दिनांक 16 सितंबर 2015
जिला जनसम्पर्क कार्यालय, देवास
फोटो- संलग्न
शिप्रा के संरक्षण के लिए देवास जिले ने की पहल
शिप्रा के किनारे दो गांवों में कलेक्टर की उपस्थिति में लिया संकल्प
देवास 16 सितंबर 2015/ सिंहस्थ 2016 के पूर्व पुण्य सलिला शिप्रा को निर्मल
और सतत प्रवाहमान बनाया जाएगा। तट पर स्थित देवास जनपद की 45 ग्राम पंचायतों को जैविक
खेती की ओर अग्रसर करते हुए फलोउद्यान और बांस रोपण करते हुए जलग्रहण क्षेत्र में हरीतिमा
की चादर बिछाई जाएगी। संभागायुक्त उज्जैन डॉ. रवींद्र पस्तौर की पहल पर कलेक्टर देवास
आशुतोष अवस्थी ने इसके लिए शिप्रा नदी जल संरक्षण योजना बनाने की शुरूआत की हैं। आज
बुधवार को लोहार पीपल्या और सुनवानी महाकाल गांवों में कलेक्टर पहुंचे और ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें
इस कार्य के लिए शपथ दिलाई। कार्यक्रम में संयुक्त आयुक्त उज्जैन प्रतीक सोनवलकर, सीईओ
जिला पंचायत प्रबल सिपाहा तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
स्वच्छता का आचरण हमारे व्यवहार
में आए
ग्राम लोहार पीपल्या में ग्रामीणों
को जैविक खेती, फलोउद्यान और बांस रोपण के संबंध में कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों
ने विस्तार से जानकारी दी। स्वच्छ भारत मिशन की जानकारी देते हुए कलेक्टर श्री अवस्थी
ने ग्रामवासियों से कहा कि स्वच्छता का आचरण हमारे व्यवहार में आए। गांव में हर घर
में शौचालय बन जाना चाहिए। गांव के किसान शांतिलाल ने जैविक खेती के संबंध में अपना
अनुभव साझा किया। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा भी किसानों को जैविक ग्राम के संबंध में
मार्गदर्शन दिया गया।
तीन पीढ़ियों ने एक साथ लिया संकल्प
ग्राम सुनवानी महाकाल में गायत्री
मंदिर परिसर में ग्रामीणजन उत्साह से उपस्थित थे। गांव की तीन पीढ़ियां एक साथ उपस्थित
थी। गांव के बच्चों में नुक्कड़ नाटक द्वारा स्वच्छता का संदेश प्रभावी ढ़ग से दिया। कलेक्टर ने
यहां पर हर घर और गांव को स्वच्छ बनाने शौचालय बनाकर उसका उपयोग करने और शिप्रा नदी
के संरक्षण की शपथ दिलाई।
शिप्रा हमारी सांस्कृतिक चेतना
की प्रतीक है
कलेक्टर ने कहा कि शिप्रा हमारी
सांस्कृतिक चेतना की प्रतीक है। इसके जल ग्रहण क्षेत्र को रासायनिक खादों से मुक्त
बनाने के लिए हम मिल जुलकर प्रयास करें। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में शिप्रा संरक्षण
समिति का गठन किया जा रहा है। दोनों गांव में कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं भी
सुनी तथा उनके निराकरण के निर्देश संबंधित विभाग को दिए।
---------------------------
दो अपराधियों पर रासुका के तहत हुई कार्रवाई
देवास 16 सितंबर 2015/ जिला
दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर आशुतोष अवस्थी द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा
3 की उप धारा (2) के अन्तर्गत दो व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाई की है। इन दोनों को
रासुका के तहत बंदी बनाकर जेल में रखा जाएगा। धर्मेंद्र उर्फ रामजाने पिता कैलाशचंद्र
गोंदिया जाति ढोली उम्र 25 वर्ष निवासी-5 अंबेडकर नगर देवास थाना कोतवाली तथा भोला
उर्फ राजू मीणा पिता रामकिशोर मीणा उम्र 33 वर्ष निवासी इंद्रा नगर कालोनी देवास थाना
कोतवाली जिला देवास को लोक व्यवस्था के अनुरक्षण के प्रतिकुल किसी भी रीति से कार्य
करने से रोकने के अभिप्राय से उक्त आदेश जारी करना आवश्यक था। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम
की धारा के अंतर्गत उक्त दोनों अपराधियों को केंद्रीय जेल भेरूगढ़ उज्जैन में रखा जाएगा।
----------------------------
आदतन अपराधी को कलेक्टर ने किया जिलाबदर
देवास 16 सितंबर 2015/ जिला
दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर आशुतोष अवस्थी द्वारा मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के
अन्तर्गत सईद पिता हमीद शेख उम्र 32 वर्ष निवासी अतवास, हाल मुकाम वार्ड क्रमांक
10 पुलिस थाना सतवास, जिला देवास को एक वर्ष
के लिए जिलाबदर कर दिया गया है।
जिला दंडाधिकारी द्वारा आरोपी को यह आदेश दिया गया है कि वह आदेश प्राप्ति
से 24 घण्टे के भीतर, आगामी एक साल की कालावधि के लिये जिला देवास एवं उसके आस पास
