Monday, 8 February 2016

08-02-2016
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र॥
पल्स पोलियो में आया, गया, सोया, नया पर रहेगा जोर
        देवास 08 फरवरी 2016/ पल्स पोलियो अभियान का द्वितीय चरण जिले में 21,22 और 23 फरवरी को चलाया जाएगा। प्रभारी कलेक्टर प्रबल सिपाहा ने सोमवार को सभी विभागों की बैठक लेकर इस अभियान में सक्रिय भागीदारी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता गृह भेंट करें। गृह भेंट में आया, गया, सोया तथा नया पर जोर रहेगा। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके दीक्षित सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे। नोडल अधिकारी डॉ. कैलाश कल्याणे ने अभियान की तैयारी से अवगत कराया।
        श्री सिपाहा ने बैठक में कहा कि अभियान के पहले चरण में 80 प्रतिशत कवरेज हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गृह भेंट के दौरान घर में आने वाले, घर से जाने वाले, घर में सोए हुए बच्चे और घर में नए अर्थात नवजात शिशु को पल्स पोलियो की दवा पिलाने पर विशेष जोर दिया जाए। बैठक में डॉ. कैलाश कल्याणे ने बताया कि द्वितीय चरण में 4 हजार 102 कर्मचारियों ड्यूटी लगाई गई है। कुल 1875 दल बनाए गए हैं। जिले में गांव-गांव दवा पिलाने का विशेष प्रचार किया जाएगा।
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जिले में खुलेंगे तीन नए लोक सेवा केंद्र
        देवास 08 फरवरी 2016/ जिले में तीन स्थानों पर नवीन लोकसेवा केंद्र खोले जाएंगे। उदयनगर, हाटपीपल्या और सतवास में खोले जाने वाले इन केंद्रों के लिए भवन उपलब्ध कराने के निर्देश प्रभारी कलेक्‍टर प्रबल सिपाहा ने संबंधित तहसीलदारों को दिए हैं।
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प्राकृतिक आपदा से राहत व बचाव के लिए अब एकीकृत प्रणाली
        देवास 08 फरवरी 2016/ प्राकृतिक आपदा से राहत बचाव नियंत्रण एवं निगरानी के लिए पूरे प्रदेश में एकीकृत प्रणाली कार्य करेगी। प्रभारी कलेक्टर प्रबल सिपाहा ने आज सोमवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक में सभी अधिकारियों को इस प्रणाली की जानकारी दी और विभागीय जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए। बैठक में जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी तथा अंतर विभागीय मामलों की समीक्षा की गई।
        श्री सिपाहा ने बताया है कि प्राकृतिक आपदा से बचाव के लिए राज्य शासन द्वारा केंद्रीयकृत व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके लिए वेबसाइट बनाकर व्यवस्था को ऑनलाइन किया जा रहा है। इसका टोल फ्री नंबर 1079 है। सभी विभागों को अपने संसाधनों की जानकारी उसमें दर्ज करने के निर्देश दिए गए। जिले के स्वयंसेवी संगठनों को भी इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। आज मंगलवार 9 फरवरी को इस संबंध में एक प्रशिक्षण आईटीआई परिसर देवास में रखा गया है।
हर गांव की सिंचाई योजना बनेगी
        बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की जानकारी दी गई। सभी एसडीएम को इस संबंध में अपने क्षेत्र के अंतर्गत योजना बनाने में केंद्रीय भूमिका के निर्देश दिए गए। बैठक में श्री सिपाहा ने बताया कि जिले के प्रत्येक गांव के प्रत्येक खेत में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए गांववासियों के सहयोग से योजना बनाई जाएगी। इसके लिए पानी का बजट अर्थात पानी की उपलब्धता और उपभोग की गणना की जाएगी।
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बिना अनुमति के कार्यालय नहीं छोड़े
       देवास 08 फरवरी 2016/ प्रभारी कलेक्टर प्रबल सिपाहा ने निर्देश दिए है कि कोई भी  अधिकारी/कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति प्राप्त किए आकस्मिक एवं अन्य अवकाश पर नहीं जाए। प्रभारी कलेक्टर ने निर्देश दिए है कि कार्यालय प्रमुख अपने अधीनस्थ अधिकारी, कर्मचारियों को बिना पूर्व अनुमति के कार्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं प्रदान करें। आकस्मिक अवकाश एवं अन्य अवकाश पर जाने से पूर्व अधिकारी कर्मचारी संबंधित अधिकारी एवं सक्षम अधिकारी को सूचित करें। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि विधानसभा सत्र 23 फरवरी से प्रारंभ होकर सत्र अवधि में शासन की विभिन्न विभागों से डाक एवं अन्य पत्र विभागों के प्राप्त होंगे।
       प्रभारी कलेक्टर ने निर्देश दिए है कि प्रत्येक अधिकारी अपने कार्यालय में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें कि सार्वजनिक अवकाश के दिनों में प्रात 10.30 बजे से सायं 6 बजे तक कार्यालय में एक लिपिक एवं एक अन्य भृत्य उपस्थित रहें ताकि विधानसभा की आवश्यक डाक प्राप्त कर सके। आदेश में कहा गया कि कलेक्टर कार्यालय से यदि किसी विधानसभा प्रश्न के संबंध में आवश्यक जानकारी चाही गई है तो वे तत्काल उपलब्ध कराएं।
