दिनांक 21 मई 2015
॥ स मा चा र॥
ग्राम सभा में एक-एक कार्य की समीक्षा
----------
कलेक्टर ने किया बागली क्षेत्र के ग्रामों का दौरा
खाली पेट न रहे तथा पानी अधिक पिए
॥ स मा चा र॥
25 मई से 15 जून तक आयोजित होगा कृषि महोत्सव
कलेक्टर ने अधिकारियों को दिये आयोजन संबंधी निर्देश
देवास
21 मई 2015/ जिले में कृषि महोत्सव आगामी 25 मई से 15 जून तक आयोजित किया
जाएगा। कृषि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य कृषि एवं कृषि से संबंधित विषयों जैसे-
पशुपालन, उद्यानिकी, मछली पालन आदि पर किसानों एवं कृषि विज्ञानिकों के मध्य सीधा
संपर्क कायम कर नवीन एवं वैज्ञानिक तकनीकी सुधार से फसलों की उत्पादकता बढ़ाना एवं
नवीन फसल की संभावनाओं के आधार पर भविष्य में प्रदेश के फसल चक्र को परिवर्तन कर
कृषि को लाभ का धंधा बनाना है। कृषि महोत्सव में उद्यानिकी विकास एवं दुग्ध
उत्पादन में बढौतरी को मुख्य आधार के रूप में शामिल किया जायेगा। कलेक्टर श्री
आशुतोष अवस्थी ने संबंधित अधिकारियों को कृषि महोत्सव के आयोजन के संबंध में आवश्यक
दिशा निर्देश दिये हैं।
कृषि
महोत्सव के मुख्य आधार
कृषि
महोत्सव के अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, जैविक
खेती का चयनित क्षेत्रों में प्रसार, दुग्ध उत्पादन में बढ़ोत्तरी, उद्यानिकी
क्षेत्र तथा उत्पादकता एवं गुणवत्ता के बढ़ोत्तरी, कृषि में फसल नुकसानी की रोकथाम
के कदम, कृषि को लाभकारी धंधा बनाने के उपाय मुख्य आधार हैं।
समितियों
का गठन किया जाएगा
कृषि
महोत्सव के सफल आयोजन के लिए जिला स्तर एवं विकासखण्ड स्तर पर विभिन्न समितियों का
गठन किया जायेगा। जिले के प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सलाहकार
समिति, कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति तथा संबंधित
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता में विकासखंड स्तरीय क्रियान्वयन समिति
का गठन किया जाएगा।
समिति
द्वारा ये कार्य किए जाएंगे
जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति के निर्देशन में
कृषि महोत्सव का सुव्यवस्थित आयोजन, कृषि क्रांति रथ के लिए रूट चार्ट तैयार कर
भ्रमण कार्यक्रम तैयार करना, सूरज धारा-अन्नपूर्णा, बीज ग्राम, बीज किट वितरण के
लिए लक्ष्य अनुसार किट तैयार करवाना, बीज किट के लिए हितग्राहियों का चयन करना तथा
वितरण योग्य सामग्री वितरण स्थलों तक पहुंचाने की व्यवस्था करना आदि कार्य किये
जायेंगे।
ऑनलाइन
दैनिक मॉनीटरिंग की जायेगी
ऑनलाइन
दैनिक मॉनीटरिंग के लिए संबंधित विभाग के जिला अधिकारी अपने विभाग से संबंधित गतिविधियों
की ग्रामवार, विकासखंडवार, जिले वार जानकारी कंट्रोल रूम को प्रत्येक दिन उपलब्ध
कराएंगे। विकासखंड स्तर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जिम्मेवार होंगे जो प्रतिदिन
फीडिंग की जानकारी से कलेक्टर तथा उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास के
कंट्रोल रूम को हस्ताक्षर कर अवगत करायेंगे।
प्रत्येक
विकासखण्ड के लिए कृषि क्रान्ति रथ
कृषि महोत्सव के अंतर्गत जिले के प्रत्येक विकासखण्ड
के लिए एक-एक कृषि क्रान्ति रथ तैयार किया जायेगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण
करेगा। कृषि क्रान्ति रथ जिले के प्रत्येक विकासखंड में प्रति दिन 3 ग्राम
पंचायतों में भ्रमण करेगा तथा तीसरी ग्राम पंचायत में रात्रि विश्राम करेगा। कृषि
क्रान्ति रथ के साथ कृषि वैज्ञानिक, प्रगतिशील कृषक एवं कृषि विशेषज्ञ रहेंगे, जो