के सीमावर्ती जिलों इन्दौर, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, हरदा, खण्डवा, खरगोन की राजस्व
सीमाओं से बाहर चले जाए तथा जिला दंडाधिकारी न्यायालय की बिना पूर्व अनुज्ञा के प्रवेश
ना करें।
न्यायालय जिला दण्डाधिकारी देवास में पुलिस अधीक्षक देवास द्वारा प्रतिवेदन
दिया गया था कि उक्त आरोपी के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता सहित अन्य अधिनियमों के अन्तर्गत
कई अपराध पंजीबद्ध है। उक्त आरोपी वर्ष 2003 से निरंतर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त
रहा है और इस अवधि में उसके विरूद्ध पुलिस थाना सतवास पर 04 संज्ञेय अपराध दर्ज हुए
है, यह अपराध मुख्य रूप से बलवा, आम जनता के साथ मारपीट, गाली गलौच, जान से मारने की
धमकी देना, महिलाओं से छेड़छाड़, गौवध आदि से संबंधित है तथा इनमें से अधिकांश अपराध
तो वर्तमान में भी न्यायालय में विचाराधीन है। उक्त आरोपी की आपराधिक गतिविधियों को
नियंत्रित किए जाने की सख्त आवश्यकता थी अन्यथा किसी भी दिन उक्त अपराधी कोई जघन्य
अपराध कर क्षेत्र की लोक शांति व व्यवस्था को भंग कर सकता था। पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन
के आधार पर उक्त आरोपी को जिला बदर किया गया है।
--------------------------
वीसी
का आयोजन 18 सितंबर को
देवास, 16
सितंबर 2015/ मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह
चौहान की अध्यक्षता में 18 सितंबर को प्रात: 10.30 बजे से वीडियो कांफ्रेंसिंग का
आयोजन किया जाएगा, जिसमें हितग्राही मूलक एवं आम जनता से सीधे जोड़ने कार्यक्रमों
से संबंधित विभागों की समीक्षा की जाएगी।
अपर कलेक्टर डॉ. कैलाश बुंदेला ने बताया कि सभी विभागों के
प्रमुख विभाग से संबंधित हितग्राही मूलक एवं आम जनता से सीधे जुड़े कार्यक्रमों से
संबंधित विभागों की समीक्षा से संबंधित जानकारी की एक-एक प्रति मुख्य कार्यपालन
अधिकारी जिला पंचायत को भेजेंगे और वीसी में उपस्थित रहेंगे।
------------------------
लोंदिया
में एक दिवसीय किसान गोष्ठी हुई आयोजित
देवास, 16
सितंबर 2015/ किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग
द्वारा कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम "आत्मा" खरीफ वर्ष 2015-16 के अंतर्गत
विकासखंड सोनकच्छ के ग्राम लोंदिया में एक दिवसीय किसान गोष्ठी का आयोजन गत दिवस किया
गया, जिसमें लगभग 110 कृषकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में अनुविभागीय कृषि अधिकारी आर.एस. सेंगर, कृषि विकास अधिकारी
सी.एस. तोमर, विषय वस्तु विशेषज्ञ योगेन्द्र मेवाड़ा, धर्मेन्द्र ठाकुर व टी.एस. ठाकुर,
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी विक्रम सिंह, संजय शर्मा, विनोद पवार, कृषक एवं अन्य
उपस्थित थे।
कृषि को लाभ का धंधा
बनाए
कार्यशाला में विकासखंड टोंकखुर्द ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर
"आत्मा" अमित कुमार पांडेय ने कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम के उद्देश्य
एवं कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए कृषकों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि
किस प्रकार कृषि को लाभ का धंधा बनाया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने कृषकों को स्वयं
का बीज, जैविक खाद, जैविक दवा का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। एम.एल. सोलंकी उप
परियोजना संचालक आत्मा द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ ही चार चक्रीय वर्मी
कम्पोस्ट इकाई एवं गोबर गैस संयत्र निर्माण के बारे में बताया।
रेज्ड बेड पद्धति से
बोए चने की फसल
डॉ. आर.पी. शर्मा कार्यक्रम
समन्वयक कृषि विज्ञान केन्द्र ने कृषकों को रेज्ड बेड पद्धति से चने की फसल बोने की
सलाह दी। समन्वित कीट प्रबंधन (आई.पी.एम.) के अंतर्गत भौतिक, यांत्रिक एवं जैविक रासायनिक
विधियों से कीट नियंत्रण की विस्तार से जानकारी भी दी। रबी की फसलों को पाले से होने
वाली क्षति से बचाने के लिये खेतों के चारों तरफ मेढ़ो पर कचरा जमाकर जलाना पाले से
बचाव का सबसे आसान उपाय है। सल्फ्यूरिक एसिड के घोल (1 लीटर पानी में 1 एम.एल. तनु
सल्फ्यूरिक एसिड) का छिड़काव करने से फसल को पाले के प्रकोप से बचाया जा सकता है। डॉ.
