Wednesday, 27 May 2015

27 मई 2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास

॥ स मा चा र॥

स्टाम्प वेंडर की जगह अब सेवा प्रदाता

 लाइसेंस ऑनलाइन दिए जाएंगे

     देवास 27 मई 2015/ सम्पूर्ण प्रदेश में दस्तावेजों का संपदा एप्लीकेशन द्वारा ई-पंजीयन अतिशीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके द्वारा ऑनलाइन पंजीयन किया जाएगा। इसके अंतर्गत स्टाम्प वेन्डर एवं दस्तावेज लेखकों के स्थान पर अब सर्विस प्रोवाइडर (सेवा प्रदाता) को लाइसेंस दिए जाएंगे। सेवा प्रदाता के लाइसेंस के लिए स्टाम्प नियम 26 के अंतर्गत पात्रता निर्धारित की गई है। लाइसेंस के लिए आवेदन ऑनलाइन ही किए जा सकेंगे।
सेवा प्रदाता की पात्रता
     कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी ने बताया कि सेवा प्रदाता बनने के लिए आवेदक के पास कम्प्यूटर, प्रिंटर बायोमैट्रिक डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक राइटिंग पेन, वेब कैमरा, यूपीएस, स्कैनर, कम्प्यूटर पैरीफेरल तथा ब्रांड बैंड/हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन होने चाहिएं। ई-स्टांपो के विक्रय एवं अन्य संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए साख-सीमा प्राप्त करने के लिए वित्तीय रूप से समक्ष होना चाहिए। वह कम्प्यूटर के प्रचालन की जानकारी रखता हो, 21 वर्ष से अधिक आयु का एवं 12वीं उत्तीर्ण हो तथा किसी भी शासकीय विभाग/शासकीय उपक्रम/स्थानीय निकाय में नियोजित नहीं हो। हिन्दी तथा अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम हो और भारतीय स्टांप अधिनियम एवं रजिस्ट्रीकरण अधिनियम तथा उनके अधीन बनाए गए नियमों का कामकाजी ज्ञान रखता हो।
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
     कोई भी इच्छुक व्यक्ति सर्विस प्रोवाइडर के लाइसेंस के लिए विभागीय वेबसाइट www.mpigr.gov.in में जाकर नए उपयोगकर्ता के रूप में अपना यूजर आईडी तथा पासवार्ड तैयार करेगा, तत्पश्चात बाएं टैब में 'सेवा प्रदाता' फील्ड में जाकर सेवा सुविधाओं के अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन की लिंक पर क्लिक करेगा। अगली स्क्रीन पर सेवा प्रदाता का प्रकार जैसे व्यक्तिगत अथवा संस्था का चयन किया जाकर अन्य जानकारियों जैसे, शैक्षणिक  योग्यता, ज्ञात भाषाओं आदि का चयन कर अपने कार्य स्थल का विवरण दर्ज करेगा। इसके उपरांत दी गई फील्ड्स जैसे नगर, तहसील इत्यादि का चयन किया जाएगा। इसके उपरांत आवश्यक दस्तावेज जैसे जन्मतिथि प्रमाण-पत्र, चरित्र प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्र, आपराधिक गतिविधियों में सम्मिलित न होने संबंधी शपथ-पत्र, पी.ए.एस. की आवश्यकता के अनुसार हार्डवेयर की उपलब्धता का हलफनामा तथा कार्य स्थल संबंधी स्वयं का मकान या किरायानामा आदि दस्तावेज तथा सेवा प्रदाता के स्वयं के फोटोग्राफ स्केन कर अपलोड किए जाकर आवेदन सबमिट किया जाएगा।
अनुमोदन का मिलेगा संदेश
     आवेदन जिला पंजीयक द्वारा अनुमोदित किए जाने पर आवेदक को संदेश प्राप्त होगा, जिसके उपरांत वह 'सेवा प्रदाता लाइसेंस आवेदन' में जाकर नियत फीस 1000 रूपए का भुगतान ऑनलाइन अथवा चालान द्वारा कर सकेगा। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जून 2015 निर्धारित की गई है।
क्रमांक 165/316/27-05-2015
अति-वर्षा एवं बाढ़ से निपटने करें  की पूर्व तैयारियाँ

