंगे।
हितग्राही भी आ सकते हैं
सीईओ जिला पंचायत प्रबल सिपाहा ने बताया कि बैठक
में सभी बैंक के शाखा प्रबंधक रहेंगे। एसडीएम भी बैठक में उपस्थित रहेंगे। हितग्राही
अपनी योजनाओं संबंधी समस्याओं का निराकरण बैठक के दिन करा सकते हैं। जिला पंचायत सीईओ
ने बताया कि बैठक में रोजगार मूलक योजनाओं के कुछ हितग्राहियों को उनके अनुभव, सुझाव
रखने के लिए आमंत्रित किया जाए। स्वयं सहायता समूहों को भी बैठक में आमंत्रित किया
जाए। इंदिरा आवास योजना के हितग्राहियों को योजना से संबंधित समस्याओं पर चर्चा के
लिए आमंत्रित किया जाए। बैठक की समाप्ति उपरांत जनपद की समेकित रिपोर्ट अनुविभागीय
अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद के संयुक्त हस्ताक्षर से मुख्य कार्यपालन
अधिकारी जिला पंचायत देवास को सौपेंगे।
बैठक का एजेंडा
जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री
सुरक्षा एवं जीवन ज्योति बीमा, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन, रोजगार योजनाओं की प्रगति,
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रगति तथा स्वयं सहायता समूहों के बैंक लिंकेज
और कौशल अन्नयन (प्रशिक्षण) पर चर्चा की जाएगी।
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न्यायलयीन प्रकरणों में उदासीनता पर होगी कार्रवाई
टीएल बैठक में सीईओ ने दिए निर्देश
देवास
21 सितंबर 2015/ माननीय उच्च न्यायालय में चल रहे प्रकरणों में सभी विभागों के
जिला अधिकारी सजग रहें। नियुक्त किए गए सभी ओ.आई.सी समय पर जवाब प्रस्तुत करें। जिन
प्रकरणों में शासन के विरूद्ध फैसला हुआ है, उनमें समक्ष न्यायालय में अपील प्रस्तुत
करें। उदासीनता बरते जाने पर कार्रवाई होगी। सीईओ जिला पंचायत प्रबल सिपाहा ने आज सोमवार
को समयावधि लंबित पत्रों की समीक्षा बैठक में उक्त निर्देश जिला अधिकारियों को दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर डॉ. कैलाश बुंदेला, एसडीएम रजनीश कसेरा तथा सभी जिला कार्यालय
प्रमुख उपस्थित थे।
बैठक में जनसुनवाई, मुख्यमंत्री समाधान ऑनलाइन
और जनसमस्या निवारण शिविर की समीक्षा की गई। देवास जनपद के गांवों में 17 सितंबर को
लगे, शिविरों में कुल 458 आवेदन प्राप्त होना बताया गया। लसूड़िया सोंडा, लिंबोदा, बांगर
और लोहारी गांव में एक भी आवेदन प्राप्त न होने पर सीईओ ने आश्चर्य जताया। उन्होंने
इस बात की पुष्टि करने के लिए कहा कि जिला स्तर से अधिकारी शिविर में पहुंचे या नहीं।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक गांव में चौकीदार एवं सफाईकर्मी दो कर्मचारियों की नियुक्त्िा
कर दी गई है। ग्राम भ्रमण के दौरान उनके कार्यों एवं उपस्थिति की पुष्टि करें। बैठक
में उप संचालक सामाजिक न्याय द्वारा मुख्यमंत्री नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना
के संबंध में फिल्म दिखाई गई। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए इस फिल्म को गांव-गांव
में दिखाने के निर्देश दिए गए।
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फोटो- संलग्न
सफलता की कहानी
हीरालाल ने अपनाई उद्यानिकी फसल, जिससे जिदंगी गई बदल
अनार की खेती से आई, हीरालाल के घर खुशहाली
देवास
21 सितंबर 2015/ जनपद पंचायत बागली की ग्राम पंचायत भीमपुरा के सफल कृषक हीरालाल
पिता श्री धन्नाजी गेहलोद ने अपने अथक परिश्रम से ओर मप्र शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं
को अपनाकर कृषि के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है।
शासन ने दिया अनुदान
हीरालाल अपने छोटे से रकबे में बहुत समय से पारम्परिक
खेती कर रहे थे। जिसमें वे खरीफ व रबी की मामूली फसल ही ले पाते थे। सोयाबीन 33 क्विंटल,
गेहूं 24 क्विंटल और चना साढ़े छ: क्विंटल के लगभग ले पाते थे। इनसे होने वाली आय से
वे अपना जीवन यापन साधारण ढंग से ही कर पाते थे। उनके पास मात्र एक कच्चा घर और एक
ट्रेक्टर था। किंतु जब उन्होंने वर्ष 2012 में मप्र शासन को फलोद्यान संबंधी जनकल्याणकारी
योजनाओं को जाना तो, उन्होंने "अनार क्षेत्र विस्तार योजना", प्लास्टिक मल्चींग
और मोडनेट हाउस को अपनाया, जिसमें उन्होंने शासन द्वारा दिया जाने वाला अनुदान भी प्राप्त
हुआ।
लाखों रूपए का मुनाफा कमाया
वर्ष
2013-14 में जहां उन्होंने अनार की फसल के रूप में 7 टन के साथ-साथ खीरे की फसल से
10 टन, लोकी में 25 टन, गिलकी में 7 टन और बैंगन की फसल 15 टन के लगभग प्राप्त की।
वहीं वर्ष 2015-16 में प्रथम अनार तुड़वाई से 25 क्विंटल की फसल प्राप्त की। जिससे उन्हें
66,7500 रूपए की शुद्ध आय प्राप्त हुई।
बैंक का किसी
भी प्रकार का कर्जा नहीं है
इस आय
से उन्होंने अपना कच्चा घर अब पक्का बनवा लिया है। इसी बीच उन्होंने अपनी पुत्री की
शादी बड़े धूमधाम से की। घर में बाकी जरूरी सामान
के साथ ही उन्होंने अपनी नई मोटर साइकिल भी ले ली है। और सबसे जरूरी बात यह
कि उनके ऊपर वर्तमान में किसी भी प्रकार का कोई बैंक ऋण भी नहीं है। अब हीरालाल गेहलोद
अपनी खुशहाल जिदंगी से बहुत संतुष्ठ है।
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