विक्रम सिंह पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी ने शासन की विभिन्न योजनाओं जैसे देशी गाय
पालन, पशु शेड आदि के बारे में जानकारी दी।
ड्रिप पद्धति का उपयोग
करें
आर.पी. सिंह उद्यान विकास अधिकारी ने कार्यशाला में किसानों को अनार
की दो किस्मे भगवा एवं मृदुला के टिशु कल्चर पौधे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि
ये किस्में उद्यानिकी विभाग देवास में उपलब्ध है। उन्होंने उद्यानिकी फसलों में मल्चिंग
एवं ड्रिप एरीगेशन के द्वारा सिंचाई कर अधिक उत्पादन लेने के बारे में कृषकों को समझाईश
दी।
कम लागत से अधिक
मुनाफा कमाए
उत्तम सिंह जादौन परियोजना
संचालक आत्मा ने कृषकों को कम लागत से अधिक उत्पादन लेने के बारे में तकनीकी जानकारी
प्रदान की। जैविक खेती के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पी.जी.एस. के
अंतर्गत कृषकों का पंजीयन आत्मा योजना के अंतर्गत ही किया जायेगा, जिसमें उन्हें
उचित मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उप संचालक कृषि श्री के.सी. बास्केल ने कृषकों को बीज
उत्पादन समिति बनाने के बारे में जानकारी भी दी।
क्रमांक 97/1069/16-09-2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय,
देवास
॥ स
मा चा र॥
उद्यानिकी महोत्सव सम्पन्न
देवास, 16 सितंबर 2015/ उद्यानिकी विभाग जिला देवास द्वारा
गत दिवस "उद्यानिकी महोत्सव-2015" का समापन किया गया। इस अवसर पर मोटर साइकल
रैली का आयोजन किया गया। रैली को कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
। रैली मल्हार स्मृति मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कृषि
उपज मण्डी पर समाप्त की गई।
तहसील व ग्राम पंचायत
स्तर पर साइकिल रैली आयोजित
उप संचालक उद्यानिकी विभाग देवास ने बताया कि इसके साथ ही सायकल रैली
का आयोजन जिले की तहसीलों एवं ग्राम पंचायतों पर भी किया गया। रैली के माध्यम से कृषकों
को उद्यानिकी फसलों के प्रति जागरूक करना है। विभाग द्वारा उद्यानिकी के प्रचार-प्रसार
के लिए कृषकों को उद्यानिकी साहित्य वितरण किया गया। रैली में कृषकों, उद्यानिकी विभाग
के अधिकारियों एवं स्कूली बच्चों ने भाग लिया।
--------------------------
जिले में 1080.58 मिलीमीटर
औसत वर्षा दर्ज
देवास 16 सितंबर 2015/
जारी मानसून सत्र में जिले के वर्षामापी केन्द्रों पर अभी तक औसत रूप से 1080.58 मिलीमीटर
वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार जारी मानसून
सत्र में अभी तक सर्वाधिक सोनकच्छ में 1377, खातेगांव में 1256, उदयनगर में 1196.60,
कन्नौद में 1148, देवास में 1049, टोंकखुर्द में 941, बागली में 841 तथा सतवास में
836 मिमी औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई।
24 घंटे में 4.03 मिमी वर्षा
दर्ज की गई
पिछले 24 घंटों में 4.03 मिमी वर्षा दर्ज की गई,
जिसमें कन्नौद में 26, उदयनगर में 6.20, देवास में, सतवास में, खातेगांव में, सोनकच्छ
में, टोंकखुर्द में तथा बागली में शून्य मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
गत वर्ष इस दिनांक को 6.60
मिमी वर्षा दर्ज हुई थी
गत वर्ष 16 सितंबर को जिले में 6.60 मिमी औसत वर्षा
दर्ज की गई, जिसमें टोंकखुर्द में 22, देवास में 16, खातेगांव में 13, सतवास में
2, सोनकच्छ में, बागली में, उदयनगर में तथा कन्नौद में शून्य मिमी वर्षा दर्ज की गई।
पिछले साल 555.45 मिमी औसत