गांव-गांव जाकर कृषि की उन्नत तकनीकों से किसानों को अवगत कराएंगे। इन रथों में
जीपीएस सिस्टम लगा रहेगा, जिससे इन्हें ट्रेक किया जा सकेगा। रथ में योजनाओं की
जानकारी का प्रदर्शन होगा तथा इसके द्वारा वीडियो के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की
जानकारी दी जाएगी।
रथ
के साथ जायेगा तकनीकी दल
प्रत्येक
कृषि क्रांति रथ के साथ जाने वाले तकनीकी के प्रभारी कृषि विभाग के द्वतीय स्तर के
लिए अधिकारी को बनाया जायेगा। दल में पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन का एक-एक
अधिकारी भी रहेगा। इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विश्वविद्यालय के
विशेषज्ञ एवं प्रगतिशील कृषक को भी दल में शामिल किया जाएगा। कृषि क्रांति रथ के
भ्रमण के दौरान मिट्टी की जांच के लिए सैम्पल्स लिये जायेंगे। उक्त कार्रवाई
संपूर्ण माह सतत चलती रहेगी। प्रत्येक जिले के प्रत्येक राजस्व ग्राम/वन ग्राम के
कृषि भूमि के 10-10 मिट्टी के नमूने लिए जाने का लक्ष्य रहेगा।
ये
कार्य भी किये जायेंगे
पात्र एवं
चयनित वन पट्टाधारियों को योजना का लाभ प्रदान किया जायेगा। बलराम तालाब योजना के
कार्यों का शुभारंभ किया जायेगा। राजस्व विभाग द्वारा किसानों को उनके घर घर जाकर
राजस्व अभिलेखों की प्रतियों का वितरण किया जायेगा। यह अभियान पूरे 22 दिन चलेगा
तथा जिले के समस्त ग्रामों के समस्त कृषकों को खसरा-खतौनी वितरण का लक्ष्य
सुनिश्चित किया जायेगा। कृषि क्रांति रथ के भ्रमण के दौरान चयनित/ निर्धारित गांव
में पशु चिकित्सा/ टीकाकरण/ बधियाकरण शिविर पशुपालन विभाग के सहयोग से आयोजित किया
जाएगा। पशुपालन विभाग द्वारा नवीन दुग्ध उत्पादक समितियों का गठन संपूर्ण अवधि में
सतत रूप से किया जाएगा। पशु पालन विभाग द्वारा चयनित हितग्राहियों को पशु चिकित्सा
एवं पशुपालन से संबंधित किट का वितरण किया जाएगा। लोक स्वास्थ्य विभाग द्वारा
स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण शिविर आयोजित किए जायेंगे। सहकारिता विभाग द्वारा
किसान क्रेडित कार्ड का वितरण का अभियान महोत्सव की अवधि में आयोजित किया जाएगा।
विकासखण्ड
स्तर पर कृषक संगोष्ठी
कृषक महोत्सव के अंतर्गत प्रत्येक विकासखण्ड
स्तर पर कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, इसमें कृषि वैज्ञानिक किसानों को खेती
एवं अन्य संबधित विषयों की जानकारी देंगे तथा उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे।
॥ स मा चा र॥
महिला नीति-2015
महिलाओं को सर्वाधिकार देने के लिए विभागवार कार्ययोजना बनाई गई
क्रमांक 135/286/21-05-2015
अल्पसंख्यक मेरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति के लिये ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
क्रमांक 136/287/21-05-2015
सभी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय को तंबाखूमुक्त घोषित करने के निर्देश
क्रमांक 137/288/21-05-2015
जिला जनसम्पर्क कार्यालय देवास
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र॥
ग्राम सभा में एक-एक कार्य की समीक्षा
----------
कलेक्टर ने किया बागली क्षेत्र के ग्रामों का दौरा
देवास 21 मई
2015/ ग्राम
सचिव खड़े हो जाएं और ग्राम में शासन की योजनाओं के अंतर्गत चल रहे कार्यों की सूची
पढ़े। जो कार्य किए गए हैं, उनके बारे में भी बताएं तथा खर्च भी बताएं। जो कार्य अधूरे
हैं, उनके अधूरे रहने का क्या कारण है? अब ग्रामवासी बताएं कि कार्यों की क्या स्थिति