सभी जिलों में नियंत्रण-कक्ष जरूरी, देवास है बाढ़ संभावित जिला

     देवास 27 मई 2015/ राज्य शासन द्वारा अति-वर्षा एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने की पूर्व तैयारियों के संबंध में हुई बैठक में समस्त संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स को निर्देश दिये गये हैं कि संभावित जिले में कंट्रोल-रूम 15 जून, 2015 तक आवश्यक रूप से खोलें। तहसील-स्तर पर भी आवश्यकतानुसार कंट्रोल-रूम खोला जाये। अधीक्षक भू-अभिलेख को कंट्रोल-रूम का प्रभारी अधिकारी नियुक्त करें।
   प्रभारी अधिकारी बाढ़ संबंधी समस्त जानकारी से पूरी तौर पर अवगत होकर राहत आयुक्त और अन्य अधिकारियों को जानकारी देने के लिये जिम्मेदार होगा। प्रभारी अधिकारी का नाम, टेलीफोन नम्बर, फेक्स नम्बर आदि की जानकारी राहत आयुक्त कार्यालय को तुरंत दी जाये। यह जानकारी आम नागरिकों को देने के लिये समाचार-पत्रों में भी प्रकाशित करें।
   जिले में बाढ़ की आकांक्षा पर नियंत्रण-कक्ष 24 घंटे कार्यरत रखा जाये और बाढ़ की स्थिति की जानकारी राज्य-स्तर के कंट्रोल-रूम तथा सेना के सब एरिया कमाण्डर भोपाल को दी जाये। राज्य-स्तर के कंट्रोल-रूम को स्थिति से लगातार अवगत करवाया जायेगा। बाढ़ संबंधी प्रतिवेदन की अद्यतन जानकारी की एक प्रति कंट्रोल-रूम में रखी जायेगी, जिससे आवश्यक होने पर जानकारी ली जा सके।
   जिले में स्थापित वर्षा-मापक केन्द्र द्वारा दैनिक वर्षा की जानकारी संचालक मौसम केन्द्र, अरेरा हिल्स, भोपाल के फेक्स क्रमांक 0755-2552743 एवं ई-मेल mausambhopal@redifmail.com  पर दी जा सकती है।
   ऐसे क्षेत्र, जहाँ अक्सर बाढ़ आती है, वहाँ निगरानी की विशेष व्यवस्था की जायेगी। आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर लोगों को पहुँचाने तथा ठहराने के लिये केम्प आदि के स्थानों की पहचान के साथ सम्पूर्ण योजना भी तैयार होगी। ऐसे क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से बचाव की जानकारी देकर प्रशिक्षित किया जायेगा। इस कार्य में पंचायतों, नगरपालिका एवं स्थानीय स्वयंसेवी संस्था को संबद्ध किया जायेगा। बाढ़ बचाव संबंधी उपकरण भी शीघ्र ठीक करवायें जायेंगे।
   जिन जिलों में मोटर-बोट्स तथा बोट्स उपलब्ध हैं, इसकी जानकारी तत्काल राहत आयुक्त को भेजें। बाढ़ की स्थिति में पुलिस बल और होमगार्डस की मदद ली जाये। इसके बाद की स्थिति में सेना की मदद लेने का निर्णय संभागीय कमिश्नर से विचार-विमर्श कर लिया जाये। इसकी जानकारी तत्काल प्रमुख सचिव राजस्व तथा राहत आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से टेलीफोन पर दें।
   प्रदेश में बाढ़ संभावित जिले - देवास, ग्वालियर, मुरैना, मंदसौर, गुना, भिण्ड, जबलपुर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, दमोह, विदिशा, खण्डवा, रायसेन, मण्डला, छिन्दवाड़ा, बैतूल, रतलाम, खरगोन, धार, बालाघाट, सतना, रीवा, छतरपुर, शिवपुरी, झाबुआ, सागर, हरदा, बड़वानी, श्योपुर, नीमच, कटनी तथा डिण्डोरी हैं। जिन दुर्गम क्षेत्रों में बाढ़ के कारण नहीं पहुँचा जा सकता है, वहाँ पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री तथा जीवन-रक्षक दवाइयाँ आदि पहले से उपलब्ध होना चाहिये।
   बाढ़ से हुई हानि/नुकसान की जानकारी नियमित रूप से भारत शासन, गृह मंत्रालय के कंट्रोल-रूम के दूरभाष 011-23093563, 011-23093564 फैक्स क्रमांक 011-23093750 तथा राज्य-स्तर के कंट्रोल-रूम दूरभाष 0755-2441419 एवं फैक्स क्रमांक 0755-2440032, 2440032 पर दी जायेगी।
क्रमांक 166/317/27-05-2015

