23-02-2016
॥ स मा चा र॥
जनसुनवाई में
आवेदकों ने दिए आवेदन
जिला पंचायत को दो और जनपद पंचायत को सीधे मिलेंगे
एक करोड़
जिला, जनपद पंचायतों को राजस्व संबंधी मामलों में व्यापक अधिकार मिलेंगे
केवल खरीफ मौसम में ही होगा
मक्का का उपार्जन
जिला जनसंपर्क कार्यालय,
देवास
॥ स मा चा र॥
जनसुनवाई में
आवेदकों ने दिए आवेदन
देवास 23 फरवरी 2016/ जिला मुख्यालय में जनसुनवाई
में आज मंगलवार को मल्हार स्मृति मंदिर में आवेदकों ने पुलिस अधीक्षक शशिकांत शुक्ला
एवं एसडीएम सारिका भूरिया के समक्ष आवेदन पत्र प्रस्तुत किए। पुलिस अधीक्षक एवं एसडीएम
ने सभी पर सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवेदनों की जांच कर त्वरित निराकरण
के निर्देश दिए। जनसुनवाई में एडिशनल एसपी राजेश रघुवंशी सहित अन्य विभागों के जिला
अधिकारी उपस्थित थे।
आईडी निरस्त
कराई जाए
आवेदिका मीना पटेल ने आवेदन देते हुए में
बताया कि उसने वर्ष 2014-15 में केपी कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष के लिए एडमिशन लिया
था। एक वर्ष बाद मैंने वहां से टीसी निकालकर जनरल नर्सिंग में एडमिशन ले लिया है। वह
जब पढ़ाई के दौरान उसके द्वारा छात्रवृत्ति का फॉर्म भरा तो उसका फॉर्म नहीं भरा गया।
कॉलेज वालों का कहना है कि जब तक पिछली आईडी निरस्त नहीं होगी तब तक फॉर्म नहीं भरा
जाएगा। वहीं केपी कॉलेज जाती हूं तो वहां से मना कर देते हैं। उसे कठिनाइयों का सामना
करना पढ़ रहा है। उसकी पुरानी आईडी निरस्त करवाई जाए। आवेदन पत्र को निराकरण के लिए
संबंधित विभाग को प्रेषित किया गया।
बीपीएल राशन
कार्ड में नाम जुड़वाए
आवेदक रमेश पिता डोमा दबड़े निवासी शिवशक्ति
नगर देवास ने आवेदन देते हुए बताया कि वह अत्यंत गरीब है तथा किराए के मकान में
रहता है। उसका नाम बीपीएल सूची में जुड़वाया जाए। आवेदन पत्र को निराकरण के लिए संबंधित
विभाग को प्रेषित किया गया।
कोटवारी की सेवा भूमि की
पावती बनाई जाए
आवेदक पूरण पिता उमराव निवासी टोंककला
तहसील टोंकखुर्द ने आवेदन में बताया कि वह पिछले 15 वर्ष से ग्राम टोंककला में रहकर
कोटवारी का कार्य कर रहा है। उसे उसके पिताजी के समय से जमीन दी गई थी। जिस पर वह फसल
पैदा करता है। उसे उस भूमि की पावती आज दिनांक नहीं मिली। उसे भूमि की पावती बनाई
जाए। आवेदन पत्र को निराकरण के लिए संबंधित विभाग को प्रेषित किया गया।
गरीबी रेखा सूची में फिर
से नाम जुड़वाए
आवेदिका कमलाबाई पति छोगालाल निवासी हाटपीपल्या
ने आवेदन में बताया कि वह गरीब है तथा उसका नाम पहले गरीबी रेखा की सूची में जुड़ा
हुआ था। उसे दो साल से राशन नहीं मिल रहा है। उसक नाम बीपीएल राशन कार्ड की सूची
में से काट दिया है। उसका नाम फिर से बीपीएल सूची में जोड़ दिया जाए। आवेदन पत्र को
निराकरण के लिए संबंधित विभाग को प्रेषित किया गया।
भूमि का वापस दिलवाई जाए
आवेदिका लीलाबाई पति लीलाधर निवासी ग्राम
चिड़ावद तहसील टोंकखुर्द ने आवेदन में बताया कि उसकी भूमि को धोखे से अन्य व्यक्ति
ने खरीद ली है। जब कि उसने उस जमीन को बेचा ही नहीं है। उसे उसकी भूमि वापस दिलवाई
जाए। आवेदन पत्र को निराकरण के लिए संबंधित विभाग को प्रेषित किया गया।
खेत पर जाने के रास्ते पर
से अतिक्रमण हटवाया जाए
आवेदिका रंभाबाई पति स्व. बद्रीलाल,