है।
कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी ने बागली क्षेत्र के
ग्राम देवगढ़ एवं कोपला में आज गुरूवार को ग्राम वासियों के समक्ष शासकीय कार्यों एवं
योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की, कार्यों संबंधी निर्देश दिए तथा ग्राम वासियों की
समस्याओं का निराकरण किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार गांव में ग्राम सभाओं का आयोजन
होना चाहिए तथा किस प्रकार शासकीय योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा होना चाहिए।
आंगनवाड़ी भवन पूर्ण कराएं
ग्राम
कोपला में पंचायत के कार्यों की समीक्षा में कलेक्टर ने पाया कि ग्राम में विभिन्न
योजनाओं के अंतर्गत 13 कार्य शेष हैं। कोपाला के आंगनवाड़ी भवन का कार्य अधूरा है, कलेक्टर
ने कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। एक निर्मल नीर कुएं एवं कपिल धारा कुएं
का कार्य भी अधूरा बताया गया।
अधूरे कार्य पूर्ण कराएं, पूर्ण
कार्य की सीसी जारी करें
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अपूर्ण कार्यों के मस्टर
जारी कराएं तथा कार्य शीघ्र पूर्ण कराएं। साथ ही जो कार्य पूर्ण हो गए हैं, उनके पूर्णता
प्रमाण-पत्र जारी किए जाएं।
पेंशन योजनाओं के भुगतान में
विलंब क्यों
ग्रामवासियों द्वारा बताया गया कि ग्राम में 5
महीनों से सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य पेंशन की राशि का वितरण नहीं हुआ है। इन पर कलेक्टर
ने नाराजी जाहिर करते हुए सीईओ जनपद पंचायत को निर्देश दिए कि आगामी 27 मई तक पूरी
पेंशन का भुगतान हो जाना चाहिए।
नालों में बनाएं गेबियन संरचना
कलेक्टर ने कहा कि ग्राम में पानी के संरक्षण के
लिए नालों में विभिन्न संरचनाएं बनाई जाएं। इसके लिए कम लागत की संरचनाओं से ग्राम
वासियों को परिचित कराया जाना चाहिए। बोल्डर चैक, गेबियन संरचना, डाइक, बोरी बंधान
आदि बहुत कम खर्च में बन जाते हैं। उन्होंने डाइक संरचना सहित अन्य संरचनाएं बनाएं
जाने की विधि ग्रामीणों को बताई। कुंआ रीचार्जिंग किए जाने की आवश्यकता भी बताई।
स्व सहायता समूह को स्वरोजगार
के लिए ऋण दिलवाएं
कलेक्टर द्वारा ग्राम के शिवशक्ति महिला स्वसहायता
समूह को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वरोजगार के लिए ऋण दिए जाने
के निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देश दिये कि गांव में बंद पड़ा हैंडपंप तुरंत चालू
कराएं। ग्राम नानूखेड़ा में स्कूल के मार्ग में आने वाले नाले के ऊपर पुलिया बनाए जाने
के निर्देश भी दिए गए।
सही फॉर्म भरें तथा बैंक पासबुक
की फोटोकॉपी संलग्न करें
ग्राम देवगढ़ में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत
व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की समीक्षा में कलेक्टर ने पाया कि पंचायत सचिव द्वारा खातों
का विवरण सही नहीं भरा गया है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए पंचायत सचिव
को सख्त निर्देश दिए कि योजनाओं के फॉर्म सही-सही भरे जाएं तथा उनके साथ हितग्राहियों
के बैंक खाते की पासबुक भी संलग्न की जाए, जिससे लाभ की राशि का भुगतान सीधे उसके खाते
में हो सके।
नीम बीज का रोपण करें
कलेक्टर ने ग्रामीणों से कहा कि वे अपने गांव व
आसपास इस बरसात के मौसम में अधिक से अधिक संख्या में नीम बीज का रोपण करें। इस संबंध
में ग्राम का कोटवार 20 से 25 किलो नीम बीज तैयार कर उसका रोपण कराए। ग्राम की हर झाड़ी