वर्षा
अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार
गत मानसून सत्र में अभी तक 555.45 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी, जिसमें सोनकच्छ में
688, उदयनगर में 618.60, देवास में 608, टोंकखुर्द में 586, कन्नौद में 541, बागली
में 528, खातेगांव में 487, सतवास में 387 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
------------------------------
श्रम विभाग की निर्माण श्रमिक पंजीयन प्रक्रिया हुई ऑनलाइन
देवास 16 सितंबर 2015/ श्रम विभाग के पोर्टल www.labour.mp.gov.in पर तथा एम.पी.आन लाईन पोर्टल और उनके कियोस्क के माध्यम से श्रम
विभाग के अधिनियमों में जारी होने वाले श्रमिक पंजीयन/ अनुज्ञप्ति/ स्वीकृती और उनके
नवीनीकरण तथा वी.सी.एस के अन्तर्गत आवेदको की अभिस्वीकृती जारी करने की प्रक्रिया को
आन लाईन किया गया है। पोर्टल पर उपलब्घ जानकारी आवेदक/ उपभोक्ता को विभागीय पोर्टल
या एम.पी.ऑन लाईन पोर्टल या एम.पी.ऑनलाईन के कियोस्क या लोक सेवा केन्द्र के कियोस्क
के माध्यम से सहजता से उपलब्ध हो सकती है।
------------------------------
राष्ट्रीय बालश्री अवार्ड-2015 हेतु चयन इस बार जिला स्तर पर होगा
नामांकन की अंतिम तिथि 30 सितम्बर
देवास 16 सितंबर 2015/ राष्ट्रीय बालश्री
अवार्ड-2015 का चयन इस बार जिला स्तर पर होगा। अवार्ड के लिए बच्चों को नामित करने
की अंतिम तिथि 30 सितम्बर 2015 रखी गई है। सभी आयुक्त और जिलाधीश को भेजे परिपत्र में
उनके अधीनस्थ जिलों में निर्धारित तारीख तक नामांकन की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को
कहा गया है। नामांकन के बाद बच्चों की चयन परीक्षा 31 अक्टूबर और 3 नवम्बर को होगी।
प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री जे.एन.कंसोटिया ने आयुक्त एवं जिलाधीश
को भेजे परिपत्र में संयुक्त संचालक एवं उप संचालक स्कूल शिक्षा, जिला महिला सशक्तिकरण
अधिकारी एवं सहायक संचालक संभागीय बाल भवन का क्षेत्रीय स्तर पर चयन प्रक्रिया के बच्चों
को नामित करने में सहयोग लेने को कहा है।
बालश्री पुरस्कार में चयनित बच्चे को एक फलक, प्रशस्ति-पत्र, 15 हजार
रुपये नगद राशि (किसान विकास पत्र), साहित्यिक सेट प्रदान किया जाता है। इस योजना में
( 1 अप्रैल 2015) के अनुसार 10 से 16 वर्ष आयु समूह के 10+12, 12+14 एवं 14+16 का प्रतिभागी
भाग ले सकता है। बालश्री अवार्ड के लिए जो विषय निर्धारित किए गए हैं, उनमें सृजनात्मक
प्रदर्शन में तबला/वाद्य यंत्र, कंठ संगीत, नृत्य, थियेटर तथा कठपुतली है। सृजनात्मक
कलाओं में दृश्य कलाएँ (ग्राफिक्स तथा डिजिटल आर्ट), चित्रकला, मूर्तिकला, शिल्प कला
शामिल हैं। सृजनात्मक लेखन में कविता, कहानी, गद्य, संवाद तथा नाटक है। सृजनात्मक वैज्ञानिक
नव प्रवर्तन में विज्ञान के मॉडल बनाना, विज्ञान परियोजना, विज्ञान की समस्याओं का
समाधान करना वैज्ञानिक नव प्रवर्तक विषय शामिल है।
इस 16 उप विषय में प्रत्येक में एक-एक बच्चा एवं विशेष श्रेणी (नि:शक्त
एवं अनाथ) में प्रत्येक विषय से एक-एक बच्चा (04), कुल 20 बच्चे को प्रत्येक जिले से
नामित किया जाना है। इन नामित बच्चों को राज्य स्तरीय केन्द्र पर होने वाली चयन प्रकिया
में शामिल होना होगा। राज्य स्तर पर 31 अक्टूबर को सृजनात्मक प्रदर्शनकारी कला एवं
सृजनात्मक लेखन तथा 2 नवम्बर को सृजनात्मक कला एवं सृजनात्मक वैज्ञानिक नव प्रवर्तन