बाबूलाल बद्रीलाल तथा गोवर्धनसिंह बद्रीलाल निवासी किंदुरिया तहसील टोंकखुर्द ने
आवेदन में बताया कि उनका खेत गांव से लगी भूमि पर है, जहां आने-जाने के लिए शासकीय
आम रास्ता है। वहां पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है तथा हमें वहां से निकलने नहीं
दिया जा रहा है। हमारी समस्या का निराकरण करते हुए खेत पर जाने वाले रास्ते पर से
अतिक्रमण हटवाए। आवेदन पत्र को निराकरण के लिए संबंधित विभाग को प्रेषित किया गया।
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सफलता की कहानी
बछखाल में हुआ
बास्केटबाल ग्राउण्ड का निर्माण
देवास
23 फरवरी 2016/ जिले के खातेगांव विकासखण्ड की ग्राम पंचायत बच्छखाल के माध्यमिक
शाला बोरदा में बास्केटबाल ग्राउण्ड का निर्माण होने से यहां के बच्चे बेहद उत्साहित
हैं। बच्चों को अब अपना बास्केटबाल मैदान मिल गया है। ग्राम पंचायत बच्छखाल में प्राथमिक
एवं माध्यमिक विद्यालय साथ-साथ ही लगते हैं अतः स्कूल परिसर में खेल मैदान तो था परन्तु
बास्केटबाल ग्राउण्ड की कमी अखरती थी। बच्चों की अभिरूचियों को देखते हुए ग्राम पंचायत
द्वारा यहां बास्केटबाल ग्राउण्ड का प्रस्ताव रखा गया। जिसे स्वीकार कर लिया गया। इस
प्रकार स्कूल के प्राथमिक-माध्यमिक शाला के बच्चों को एक ही परिसर में दो खेल मैदान
मिल गये। बच्चे अब अन्य खेलों के साथ साथ बास्केटबाल का भी आनन्द लेते हैं।
ग्राम पंचायत
सचिव ने बताया कि खेल मैदान का निर्माण मनरेगा योजना अन्तर्गत किया गया है। खेल मैदान
निर्माण के लिए 126000 लाख की राशि स्वीकृत की गई। जिसमें से 93,292 मजदूरी एवं
12600 सामग्री पर व्यय हुए।
गांव की विशेषताएं
उक्त गांव जिले की खातेगांव तहसील के पास स्थित
है। कहने को तो यह गांव पर यहां आने के बाद ऐसा लगता है कि हम किसी शहर की पॉश कालोनी
में आ गए हैं। गांव में प्रवेश करने के बाद चारों तरफ पेड़-पौधे लगे हुए नजर आते है।
गांव की सड़के साफ-स्वच्छ दिखाई देती है। कचरा रहित गांव है कहीं भी कुड़ा करकट नहीं
दिखाई देता है। गांव की हर गली में डस्टबीन रखी हुई है। गांव के चौराहें सुंदर एवं
सुसज्जित बने हुए है, चौराहों पर संकेतक लगे हुए है। प्रत्येक चौराहें पर सुविधा घर
बने हुए है। यहां के प्रत्येक घर में शौचालय बने हुए हैं। उक्त गांव को खुले में शौच
मुक्त गांव घोषित कर दिया गया है। घरों की दीवारों पर महापुरूषों की चित्र बनाए गए
हैं।
पहले नहीं था सुंदर
गांव की सरपंच
गीता लक्ष्मीनारायण गोरा ने बताया है कि गांव पहले इतना सुंदर नहीं था। जगह-जगह पर
गंदगी थी। लोग पहले उक्त सफाई के काम को पंचायत एवं सरकार का काम समझते थे, लेकिन लोगों
ने फैसला लिया की गांव अपना तथा इसका सुंदर बनाने के लिए हमें ही कुछ करना चाहिए। लोगों
ने अपने घरों की सफाई करने के बाद सड़क की सफाई करने का जिम्मा लिया। आज सभी की मेहनत
रंग लाई और गांव काफी सुंदर हो गया।
85 प्रतिशत लोग
साक्षर
सरपंच ने बताया कि पूरा गांव 85 प्रतिशत साक्षर है।
यहां लोगों को आत्म निर्भर बनाने पर खासा जोर दिया जा रहा है। बच्छखाल गांव में आया
बदलाव आज एक मिसाल बन गया है। इस बदले स्वरूप को देखने के लिए प्रदेश सहित अन्य प्रांतों
के लोग भी यहां पर आ रहे हैं।
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जिला पंचायत को दो और जनपद पंचायत को सीधे मिलेंगे
एक करोड़