में नीम का बीज लगाया जाए। वहां बीज आसानी से लगता है तथा पौधा सुरक्षित रहता है। बीज
लगाने के पूर्व निम्बोली से उसका गूदा अलग किया जाए।
इंदिरा आवास की राशि नहीं आई
ग्राम वासियों द्वारा बताया गया कि इंदिरा आवास
योजना के अंतर्गत् ग्राम देवगढ़ में वर्ष 2014-15 के इंदिरा आवास की राशि नहीं आई है।
कलेक्टर ने जिला पंचायत को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत भवन
पर इंदिरा आवास की अद्यतन सूची लगाने के निर्देश दिए गए। ग्राम के खेल मैदान को पूरा
किए जाने के निर्देश भी दिए गए।
पहले कार्य करें फिर मिलेगी
राशि
कलेक्टर ने बताया कि अजा-अजजा, बीपीएल एवं सीमांत
व लघु किसानों जिनके पास 5 एकड़ तक भूमि है, को शौचालय निर्माण के लिए शासन की ओर से
12 हजार रूपए की राशि प्रदाय की जाती है। इसका लाभ लेने के लिए पहले हितग्राही अपने
घर में शौचालय का निर्माण करवाए। शौचालय बनने के 7 दिन के अंदर हितग्राही के खाते में
शौचालय की राशि आ जाएगी।
क्रमांक 132/283/21-05-2015 (फोटो-संलग्न)
लू
से बचाव के लिए
स्वास्थ्य
विभाग ने दी
सलाह
खाली पेट न रहे तथा पानी अधिक पिए
देवास 21 मई 2015/ अत्यधिक गर्मी में लू की संभावना
बढ़ जाती है और यह जानलेवा भी हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने आमजनता को लू से बचाव
एवं प्राथमिक उपचार की जानकारी दी है। लू से बचाव के लिए खाली पेट नहीं रहे तथा पानी
अधिक पीये। गर्मी के दिनों में धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले
कपड़े पहने। बिना भोजन के घर से बाहर न निकले। भोजन करके एवं पानी पीकर ही बाहर निकले।
घर के बाहर गर्दन, कान व सिर को गमछे या तौलिये से ढककर ही धूप में निकले।
रंगीन चश्में
व छतरी का प्रयोग करें। गर्मी में हमेशा पानी अधिक मात्रा में पीये एवं पेय पदार्थो
का अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करें। जहां तक संभव हो ज्यादा समय तक धूप में खड़े
होकर व्यायाम, मेहनत अथवा अन्य कार्य न करे। बहुत अधिक भीड़, गर्म घूटन भरे कमरों में
न जाएं। यदि कोई व्यक्ति लू से प्रभावित होता है तो उसे तुरन्त छायादार जगह पर लिटा
दें एवं हवा करें। उसे ठण्डा पेय पदार्थ, कच्चा आम का पना, छाछ या प्याज का रस पिलाया
जा सकता है। लू लगने पर तत्काल निकट के स्वास्थ्य केन्द्र उपचार के लिए ले जाए।
क्रमांक 133/284/21-05-2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र॥
25 मई से 15 जून तक आयोजित होगा कृषि महोत्सव
कलेक्टर ने अधिकारियों को दिये आयोजन संबंधी निर्देश
देवास
21 मई 2015/ जिले में कृषि महोत्सव आगामी 25 मई से 15 जून तक आयोजित किया
जाएगा। कृषि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य कृषि एवं कृषि से संबंधित विषयों जैसे-
पशुपालन, उद्यानिकी, मछली पालन आदि पर किसानों एवं कृषि विज्ञानिकों के मध्य सीधा
संपर्क कायम कर नवीन एवं वैज्ञानिक तकनीकी सुधार से फसलों की उत्पादकता बढ़ाना एवं
नवीन फसल की संभावनाओं के आधार पर भविष्य में प्रदेश के फसल चक्र को परिवर्तन कर
कृषि को लाभ का धंधा बनाना है। कृषि महोत्सव में उद्यानिकी विकास एवं दुग्ध
उत्पादन में बढौतरी को मुख्य आधार के रूप में शामिल किया जायेगा। कलेक्टर श्री
आशुतोष अवस्थी ने संबंधित अधिकारियों को कृषि महोत्सव के आयोजन के संबंध में आवश्यक
दिशा निर्देश दिये हैं।
कृषि
महोत्सव के मुख्य आधार
कृषि
महोत्सव के अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, जैविक
