दिनांक 15 अक्टूबर 2015
अगले
शिक्षा
सत्र
से इंजीनियरिंग के पेपर हिन्दी में भी होंगे
पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्ति का पोर्टल खुला 31 अक्टूबर तक के लिये
बीजो का उपचार कर बुवाई करें किसान
जिला जनसम्पर्क कार्यालय, देवास
।। समाचार
।।
भगवान तम्हारो भलों करे बेटा, जो तमने घर अईके हमारो फॉर्म भरवई दिया
"ग्रामीणों को मिलेगा साधिकार
अभियान का फायदा"
देवास, 15 अक्टूबर
2015/ "अम्मा जी तम्हारी उमर कित्ती हुई गई? तम्हारे
पेंशन मिले की नी मिले? तम्हारे यां पोती कदे हुई और उको लाड़ली लक्ष्मी का पंजीयन हुयो
की नी हुयो?"। भगवान तम्हारो भला करे बेटा जो तमने घर अईके हमारो फॉर्म भरवई दिया।
अब पेंशन और दिलवई दो बस।
यह कुछ संवाद है जो साधिकार अभियान के तहत गांवों
में सुनने को मिल रहे हैं। कलेक्टर आशुतोष अवस्थी के मार्गदर्शन में इन दिनों देवास
जिले में वंचितों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए साधिकार अभियान चलाया जा
रहा है।
सीईओ जिला पंचायत प्रबल सिपाहा ने बताया है कि
प्रत्येक गांव में सरपंच, सचिव, पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी, आगंनवाड़ी कार्यकर्ता,
सहायिका, रोजगार सहायक, आशा कार्यकर्ता का दल बनाया गया है। दल द्वारा घरों में जाकर
लोगों से संपर्क किया जा रहा है। जिस घर में संपर्क किया गया वहां मार्कर से निशान
लगाकर चिन्ह भी छोड़ा गया है।
हैबतपुरा के इंदर मांगीलाल ने बताया कि उसे खुशी
है इस तरह का अभियान चलाकर आम जनता की पूछ परख की गई। उनसे लाड़ली लक्ष्मी योजना का आवेदन भरवाया गया।
गांव के परमानंद बलदेव को यह पता नहीं था कि उसे कन्या अभिभावक योजना का लाभ मिल सकता
है। पंचायत के सचिव कालूराम प्रजापत ने पूछताछ में पाया कि परमानंद को इस योजना का
लाभ मिलेगा।
साधिकार अभियान के तहत किया जा रहा सतत संपर्क
नगर पंचायत
परिषद भौंरासा में इस अभियान के तहत नगर की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं प्रत्येक वार्ड
में घर-घर जाकर हितग्राहियों को शासन की योजनाओं के बारे में फॉर्म लेकर हितग्राहियों
से संपर्क किया गया।
नगर पंचायत सीएमओ सीएल कैथल ने बताया कि साधिकार अभियान
के अंतर्गत नगर पंचायत के कर्मचारियों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया
गया था। इसके बाद वे सतत साधिकार अभियान के माध्यम से आमजन को घर-घर जाकर शासन की योजनाओं
के बारे में बताकर उनसे आवेदन प्राप्त कर रहे हैं।
साधिकार अभियान के अंतर्गत भौंरासा में अब तक
19 आवेदन प्राप्त हुए हैं। राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 11 आवेदन मिले हैं।
इसके अलावा पात्र हितग्राहियों के विभाग वार आए फॉर्म में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा
पेंशन के 4, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त/बहुविकलांग पेंशन के 2, मुख्यमंत्री हाथ
ठेला नवीन पंजीयन के 2 फॉर्म आएं हैं।
इन योजनाओं के लिए भी लिए जा
रहे हैं आवेदन
साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री
कन्या अभिभावक पेंशन, नि:शक्तों को उपकरण एवं अन्य सहायता के लिए, मुख्यमंत्री पथ पर
विक्रय नवीन पंजीयन, मुख्यमंत्री केश शिल्पी नवीन पंजीयन, विवाह अनुग्रह सहायता, जनश्री
बीमा का लाभ्, घरेलू कामकाजी महिलाओं का पंजीयन, विवाह अनुग्रह सहायता, जनश्री बीमा
का लाभ, खाद्य सुरक्षा योजनांतर्गत वंचित पात्र
हितग्राहियों को पर्ची प्रदान करना, नवीन राशन कार्ड, श्रम एवं कर्मकार मंडल के पात्र
श्रमिक का पंजीयन, मुख्यमंत्री स्वच्छता अभियान अंतर्गत शौचालय निर्माण के लिए हितग्राहियों
का चयन, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा आदि योजनाओं के आवेदन भी लिए जा रहे हैं।
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कलेक्टर ने अवैध खनिज परिवहन पर लगाया
8 लाख 5 हजार का जुर्माना
देवास, 15 अक्टूबर
2015/ कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने अवैध खनिज पर कार्रवाई