जिला, जनपद पंचायतों को राजस्व संबंधी मामलों में व्यापक अधिकार मिलेंगे
देवास 23 फरवरी 2016/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने त्रि-स्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को
और अधिक सशक्त बनाने के लिए पंचायतों को व्यापक प्रशासनिक, वित्तीय और राजस्व संबंधी
अधिकार देने का निर्णय गत दिवस लिया है।
वित्तीय अधिकार
अब प्रत्येक
जिला पंचायत को दो करोड़ तथा प्रत्येक जनपद पंचायत को एक करोड़ की राशि राज्य वित्त
आयोग के द्वारा अनुशंसित शेयर में से सीधे विभाग द्वारा जारी की जाएगी। इस राशि से
कौन से कार्य किए जाना है इसका निर्णय संबंधित जिला या जनपद पंचायत द्वारा लिया जाएगा।
आवंटित राशि समानुपातिक रूप से प्रत्येक सदस्य में आवंटित करने के लिये पंचायत स्वतंत्र
होंगी।
राज्य
वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित राशि तथा स्टाम्प शुल्क की निर्धारित राशि का आवंटन जिला
/ जनपद पंचायतों को मापदण्ड बनाकर किया जाएगा। इस राशि का व्यय जिन कार्यों पर किया
जाना है उसकी प्राथमिकता संबंधित संस्था द्वारा तय की जाएगी ताकि गुणवत्तापूर्ण स्थाई
परिसंपत्ति का निर्माण हो सके। राज्य शासन से प्राप्त होने वाली जन-भागीदारी की राशि
आनुपातिक रूप से जिला पंचायत को उपलब्ध करवायी जायेगी।
प्रशासनिक अधिकार
स्थानांतरण
के फलस्वरूप ग्राम पंचायत सचिवों को बार-बार सचिव के रूप में अधिसूचित करने की आवश्यकता
नहीं होगी। राज्य शासन द्वारा तैयार स्थानांतरण नीति के अनुसार ग्राम सचिव का जनपद
के अंतर्गत स्थानांतरण जनपद पंचायत तथा जनपद से अन्य जनपद में जिला पंचायत द्वारा किया
जायेगा। जिला पंचायत/जनपद पंचायत के कर्मचारियों के स्थानांतरण की नीति बनाई जाएगी
।
राज्य
शासन द्वारा जिला पंचायत/जनपद पंचायत ’’कार्यालयीन कार्य प्रक्रिया संहिता’’ तैयार
की जायेगी। प्रशासनिक अधिकारों के अंतर्गत अब नस्तियाँ निम्नानुसार अध्यक्ष जिला पंचायत/जनपद
पंचायत को भेजी जायेगी -
·
जिला पंचायत/जनपद पंचायत के कार्यालयीन स्टाफ की स्थापना
से संबंधित नस्ती अनुमोदनार्थ।
·
साधारण सभा/स्थाई समितियों की बैठको की एजेंडा नस्ती
अनुमोदनार्थ।
·
बैठकों की कार्यवाही विवरण संबंधी नस्ती अनुमोदनार्थ।
·
जिला पंचायत के समन्वय के अंतर्गत दिए गए विभागों
के वार्षिक बजट संबंधी नस्ती अनुमोदनार्थ।
·
जिला एवं जनपद पंचायत के स्वामित्व की परिसंपत्तियों
के आय-व्यय संबंधी नस्ती अनुमोदनार्थ।
·
कर, उपकर, पथकर, शुल्क, फीस इत्यादि के अधिरोपण संबंधी नस्ती अनुमोदनार्थ।
जिला पंचायत/ जनपद पंचायत के स्वामित्व/ प्रबंधन की संपत्ति संबंधी नस्ती अनुमोदनार्थ।
जिला पंचायत/ जनपद पंचायत के स्वामित्व/ प्रबंधन की संपत्ति संबंधी नस्ती अनुमोदनार्थ।
·
स्थाई समितियों का कार्यवाही विवरण अवलोकनार्थ।
·
विभागों व्दारा किए गए कार्य एवं व्यय की जानकारी
अवलोकनार्थ।
कार्य दक्षता बढ़ाने मिलेंगी सुविधाएँ
·
जिला/जनपद अध्यक्षों को शासकीय कार्य हेतु कम्प्यूटर
या लेपटाप उपलब्ध करवाये जाएंगे।
·
जिला पंचायत अध्यक्ष को निज सहायक की सेवा जिला पंचायत
के उपलब्ध स्टाफ से दी जायेगी।
·
जिला पंचायत अध्यक्ष तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष को
क्रमशः 275 लीटर तथा 100 लीटर डीजल की पात्रता होगी।
·