खेती का चयनित क्षेत्रों में प्रसार, दुग्ध उत्पादन में बढ़ोत्तरी, उद्यानिकी
क्षेत्र तथा उत्पादकता एवं गुणवत्ता के बढ़ोत्तरी, कृषि में फसल नुकसानी की रोकथाम
के कदम, कृषि को लाभकारी धंधा बनाने के उपाय मुख्य आधार हैं।
समितियों
का गठन किया जाएगा
कृषि
महोत्सव के सफल आयोजन के लिए जिला स्तर एवं विकासखण्ड स्तर पर विभिन्न समितियों का
गठन किया जायेगा। जिले के प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सलाहकार
समिति, कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति तथा संबंधित
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता में विकासखंड स्तरीय क्रियान्वयन समिति
का गठन किया जाएगा।
समिति
द्वारा ये कार्य किए जाएंगे
जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति के निर्देशन में
कृषि महोत्सव का सुव्यवस्थित आयोजन, कृषि क्रांति रथ के लिए रूट चार्ट तैयार कर
भ्रमण कार्यक्रम तैयार करना, सूरज धारा-अन्नपूर्णा, बीज ग्राम, बीज किट वितरण के
लिए लक्ष्य अनुसार किट तैयार करवाना, बीज किट के लिए हितग्राहियों का चयन करना तथा
वितरण योग्य सामग्री वितरण स्थलों तक पहुंचाने की व्यवस्था करना आदि कार्य किये
जायेंगे।
ऑनलाइन
दैनिक मॉनीटरिंग की जायेगी
ऑनलाइन
दैनिक मॉनीटरिंग के लिए संबंधित विभाग के जिला अधिकारी अपने विभाग से संबंधित गतिविधियों
की ग्रामवार, विकासखंडवार, जिले वार जानकारी कंट्रोल रूम को प्रत्येक दिन उपलब्ध
कराएंगे। विकासखंड स्तर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जिम्मेवार होंगे जो प्रतिदिन
फीडिंग की जानकारी से कलेक्टर तथा उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास के
कंट्रोल रूम को हस्ताक्षर कर अवगत करायेंगे।
प्रत्येक
विकासखण्ड के लिए कृषि क्रान्ति रथ
कृषि महोत्सव के अंतर्गत जिले के प्रत्येक विकासखण्ड
के लिए एक-एक कृषि क्रान्ति रथ तैयार किया जायेगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण
करेगा। कृषि क्रान्ति रथ जिले के प्रत्येक विकासखंड में प्रति दिन 3 ग्राम
पंचायतों में भ्रमण करेगा तथा तीसरी ग्राम पंचायत में रात्रि विश्राम करेगा। कृषि
क्रान्ति रथ के साथ कृषि वैज्ञानिक, प्रगतिशील कृषक एवं कृषि विशेषज्ञ रहेंगे, जो
गांव-गांव जाकर कृषि की उन्नत तकनीकों से किसानों को अवगत कराएंगे। इन रथों में
जीपीएस सिस्टम लगा रहेगा, जिससे इन्हें ट्रेक किया जा सकेगा। रथ में योजनाओं की
जानकारी का प्रदर्शन होगा तथा इसके द्वारा वीडियो के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की
जानकारी दी जाएगी।
रथ
के साथ जायेगा तकनीकी दल
प्रत्येक
कृषि क्रांति रथ के साथ जाने वाले तकनीकी के प्रभारी कृषि विभाग के द्वतीय स्तर के
लिए अधिकारी को बनाया जायेगा। दल में पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन का एक-एक
अधिकारी भी रहेगा। इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विश्वविद्यालय के
विशेषज्ञ एवं प्रगतिशील कृषक को भी दल में शामिल किया जाएगा। कृषि क्रांति रथ के
भ्रमण के दौरान मिट्टी की जांच के लिए सैम्पल्स लिये जायेंगे। उक्त कार्रवाई
संपूर्ण माह सतत चलती रहेगी। प्रत्येक जिले के प्रत्येक राजस्व ग्राम/वन ग्राम के
कृषि भूमि के 10-10 मिट्टी के नमूने लिए जाने का लक्ष्य रहेगा।
ये
कार्य भी किये जायेंगे
पात्र एवं
चयनित वन पट्टाधारियों को योजना का लाभ प्रदान किया जायेगा। बलराम तालाब योजना के