की चयन प्रक्रिया होगी।
बच्चों का नामांकन जिले स्तर पर जिला प्रशासन द्वारा
किया जायेगा। वे जिले, जहाँ बाल भवन संचालित हैं, में बच्चों को नामित करने की प्रक्रिया
संबंधित बाल भवन द्वारा की जायेगी। बच्चों का चयन प्रत्येक जिले के केन्द्रीय विद्यालय,
शासकीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय के माध्यम से बालश्री के निर्धारित 16 उप विषय में
श्रेष्ठ 16 बच्चे एवं 4 मुख्य विषय में से 4 विशेष (नि:शक्त अनाथ) बच्चे का चयन किया
जायेगा।
राष्ट्रीय
बाल भवन ने बालश्री पुरस्कार क्षेत्रीय चयन के लिए म.प्र. के 51 जिले के लिए अलग-अलग
केन्द्र बनाये हैं। जवाहर बाल भवन भोपाल में प्रदेश के 30 जिले, इंदौर बाल भवन में
प्रदेश के 16 जिले और 10 जिले राजस्थान राज्य के अलग से, राष्ट्रीय बाल भवन नई दिल्ली
में म.प्र. के 03 जिले एवं इलाहाबाद (उ.प्र.) में म.प्र. के 2 जिले के बच्चे भाग लेंगे।
क्षेत्रीय चयन परीक्षा में केवल वे बच्चे ही सम्मिलित होंगे, जिनको जिला प्रशासन एवं
बाल भवन द्वारा निर्धारित फार्म में नामित कर निर्धारित केन्द्रों पर भेजा गया है।
-----------------------------
अनुपस्थित अध्यापकों एवं संविदा शाला शिक्षकों के विरुद्ध होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
देवास 16 सितंबर 2015/ आयुक्त, लोक शिक्षण ने जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिये हैं कि शासकीय शाला
में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले अध्यापकों एवं संविदा शाला शिक्षकों के विरुद्ध
सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाये। जो अध्यापक एवं संविदा शाला शिक्षक अनुपस्थित
रहेंगे, उन्हें उस अवधि का वेतन नहीं दिया जायेगा।
आयुक्त, लोक शिक्षण श्री डी.डी. अग्रवाल ने कलेक्टर्स से शासकीय शाला
में नियमित अध्यापन कार्य सुनिश्चित किये जाने के लिये भी कहा है। उन्होंने कहा है
कि यदि कोई अध्यापक शालाओं को बंद करवाने का बलपूर्वक प्रयास करे, तो उनके विरुद्ध
अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाये। आयुक्त ने जिला शिक्षा
अधिकारियों से अनुपस्थित संविदा शाला शिक्षक और अध्यापक की जानकारी प्रतिदिन तैयार
कर लोक शिक्षण संचालनालय को उपलब्ध करवाने को कहा है।
राज्य शासन द्वारा शासकीय सेवकों एवं अध्यापकों की न्यायोचित माँग
को सदैव स्वीकार किया गया है। पिछले एक दशक में अध्यापक संवर्ग के हित में राज्य शासन
ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। इन निर्णय से राज्य शासन के ऊपर भारी वित्तीय
भार भी आया है। वर्ष 2007 में अध्यापक संवर्ग का गठन किया जाकर उन्हें नियमित वेतनमान
स्वीकृत किया गया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2011 में संविदा शाला शिक्षकों के पारिश्रमिक
को दोगुना भी किया है। वर्ष 2013 में अध्यापक संवर्ग को राज्य शासन के नियमित शिक्षकों
के समान नियमित वेतन एक सितम्बर, 2017 से स्वीकृत करते हुए वर्ष 2013 से 2016 तक प्रतिवर्ष
अंतरिम राहत की 4 किस्त भी स्वीकृत की हैं। अध्यापक संवर्ग को क्रमोन्नति एवं पदोन्नति
का भी लाभ दिया गया है। इन सबके बावजूद 13 सितम्बर से आजाद अध्यापक संघ के बैनर तले
किये जा रहे अध्यापकों और संविदा शाला शिक्षकों के धरना-प्रदर्शन का कोई औचित्य नहीं
है। संघ की माँगे पूर्णत: औचित्यहीन हैं।
--------------------------------
No comments:
Post a Comment