 

जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास

॥ स मा चा र॥

1 से 3 जून तक होगा कृषि मेला

कलेक्टर ने दिए व्यवस्थाओं संबंधी निर्देश

     देवास 27 मई 2015/ किसानों को कृषि की उन्नत तकनीकि की जानकारी एवं खेती में लगने वाले कृषि आदान उन्नत बीज, खाद, दवाई एवं नवीनतम कृषि उपकरण, उन्नत सिंचाई के साधन आदि की जानकारी एक ही स्थान पर दिलाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय पर 1 जून से 3 जून तक कृषि उपज मंडी समिति प्रांगण क्रमांक 2 में कृषि मेला 2015 का आयोजन किया जा रहा है।
     कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी ने संबंधित विभागों को मेले के आयोजन की व्यवस्थाओं संबंधी निर्देश दिए हैं।
स्टॉल लगेंगे
     मेले में विभिन्न कृषि उत्पाद निर्माण कंपनियां अपने स्टॉल लगाकर किसान उपयोगी जानकारियां देंगे। इस संबंध में कलेक्टर ने कृषि उत्पाद निर्माण कंपनियों को पत्र लिखकर कहा है कि वे मेले में अपनी कंपनी का स्टॉल/प्रदर्शनी लगाकर कंपनी के नवीन उत्पादों का जीवंत प्रदर्शन के माध्यम से किसानों को जानकारी देकर लाभांवित कराएं। स्टॉल बुकिंग जिला उप संचाकलक कृषि, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, जिला देवास के कार्यालय में निर्धारित शुल्क जमा कराएं। स्टॉल पंजीयन शुल्क रूपए 2000 प्रति स्टॉल होगा। मेला स्थल पर प्रति स्टॉल 15x15 के स्टॉल में 2 टेबल, 3 कुर्सियां, बिछात एवं स्टॉल बंद करने के लिए कनात की व्यवस्था होगी। स्टॉल पंजीयन शुल्क नगद राशि/बैंक ड्राफ्ट मां चामुंडा एग्रीकल्चर टेक्नॉलाजी मैनेजमेंट एजेंसी आत्मा के नाम बनाकर 30 मई तक जमा कराएं।
क्रमांक 167/318/27-05-2015


जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास

॥ स मा चा र॥

पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति-2014-15 में पुन: आवेदन आमंत्रित

छात्रवृत्ति पोर्टल 1 से 15 जून तक खुला रहेगा

    देवास 27 मई 2015/ राज्य शासन ने पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति वर्ष 2014-15 के पुन: आवेदन और पूर्व में किए गए आवेदनों में सुधार के लिए 1 से 15 जून 2015 तक छात्रवृत्ति पोर्टल पुन: खोलने का निर्णय लिया है। छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि 30 दिसम्बर 2014 थी। विद्यार्थियों को यह छूट इसलिए दी जा रही है क्योंकि वर्ष 2014-15 में छात्रवृत्ति पोर्टल के निर्माण के चलते और मार्च 2015 में आहरण पर वित्तीय प्रतिबंध के कारण छात्रवृत्ति वितरित नहीं हो पाई है। विद्यार्थियों के हितों के मद्देनजर विभाग द्वारा पहली बार ऐसा निर्णय लिया गया है। जिन विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन 30 दिसम्बर के पहले लॉक कर दिया है, उन्हें पुन: आवेदन की जरूरत नहीं है।
    पिछड़ा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो किसी कारणवश पूर्व में आवेदन प्रस्तुत नहीं कर पाए थे, वे इस दौरान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं आवेदन कर सकेंगे। जिन विद्यार्थियों के ऑनलाइन भरे आवेदन स्थाई रूप से निरस्त किए गए हैं वे स्थाई अस्वीकृति के कारणों की पूर्ति करते हुए आवेदन-पत्रों को अपडेट कर सकेंगे। उन विद्यार्थियों के लिए भी यह एक मौका है जिन्होंने आवेदन तो ऑनलाइन भरा था पर अंतिम रूप से लॉक नहीं किया था, वे अब अपने आवेदन को अंतिम रूप से लॉक कर सकेंगे। इसी तरह ऑनलाइन शाखा द्वारा विलंब से जानकारी देने से निर्धारित अंतिम तिथि 30 दिसम्बर के बाद अपलोड हुए पाठ्यक्रम में आवेदन न भर पाने से छात्रवृत्ति से वंचित रह गए विद्यार्थी भी आवेदन कर सकेंगे।
    विद्यार्थियों हेतु पोर्टल 1 जून से 15 जून तक खोला जाएगा। संस्थाओं द्वारा 22 जून 2015 तक अनिवार्य रूप से प्रमाण-पत्रों एवं समस्त अभिलेखों का परीक्षण कर संबंधित जिले के सहायक संचालक की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। सहायक संचालक द्वारा 30 जून तक आवेदन स्वीकृत-अस्वीकृत किए जा सकेंगे। इसके बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा।
क्रमांक 168/319/27-05-2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास

॥ स मा चा र॥

भूकंप पीड़ितों के लिए 26 लाख 31 हजार की सहायता
कलेक्टर ने सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी राशि
     देवास 27 मई 2015/ नेपाल में आए भूकंप से पीड़ित व्यक्तियों के परिवारों की मदद के लिए देवास जिले से कुल 26 लाख 71 हजार 777 रूपए की राशि एकत्रित की गई। कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी ने यह राशि मप्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी है।
     कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी ने बताया कि भूकंप पीड़ितों के लिए पूर्व में जिले से 21 लाख 87 हजार 957 रूपए की राशि भिजवाई जा चुकी है। अब 4 लाख 83 हजार 820 रूपए की राशि भेजी गई है।
क्रमांक 169/320/27-05-2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास

॥ स मा चा र॥

नर्मदा-क्षिप्रा लिंक से क्षिप्रा बेराज लबालब भरा

देवास की पेयजल समस्या का हुआ स्थायी समाधान

    देवास 27 मई 2015/ देवास नगर को पेयजल आपूर्ति के लिये क्षिप्रा नदी पर बना बेराज जो कभी मई और जून में पूरे देवास नगर को जल संकट की चपेट में ले लेता था अब साल भर से नर्मदा के जल से लबालब भरा है। यह संभव हुआ है नर्मदा-क्षिप्रा-सिंहस्थ लिंक परियोजना से। परियोजना के जरिये नर्मदा का जल 348 मीटर उदवहन कर 48 किलोमीटर लंबी पाईप लाइन से क्षिप्रा उदगम पर प्रवाहित किया जा रहा है। लगभग सूख चुकी क्षिप्रा नदी को प्रवाहमान बनाने के लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की परिकल्पना को साकार करते हुए 25 फरवरी 2014 को परियोजना से जल प्रवाह आरम्भ किया गया था।
    देवास पेयजल आपूर्ति के लिये क्षिप्रा नदी पर बने बेराज का पूर्ण जलाशय स्तर 494 मीटर है। क्षिप्रा में प्रवाहित नर्मदा जल से बेराज 490.45 मीटर तक निरंतर भरा हुआ है। देवास नगर निगम, बेराज से वर्तमान में प्रतिमाह लगभग 150 एम.एल.डी. पेयजल प्राप्त कर रहा है। परियोजना से नगर के 33 हजार नल कनेक्शनधारी परिवार को अब आवश्यक जल आपूर्ति हो रही है। पेयजल की माँग बढ़ने पर भविष्य में माँग अनुसार जल-प्रदाय की पूर्ति परियोजना से हो सकेगी।
    नर्मदा-क्षिप्रा-सिंहस्थ लिंक परियोजना की क्षमता प्रतिदिन 432 मिलियन लीटर जल उदवहन कर क्षिप्रा में प्रवाहित करने की है। परियोजना को नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा 432 करोड़ रूपये लागत से 14 माह की रिकार्ड अवधि में निर्मित किया गया था। परियोजना के आरम्भ होने से अब तक क्षिप्रा में 35.25 एम.सी.एम. जल प्रवाहित किया जा चुका है। क्षिप्रा के प्रवाहमान होने से क्षिप्रा क्षेत्र के भू-जल स्तर में भी बढ़ोत्तरी हुई है। इससे ग्रामीण अंचल के कुओं, हेण्ड-पम्प का जल-स्तर बढ़ने का लाभ भी इस गर्मी में ग्रामीणों को मिल रहा है।
क्रमांक 170/321/27-05-2015



 

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