कार्यों का शुभारंभ किया जायेगा। राजस्व विभाग द्वारा किसानों को उनके घर घर जाकर
राजस्व अभिलेखों की प्रतियों का वितरण किया जायेगा। यह अभियान पूरे 22 दिन चलेगा
तथा जिले के समस्त ग्रामों के समस्त कृषकों को खसरा-खतौनी वितरण का लक्ष्य
सुनिश्चित किया जायेगा। कृषि क्रांति रथ के भ्रमण के दौरान चयनित/ निर्धारित गांव
में पशु चिकित्सा/ टीकाकरण/ बधियाकरण शिविर पशुपालन विभाग के सहयोग से आयोजित किया
जाएगा। पशुपालन विभाग द्वारा नवीन दुग्ध उत्पादक समितियों का गठन संपूर्ण अवधि में
सतत रूप से किया जाएगा। पशु पालन विभाग द्वारा चयनित हितग्राहियों को पशु चिकित्सा
एवं पशुपालन से संबंधित किट का वितरण किया जाएगा। लोक स्वास्थ्य विभाग द्वारा
स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण शिविर आयोजित किए जायेंगे। सहकारिता विभाग द्वारा
किसान क्रेडित कार्ड का वितरण का अभियान महोत्सव की अवधि में आयोजित किया जाएगा।
विकासखण्ड
स्तर पर कृषक संगोष्ठी
कृषक महोत्सव के अंतर्गत प्रत्येक विकासखण्ड
स्तर पर कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, इसमें कृषि वैज्ञानिक किसानों को खेती
एवं अन्य संबधित विषयों की जानकारी देंगे तथा उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे।
क्रमांक 134/285/21-05-2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र॥
महिला नीति-2015
महिलाओं को सर्वाधिकार देने के लिए विभागवार कार्ययोजना बनाई गई
देवास 21 मई 2015/ महिला नीति-2015 में महिलाओं को हर स्तर पर सशक्त
और समर्थ बनाने के लिए उन्हें सर्वाधिकार मिलना सुनिश्चित किया गया है। इसके लिए नई
नीति में विभागवार कार्य-योजना बना कर दायित्व तय किये गये हैं।
महिला नीति-2015 में महिलाओं को पुश्तैनी सम्पत्ति
में अधिकार मिले इसके लिए राजस्व, विधि एवं विधायी विभाग क्रियान्वयन विभाग होंगे।
किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिला या बालिका को चिकित्सा, आश्रय गृह, परामर्श,
क्षतिपूर्ति, पुनर्वास एवं नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध करवाने में लोक स्वास्थ्य
और परिवार कल्याण, गृह और महिला-बाल विकास विभाग कार्य करेगा। सार्वजनिक स्थानों जैसे
सब्जी मंडी, खेल मैदान, सामुदायिक भवन में ग्रामीण महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था
सुनिश्चित करने का कार्य नगरीय विकास एवं पर्यावरण तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग
करेगा।
स्व-सुरक्षा और आत्म-विश्वास वृद्धि
महिलाओं
की स्व-सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण देने एवं उनमें आत्म-विश्वास बढ़ाने का दायित्व गृह,
स्कूल, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और खेल एवं युवा कल्याण विभाग का होगा।
एफआईआर दर्ज करवाने के लिए थानों में अलग कक्ष बनाने की व्यवस्था गृह विभाग द्वारा
की जायेगी। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा पर अध्ययन एवं शोध कर नवाचार का कार्य
महिला-बाल विकास विभाग द्वारा किया जायेगा। घरेलू हिंसा अधिनियम-2005 का पालन महिला-बाल
विकास और स्त्री अशिष्ट रूपण अधिनियम-1986 का पालन जनसम्पर्क एवं गृह विभाग द्वारा
सुनिश्चित किया जायेगा। महिलाओं का अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम-1956 तथा स्त्री
एवं बालिका अनैतिक दमन निवारण अधिनियम-1960 का पालन गृह विभाग द्वारा करवाया जायेगा।