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सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों का डाटा सत्यापन होगा
        देवास 08 फरवरी 2016/ आईएफएमआईएस परियोजना अंतर्गत पेंशन माडयूल का शीघ्र ही पायलट प्रारंभ किया जाना है। इस हेतु सभी कर्मचारियों का डाटा वेरीफिकेशन आहरण संवितरण अधिकारियों के स्तर पर किया जाएगा। इस आधार पर वर्ष 2016 में सेवा निवृत्त होने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का एम्पलाय डाटा वेरीफिकेशन किया जाना है जिससे कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियो के पेंशन प्रकरणो का निराकरण आईएफएमआईएस परियोजना के अंतर्गत पेंशन माडयूल में किया जा सके। इस हेतु सभी आहरण संवितरण अधिकारियों को निर्देश दिए गये है कि वे वर्ष 2016 में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों का डाटा सत्यापन तथा शेष कर्मचारियों का डाटा सत्यापन करे।
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तेन्दूपत्ता संग्रहण दर बढ़कर 1250 रुपये प्रति मानक बोरा
भोपाल में खुलेगी वन अकादमी
कृषि वानिकी नीति इसी वर्ष
तेंदू पत्ता संग्राहकों, वन समितियों के महा-सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की घोषणाएँ
       देवास 08 फरवरी 2016/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिवस भोपाल के जम्बूरी मैदान में तेंदूपत्ता संग्राहकों तथा वन समितियों के सदस्यों के राज्य स्तरीय महा-सम्मेलन में तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 950 रूपये प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर रूपये 1250 प्रति मानक बोरा करने की घोषणा की।
       श्री चौहान ने कहा कि भोपाल में वन अकादमी की स्थापना की जायेगी। इसमें वनकर्मियों, संयुक्त वन प्रबंधन और लघु वनोपज प्राथमिक सहकारी समितियों, बाँस शिल्पकारों एवं कृषकों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। कृषकों के माध्यम से वृक्ष एवं बाँस की खेती को बढ़ावा देने के लिये राज्य की कृषि वानिकी नीति इसी वर्ष घोषित की जायेगी। उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण वर्ष में आवासहीन गरीब परिवारों को मकान की सुविधा दी जायेगी।
       श्री चौहान ने वन समितियों से वनों की रक्षा करने का आव्हान करते हुए कहा कि प्राथमिक लघु-वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधकों का मानदेय 5000 रूपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 6000 रूपये प्रतिमाह किया जायेगा। तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ पहुँचाने के लिये दुर्घटना में मृत्यु होने पर सहायता राशि 25 हजार से बढा़कर 2 लाख रूपये कर दी जायेगी। इसमें से एक लाख सरकार की ओर से और एक लाख रूपये बीमा कंपनी की ओर से दिये जायेंगे। पूर्ण अपंगता की स्थिति में अब एक लाख रूपये मिलेंगे। संग्राहक की सामान्य मृत्यु की स्थिति में 25 हज़ार की सहायता राशि दी जायेगी।
       श्री चौहान ने कहा कि इस वित्त वर्ष में काष्ठ एवं बाँस लाभांश के लिये 45 करोड़ 40 लाख के लाभांश का वितरण शुरू कर दिया गया है। वन समितियों को दिये जाने वाले काष्ठ लाभांश को 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हर साल वनमण्डलवार, वृत्तवार एवं राज्य स्तर पर सबसे अच्छा कार्य करने वाली संयुक्त वन प्रबंधन समिति एवं प्राथमिक लघु-वनोपज सहकारी समिति को नगद पुरस्कार देने की योजना लागू की जायेगी। वन विकास निगम के वृक्षारोपण में भी संयुक्त वन प्रबन्ध समितियों की भागीदारी बढ़ाकर उन्हें और लाभांश दिया जायेगा।
       मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य-जीवों द्वारा किसानों की फसल हानि को प्राकृतिक आपदा से हुई हानि की श्रेणी से अलग कर उसका मुआवजा राजस्व के स्थान पर अब वन विभाग द्वारा दिया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि वन्य जीवों से होने वाली जनहानि की क्षतिपूर्ति राशि डेढ़ लाख से बढ़ाकर 4 लाख रूपये की जायेगी। वन्य-जीवों द्वारा पालतू पशु को घायल करने पर भी मुआवजा दिया जायेगा।
       मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसी भी स्त्रोत से पौधे प्राप्त कर लगाने पर कृषकों को प्रोत्साहन राशि मिलेगी। अभी तक केवल वन विभाग की शासकीय रोपणी से पौधा खरीद कर लगाने पर ही प्रोत्साहन राशि दी जाती थी।
