Friday, 26 February 2016

26-02-2016

जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास

॥ स मा चा र॥

खरीफ 2015-16 में सुखा से प्रभावित किसानों के परिवारों की कन्यों के विवाह/निकाह के लिए सहायता हेतु तिथि 31 मार्च तक बढ़ाई
    देवास, 25 फरवरी 2016/ मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना अंतर्गत प्रदेश में सुखा से प्रभावित किसानों के परिवारों की कन्याओं के विवाह/ निकाह के लिए खरीफ फसल वर्ष 2015-16 में लाभ, प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र 31 मार्च 2016 तक जमा करवाएं जा सकेंगे।
         प्रभारी कलेक्टर प्रबल सिपाहा द्वारा अवगत कराया गया है कि खरीफ 2015-16 के अंतर्गत सूखा से प्रभावित ऐसे किसान जिनके आरबीसी 6-4 के अंतर्गत प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं, के परिवारों को कन्या के विवाह किए जाने पर 25 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी, जिसमें सामूहिक विवाह का बंधन नहीं होगा।
         उप संचालक सामाजिक न्याय एवं ‍नि:शक्तजन कल्याण विभाग ने बताया है कि सहायता राशि में से 15 हजार रुपए की सहायता कन्या के माता-पिता/अभिभावक को उनके बैंक खाते में एवं शेष राशि 10 हजार रुपए कन्या के दाम्पत्य जीवन में खुशहाली के लिए 5 वर्ष तक के लिए सावधि जमा की जाएगी। प्रभावित किसान संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के माध्यम से लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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उद्योग विभाग में ईएम का पंजीयन ऑनलाइन होगा
       देवास 26 फरवरी 2016/ वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 में शासन द्वारा संचालित विभिन्न रोजगार मूलक योजनाएं जो, कि शासन के विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही है। इसके लिए ऋण प्राप्त हितग्राहियों के उद्योग आधार ज्ञापन जारी करवाया जाना है। ताकि इकाई स्थापना करने पर हितग्राही को अतिरिक्त सुविधाएं प्राप्त हो सके। इकाई स्थापना हेतु उद्योग विभाग का ईएम पंजीयन प्राप्त करें।
       महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र  ने बताया है कि ईएम पंजीयन ऑनलाइन किया जाना है और इसके लिए website http://udyogaadhar.gov.in है। इसके लिए आधार कार्ड नंबर, बैंक का आईएफएससी (IFSC) कोड तथा अकाउंट नंबर, ई-मैल आईडी आवश्यक है। बैंक से वितरण हो जाने के पश्चात इकाई स्थापित हो जाने पर ई-पंजीयन अनिवार्य रूप से करें, जिससे मप्र एमएसएमई (MSME) प्रोत्साहन योजना 2014 के अंतर्गत पूंजी अनुदान तथा ब्याज अनुदान के अतिरिक्त अन्य सुविधाएं भी प्राप्त हो सकेगी।
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 सफलता की कहानी
ग्राम पंचायत खुडगांव में 50 से अधिक शौचालय का निर्माण
        देवास 26 फरवरी 2016/देवास जिले में स्वच्छ भारत मिशन अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिले के विकासखण्ड खातेगांव की ग्राम पंचायत खुडगांव में भी मनरेगा अभिसरण से शौचालय निर्माण का कार्य तेजी पर है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में यहां 50 से अधिक हितग्राहियों - श्रीप्रेम पिता मांगीलाल, श्री ईश्वर, प्रहलाद पिता मोती, गोदावरी पति मुंशी, मनोहर पिता उम्मेद सिंह, गुलाब बाई, बालू पिता रामकिशन, गुलाबबाई पति उपेन्द्र सिंह, रामदयाल पिता हरदेव, रामेश्वर पिता हजारी, श्री भालूराम, प्रेम बाई, श्री शंकर, श्री संतोष पिता रामाधा, मांगीलाल पिता मुंशी, श्री तेजराम, श्री भागीरथ पिता बाबूलाल, मिश्री बाई पति हरीप्रसाद, जीवन पिता सूरज, कैलाश पिता छगलाल, परशराम पिता लक्ष्मण, सुरेश पिता सुगलाल, महेश पिता शैतान सिंह, बालू पिता रामकिशन, गायत्री पति गार्वधन, कमलाबाई पति विश्राम, मांगीलाल पिता गणपत, सूरज पिता भागीरथ, को शौचालय निर्माण से लाभान्वित किया गया है।
                                            