महिलाओं के लिए वर्किंग वूमेन हॉस्टल की व्यवस्था महिला-बाल विकास द्वारा की जायेगी।
आदिवासी महिलाओं के निर्णय लेने और जीवन विकल्प चुनने के विशिष्ट अधिकार की प्रथा को
जारी रखने के साथ ही जनजाति समुदाय के नियमों, परम्पराओं और सामाजिक मूल्य की रक्षा
के लिए आदिम-जाति कल्याण विभाग विशेष प्रयास करेगा। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण
अधिनियम-2012 का क्रियान्वयन महिला-बाल विकास, श्रम, आदिम-जाति कल्याण, स्कूल शिक्षा
और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा किया जायेगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य के लिये
महिला
नीति में महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी विभागों को जवाबदेह बनाया गया है।
महिलाओं और बालिकाओं के कौशल विकास एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण का कार्य उच्च, स्कूल,
तकनीकी शिक्षा और जेल विभाग द्वारा किया जायेगा। महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित विषयों
के अध्ययन पर विशेष डिप्लोमा कोर्स एवं डिग्री कोर्स का प्रावधान उच्च शिक्षा विभाग
करेगा। मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु दर पर नियंत्रण का कार्य लोक स्वास्थ्य एवं परिवार
कल्याण तथा महिला-बाल विकास विभाग करेगा। जिला स्तर पर स्वास्थ्य परामर्श केन्द्र की
स्थापना, जिला चिकित्सालय में क्लीनिकल सॉयकोलॉजिस्ट की नियुक्ति एवं मनोवैज्ञानिक
थेरेपी की व्यवस्था के साथ ही जिला, विकास खण्ड एवं ग्रामीण स्तर पर महिलाओं के स्वास्थ्य
परीक्षण के विशेष शिविर स्वास्थ्य विभाग लगायेगा। यह विभाग महिला स्वास्थ्य से संबंधित
कल्याण योजनाओं का प्रचार-प्रसार, उसकी लाभ राशि महिला के खाते में जमा करना और कार्यक्रमों
का वार्षिक मूल्यांकन का भी कार्य करेगा।
स्वास्थ्य,
सामाजिक न्याय और गृह विभाग शारीरिक और मानसिक रूप से नि:शक्त महिला एवं बालिका जेल
में बंदी महिलाओं, एड्स पीड़ित महिलाओं एवं उनके बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने उनके
मानव अधिकारों का संरक्षण, पुनर्वास, आश्रय गृह की स्थापना का कार्य करेगा। यह विभाग
गर्भाधान पूर्व और प्रसूति पूर्व लिंग परीक्षण पर सख्ती से रोक लगाने का कार्य भी करेगी।
महिलाओं और बालिकाओं के बेहतर स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व उन्नयन, खेल, योग एवं मेडिटेशन
गतिविधियों का विस्तार जिला एवं ब्लाक स्तर तक खेल एवं युवा कल्याण विभाग करेगा।
आर्थिक सशक्तीकरण के लिये विशेष प्रावधान
महिलाओं
के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महिला नीति में विशेष प्रयास रेखांकित किये गये हैं। समान
पारिश्रमिक और कार्य अधिनियम का क्रियान्वयन, समीक्षा के साथ ही कार्य क्षेत्र में
सुविधाएँ उपलब्ध करवाने और बच्चों की देखभाल व्यवस्था का कार्य श्रम एवं उद्योग विभाग
द्वारा किया जायेगा। महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के विभिन्न स्तर पर प्रयास ग्रामोद्योग,
पंचायत, ग्रामीण विकास, पशुपालन, मछली पालन, नगरीय विकास एवं पर्यावरण, वन तथा वाणिज्य
एवं उद्योग विभाग करेगा। कृषि क्षेत्र में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए किसान-कल्याण
तथा कृषि विकास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग करेगा। महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण
की जवाबदारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं पर्यावरण, कृषि, सहकारिता और