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं खेत सडक योजना की
जिले की वार्षिक कार्य योजना जिला पंचायत के समक्ष अवलोकनार्थ प्रस्तुत की जाएगी। जिला
पंचायत द्वारा आवश्यक सुझाव दिए जा सकेंगे, जिसमें विभाग व्दारा पृथक से कार्यवाही
की जाएगी।
·
सरपंच को एक बार में आकस्मिकता व्यय हेतु 10,000 रूपये
नगद आहरण की अनुमति होगी। वर्षभर में यह आहरण 1 लाख रूपये से अधिक नहीं किया जाएगा।
·
पंच का मानदेय 100 से बढ़ाकर 200 रूपये किया जाएगा।
वर्ष में यह राशि अधिकतम 1200 रूपये होगी। पंचों का भत्ता बैठक की समाप्ति के तुरंत
बाद उन्हें दिया जायेगा।
राजस्व संबंधी अधिकार
·
पंचायत राज संस्थाओं को निम्नानुसार राजस्व संबंधी
अधिकार होंगे -
·
अविवादग्रस्त नामांतरण-धारा 110 की तहसीलदार की शक्तियों
का सौंपा जाना।
·
सीमा चिन्हों का पर्यवेक्षण। धारा 128 की तहसीलदार
की शक्तियों का सौंपा जाना।
·
सीमा चिन्हों को क्षति पहुँचाने पर शास्ति धारा
130 की तहसीलदार की शक्तियों का सौंपा जाना।
·
कोटवार की नियुक्ति के लिये अनुशंसा धारा 230 के नियम
के अंतर्गत। सार्वजनिक तालाबों की व्यवस्था धारा 251 के नियम अंतर्गत।
·
ग्राम सभा में समस्त पटवारी अभिलेख, खसरा पंचसाला,
अधिकार अभिलेख, निस्तार पत्रक आदि की प्रति रखी जाने बाबत्।
·
आबादी में आवासहीनों को भू-खंड का आवंटन धारा 244
के अधीन बने नियम के अंतर्गत।
·
अविवादित बँटवारा धारा 178 की तहसीलदार की शक्तियों
का सौंपा जाना।
जहां भी
पटेल व्यवस्था नहीं है, वहाँ ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव संयुक्त रूप से पटेल
के कर्त्तव्यों के लिए उत्तरदायी बनाये जाये। धारा 142 और ग्राम पंचायत का समस्त अधिकार
धारा 222-229। फसल कटाई प्रयोग की जानकारी ग्रामसभा में रखी जायेगी। बीपीएल की सूची
में नाम जोड़ने तथा नाम विलोपन पश्चात् सूची ग्राम पंचायत को अवलोकन हेतु प्रस्तुत
की जायेगी। संयुक्त वन प्रबंधन के अंतर्गत गठित समस्त प्रकार की समितियों का संचालन
ग्राम सभा के पर्यवेक्षण में रहेगा।
जिन विभागों
के अधिकार त्रि-स्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को प्रत्यायोजित है, वे यह सुनिश्चित करेंगे
कि कार्यों संबंधी निर्णय उन संस्थाओं की स्थाई समितियों के माध्यम से हो। विभागों
द्वारा गठित अन्य समितियों की आवश्यकता पर पुनर्विचार करने के लिए राज्य स्तर पर समिति
गठित की जावेगी, जिसमें पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी रखा जायेगा। पंचायत
राज संस्थाओं को और सशक्त करने के लिए भी यह समिति अनुशंसाएँ देगी। इन सभी निर्णयों
पर तत्काल प्रभाव से क्रियान्वयन की कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिये मुख्यमंत्री
द्वारा सभी विभागों को निर्देशित किया गया है।
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केवल खरीफ मौसम में ही होगा
मक्का का उपार्जन
देवास 23 फरवरी 2016/प्रदेश सरकार ने मक्का
की फसल का उपार्जन केवल खरीफ के मौसम में ही करने का निर्णय लिया है। रबी के मौसम में
मक्का के उपार्जन के संबंध में पूर्व में जो आदेश जारी किये गये थे, उनमें राज्य सरकार
द्वारा संशोधन कर दिया गया है। अब रबी मौसम में मक्का का उपार्जन नही होगा, केवल खरीफ मौसम में ही मक्का का उपार्जन होगा।
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