        हितग्राहियों ने बताया कि पूर्व में शौचालय न होने से पूरे परिवार को दिशा मैदान के लिए गांव बाहर जाना पड़ता था। जब मालूम हुआ कि स्वच्छ भारत मिशन अन्तर्गत अपने शौचालय का सपना सच हो सकता है तो देर न करते हुए अपने घर में शौचालय का निर्माण शुरू कर दिया। लाभान्वित हितग्राहियों ने बताया कि इसके लिये उसे शासन से 9000 रूपये की राशि प्राप्त हुई। शौचालय का निर्माण मनरेगा अभिसरण से किया गया है। ग्राम पंचायत खुडगांव में अधिकांश परिवारों के यहां अब अपने शौचालय है। 
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निर्माण कार्य के लिए एक लाख रुपए की
प्रशासकीय स्वीकृत जारी
      देवास, 25 फरवरी 2016/ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना अन्तर्गत देवास विधायक श्रीमती गायत्रीराजे पवार की अनुशंसा पर कलेक्टर द्वारा देवास विकासखंड ग्राम लसुड़िया सौंडा में शासकीय माध्यमिक विद्यालय भवन की बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए एक लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
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निर्माण कार्य के लिए 37 हजार रुपए से अधिक की
प्रशासकीय स्वीकृत जारी
      देवास, 25 फरवरी 2016/ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना अन्तर्गत सोनकच्छ विधायक राजेंद्र वर्मा की अनुशंसा पर कलेक्टर द्वारा सोनकच्छ विकासखंड के ग्राम निपानिया हुर-हुर में पानी की टंकी निर्माण के लिए 37 हजार 300 रुपए की प्रशासकीय राशि स्वीकृत की गई है।
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पेयजल व्यवस्था के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
      देवास 26 फरवरी 2016/ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्रीष्म ऋतु में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए विभाग के खंड कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम का टेलीफोन नंबर 07272-251573 हैं।
       कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड देवास ने बताया कि कंट्रोल रूम का प्रभारी पी.सी. गुप्ता मानचित्रकार को बनाया गया है। प्रकोष्ठ में सहायक के रूप में मो. जावेद सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा सीताराम वैष्णव दैनिक वेतनभोगी दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक कार्य करेंगे। शासकीय अवकाश के दिनों में मनोहर कुशवाह दैनिक वेतन भोगी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखंड तथा इकबाल शेख पंप ऑपरेटर दैनिक वेतन भोगी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखंड देवास सुबह 10.30 बजे शाम 5.30 बजे कार्य करेंगे।
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अपने शिशु/बच्चे का संपूर्ण टीकाकरण करवायें
         देवास, 25 फरवरी 2016/ प्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा सभी माता-पिता, अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि वे अपने शिशु/बच्चे को निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में लायें और संपूर्ण टीकाकरण करवायें। ये 7 टीके उनके बच्चे को कई जानलेवा बीमारियों से बचा सकते हैं। ये सभी टीके शासकीय अस्पतालों में बिल्कुल मुफ्त लगाये जाते हैं।
         बी.सी.जी. जन्म के 24 घन्टे के भीतर, हेपेटाइटिस बी. जन्म होने के 24 घन्टे के भीतर, पोलियो खुराक जन्म होने के 24 घन्टे के भीतर तथा 6 और 10 एवं 14 सप्ताह तथा 16 से 24 माह में और आपके इलाके में पोलियो रविवार के समय, पेन्टावेलेन्ट- छठवें, दसवें और चौदहवें सप्ताह में (डेढ़, ढाई एवं साढ़े तीन माह में), खसरा- 9 माह में एवं 16 से 24 माह में साथ ही विटामिन ए का सीरप भी दें, डी.पी.टी. बूस्टर 16 से 24 माह एवं 5 से 6 साल में तथा टिटनेस- 10 एवं 16 साल में लगाया जाता है।
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खेत में बची फसल की नरवाई कतई न जलायें

        देवास, 25 फरवरी 2016/ रबी की फसल की कटाई प्रारंभ हो चुकी है, इस बारे में जिले के किसान भाईयों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल, विशेषकर गेहूं की फसल की कटाई पश्चात खेत में बची फसल की नरवाई कतई न जलायें। अक्सर यह देखा जाता है कि फसल कटाई के पश्चात खेतों में बचे अवशेषों को आग लगाकर जला दिया जाता है। यदि इन अवशेषों को हल चलाकर मिट्टी में मिला दिया जाये, तो मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा में वृद्धि के साथ उसकी जलग्रहण क्षमता, संरन्ध्रता तथा पोषक तत्वों की उपलब्धता में वृद्धि होती है। सभी किसान भाईयों से अनुरोध किया गया है कि वे फसल की कटाई उपरान्त अवशेषों को खेतों में ही कतई न जलायें। इस बारे में अधिक जानकारी के लिये अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सम्पर्क करें।

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