       निजी भूमि पर रोपण के लिये प्रोत्साहन राशि को 10 रूपये प्रति पौधा से बढ़ाकर 25 रूपये प्रति पौधा किया जायेगा। इसी प्रकार वृक्षारोपण की प्रेरणा देने वाले वनदूत को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को 4  प्रति पौधा से बढ़ाकर 7 रूपये प्रति पौधा की जायेगी। उन्होंने कहा कि निस्तारी डिपो और बाँस डिपो को विक्रय केन्द्र का दर्जा मिलेगा। इन केन्द्रों द्वारा पात्र लोगों को रियायती दर पर बाँस देने की क्षतिपूर्ति अब सरकार करेगी।
       मुख्यमंत्री ने वन समितियों को तेंदूपत्ता बोनस एवं काष्ठ तथा बाँस लाभांश की राशि प्रदान की। उन्होंने लघु वनोपज संघ के नये औषधीय उत्पाद गर्भणीरक्षक बटी और वमनरक्षक बटी  उत्पाद लांच किया। उन्होंने लघु वनोपज संघ की प्राथमिक वनोपज समितियों जिला यूनियन की डायरेक्ट्री का विमोचन किया।  प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री नरेन्द्र कुमार ने स्वागत भाषण दिया।
       वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि वन ही जीवन है। प्राण-वायु के साथ ही वन आजीविका का भी बड़ा स्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन सम्पदा और सम्पत्ति पर वनवासियों का पूरा अधिकार है। शासन ने निजी भूमि पर वृक्षारोपण प्रोत्साहन की योजना प्रारंभ की है। निजी भूमि पर होने वाले वन प्रजाति के 53 वृक्षों को ट्राजिट पास से मुक्त किया गया है। इससे निजी भूमि पर होने वाले वृक्षों के विक्रय में अब दिक्कत नहीं आयेगी।
       पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश में लगभग 32 लाख तेंदूपत्ता से ग्राहक और 20 लाख बीड़ी श्रमिकों के आजीविका का प्रमुख स्त्रोत वन और उसके उत्पाद है। उन्होंने वन उत्पादों की गुणवत्ता और उनके प्र-संस्करण को और अधिक बेहतर बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता के उत्पाद की अधिक कीमत मिलने से संग्राहक और श्रमिकों की आय में वृद्धि होगी।
       कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने कृषि और वन विभाग के संयुक्त संवर्धन प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने बताया कि वनों के सूखे पत्तों से जैविक खाद बनाने और वन्य-प्राणियों से फसल को बचाने के लिये परियोजना बनाई जा रही है। सांसद एवं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष श्री नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वन सुरक्षा समितियों को मजबूत बनाने के प्रभावी कार्य किये हैं। उन्होंने कहा कि वनवासी वनों के पालक है। उनका संरक्षण-संवर्धन वनों के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
        तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, विधायक श्री विष्णु खत्री, राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री महेश कोरी, राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री गुरू प्रसाद शर्मा, प्रमुख सचिव वन श्री दीपक खांडेकर, वरिष्ठ वन अधिकारी और हजारों की संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक और वनोपज समितियों के सदस्य उपस्थित थे।
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आपदा प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला आज
                देवास 08 फरवरी 2016/ आपदा प्रबंधन में शासकीय विभागों, स्थानीय प्रशासन, औद्योगिक इकाइयों, अशासकीय संगठन तथा समाजसेवी संगठन के मानवीय एवं उपकरणीय संसाधनों की जियो टेगिंग कर आपदा या आकस्मिक परिस्थितियों में उपयोग करने के लिए वेब पोर्टल, मोबाइल एप तथा सॉफ्टवेयर बनाया गया है। इसके प्रशिक्षण के लिए प्रभारी कलेक्टर प्रबल सिपाहा के निर्देश पर आज मंगलवार 9 फरवरी को क्षेत्रीय क्षमता संवर्धन केंद्र (आरसीबीसी) आईटीआई परिसर विकास नगर देवास में एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन रखा गया है। इस संबंध में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए वरिष्‍ठ प्रशिक्षक आरसीबीसी अंकितसिंह बिसेन देवास 92294-46674 से संपर्क किया जा सकता है।
   प्रभारी कलेक्टर प्रबल सिपाहा द्वारा जारी आदेश में कार्यशाला के लिए तय किए गए समय अनुसार सुबह 11 से 12 बजे तक गैर शासकीय संगठन (NGO), दोपहर 12 से 1 बजे तक उद्योग विभाग एवं औद्योगिक संस्थाएं तथा श्रम विभाग, दोपहर 2 से 3 बजे तक राजस्व, खाद्य, लोनिवि, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय विभाग, शिक्षा विभाग, विद्युत विभाग, परिवहन विभाग तथा अन्य शासकीय विभाग, दोपहर 3 से 4 बजे तक स्वास्थ्य विभाग (शासकीय-अशासकीय हॉस्पिटल एवं डॉक्टर्स) तथा शाम 4 बजे से 5 बजे तक जिला पंचायत, समस्त जनपद, देवास‍ विकास प्राधिकरण एवं नगर निगम देवास शामिल होंगे। प्रभारी कलेक्टर ने निर्देश दिए है कि कार्यशाला में विभागों के अधिकारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर उपस्थित रहें।



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