वन विभाग की होगी।
क्रमांक 135/286/21-05-2015
अल्पसंख्यक मेरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति के लिये ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
देवास 21 मई 2015/ अल्पसंख्यक मेरिट-कम-मींस छात्रवृत्ति 2015-16
के लिये राज्य के मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, सिक्ख, पारसी एवं जैन समुदाय के विद्यार्थियों
से आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। मध्यप्रदेश के लिए छात्रवृत्ति में नवीन प्रकरणों
में 1,524 विद्यार्थी का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 1,190 मुस्लिम, 53 ईसाई, 47 सिक्ख,
65 बौद्ध तथा 169 जैन शामिल हैं। नवीनीकरण प्रकरणों के लिये कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं
है। नवीन विद्यार्थियों के आवेदन एक जून से 30 सितम्बर 2015 तक और नवीनीकरण के लिये
एक जून से 15 नवम्बर 2015 तक ऑनलाइन आमंत्रित किये गये हैं।
विद्यार्थियों को भारत सरकार की वेबसाइट www.scholorships.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना
होगा। साइट की लिंक केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की वेबसाइट www.minorityaffairs.gov.in पर भी उपलब्ध है। नवीन
स्नातक छात्रवृत्ति के लिये छात्रों के उच्चतर माध्यमिक तथा नवीन स्नातकोत्तर छात्रवृत्ति
के लिये स्नातक स्तर पर 50 प्रतिशत से कम अंक नहीं होने चाहिये। नवीनीकरण छात्रवृत्ति
के लिये छात्रों के पिछले साल (दोनों सेमेस्टर मिलाकर) 50 प्रतिशत से अधिक अंक होने
चाहिये। माता-पिता या अभिभावक की सभी स्रोतों से सालाना आय ढाई लाख से अधिक नहीं होना
चाहिये। हर समुदाय में 30 प्रतिशत छात्रवृत्तियाँ छात्राओं के लिये आरक्षित हैं। छात्राओं
की अनुपलब्धता में यह छात्रवृत्ति छात्रों को दी जा सकेगी।
छात्रवृत्ति में भरण-पोषण भत्ता एवं पाठ्यक्रम फीस
छात्र के राष्ट्रीयकृत बेंक खाते में डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के माध्यम से केन्द्र
शासन द्वारा सीधे ऑनलाइन अंतरित की जायेगी। छात्रावासी छात्र-छात्रा को 10 माह के लिये
भरण-पोषण भत्ता 10 हजार रुपये सालाना या 1000 रुपये प्रति माह और गैर-छात्रावासी को
5000 सालाना या 500 रुपये प्रति माह की दर से दिया जायेगा। पाठ्यक्रम फीस 20 हजार रुपये
प्रति वर्ष या वास्तविक, जो भी कम हो, देय होगी।
क्रमांक 136/287/21-05-2015
सभी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय को तंबाखूमुक्त घोषित करने के निर्देश
देवास 21 मई 2015/ प्रदेश के सभी महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय को तंबाखूमुक्त घोषित करने के निर्देश
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दिये गये हैं। शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज दायरे में तंबाखू
उत्पादन के बिक्री पर प्रतिबंध, संस्था के बाहर इस संबंध में बोर्ड लगाने के निर्देश
दिये गये हैं। प्रतिबंधित क्षेत्र में धूम्रपान एवं विक्रय करने पर 200 रुपये तक का
जुर्माना लगाया जा सकेगा।
आयुक्त उच्च शिक्षा श्री सचिन सिन्हा ने बताया है
कि विश्व में सालाना 50 लाख तथा भारत में लगभग 10 लाख लोगों की मृत्यु तंबाखूजनित रोगों
के कारण होती है। ग्लोबल यूथ टोबेको सर्वे 2009 के अनुसार भारत में 13 से 15 की आयु
के 14 प्रतिशत से अधिक बच्चे तंबाखू की लत के शिकार हैं।
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