करते हुए 8 लाख पांच हजार रूपए का जुर्माना लगाया। कलेक्टर न्यायालय द्वारा पारित आदेश
के अनुसार अवैध रूप से रेत परिवहन करने वाले वाहन क्रमांक एमपी 09- एचजी 9931 पर एक लाख 60 हजार रूपए, एमपी 17 एचएच 0612 पर एक लाख 60 हजार रूपए, एमपी 09 एचएफ 5245 पर 1 लाख 20 हजार रूपए, एमपी 13 जीए 5224 पर 80 हजार रूपए, एमपी 09 एचएफ 4524 पर 80 हजार रूपए का जुर्माना लगाया। इसी प्रकार अवैध रूप से गिट्टी एवं गिट्टी चुरी का परिवहन करते ले जाते हुए एमपी 09 एचएच 1332 पर एक लाख रूपए, एमपी 09 एचएच 0309 पर 70 हजार रूपए का जुर्माना लगाया। साथ ही इन सामग्रियों की ओवहर लोडिंग करते हुए वाहन क्रमांक एमपी 10 एच 0469 पर 20 हजार रूपए तथा एमपी 09 जीएफ 6391 पर 15 हजार रूपए का जुर्माना लगाया गया।
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शिक्षा
सत्र
से इंजीनियरिंग के पेपर हिन्दी में भी होंगे
सी.बी.सी.एस. की
मीटिंग में तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुप्ता
देवास
15 अक्टूबर 2015/ राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध इंजीनियरिंग
कॉलेजों में आगामी शैक्षणिक सत्र से पेपर अंग्रेजी के साथ ही हिन्दी में भी होंगे।
विद्यार्थी अपनी इच्छानुसार अंग्रेजी अथवा हिन्दी में उत्तर दे सकेगा। उच्च एवं तकनीकी
शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सी.बी.सी.एस.) पर निजी विश्वविद्यालयों की बैठक में
गत दिवस कही।
श्री
गुप्ता ने कहा कि सभी निजी विश्वविद्यालय सी.बी.सी.एस. लागू करने पर विचार करें। उन्होंने
कहा कि सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालय एक दूसरे के अच्छे कार्यों को शेयर करें। उन्होंने
ई-थीसिस/डिजर्टेशन सबमिशन सिस्टम का भी शुभारंभ किया। श्री गुप्ता ने कहा कि पुराने
रिसर्च पेपर भी वेबसाइट पर अपलोड करें
कुलपति प्रो. पियूष त्रिवेदी ने बताया कि सी.बी.सी.एस.
प्रणाली से छात्र अपनी प्रतिभा एवं अकादमिक क्षमता के अनुसार विषयों का चयन अपनी मर्जी
से कर सकते हैं। सी.बी.सी.एस. शिक्षा के क्षेत्र में उदारीकरण और वैश्वीकरण के साथ
पाठ्यक्रम के तालमेल को बनाये रखता है। सी.बी.सी.एस. छात्रों द्वारा अर्जित क्रेडिट
के हस्तांतरण की सुविधा के साथ-साथ दुनिया भर में फैले विभिन्न शिक्षण संस्थान में
अपनी पढ़ाई जारी रखने की छात्रों को मोबिलिटी प्रदान करता है।
प्रो. डी.पी.अग्रवाल ने बताया कि सी.बी.सी.एस.
न केवल छात्रों के विकल्पों पर आधारित है, अपितु यह संस्थानों को पाठ्यक्रम के चयन
में स्वायत्तता प्रदान करता है। इसमें वह नई सी.बी.सी.एस. योजना के साथ आगे जाने के
लिये पुराने पेटर्न को जारी रखने को स्वतंत्र होंगे। छात्रों की पसंद पर आधारित ओपन
लर्निंग वातावरण सुनिश्चित करने वाली इस प्रणाली से सभी श्रेणी के छात्र-छात्राएँ लाभान्वित
होंगे।
इस प्रणाली के आधार पर छात्र अपनी पसंद के अनुसार
पाठ्यक्रम का चयन कर पायेगा। यह प्रणाली सेमेस्टर आधारित होगी एवं इसमें छात्र को बी.ई.
डिग्री पाने के लिये कुल 180 क्रेडिट अर्जित करने होंगे। यह 180 क्रेडिट्स विभिन्न
भागों में विभाजित होंगे, जिसमें छात्रों को केवल एक ही दिशा में न जाते हुए कई प्रकार
के विषय पढ़ने का पूरा मौका मिलेगा। इसमें छात्रों को प्रत्येक सेमेस्टर में न्यूनतम
16 क्रेडिट के विषयों को लेना होगा। अगले वर्ष में पढ़ने के लिये उसे पिछले वर्ष में
न्यूनतम 22 क्रेडिट अर्जित करने होंगे। इस प्रकार 180 में से 90 क्रेडिट मूल विषय इलेक्टिव
पाठ्यक्रम के अध्ययन से एवं शेष 90 क्रेडिट बेसिक साइंस, इंजीनियरिंग साइंस एवं अन्य
क्षेत्रों पर आधारित पाठ्यक्रम के अध्ययन के होंगे।
इस प्रणाली में छात्र को कक्षा में नियमित उपस्थित
होना जरूरी होगा। क्रेडिट का आकलन छात्र की उपस्थिति तथा सतत मूल्यांकन के आधार पर
होता है। छात्र को प्रत्येक पेपर में निर्धारित क्रेडिट पाने होंगे। परीक्षा में छात्र
की ओर से अर्जित अंकों को उपस्थिति से प्राप्त क्रेडिट से गुणा कर सीजीपीए ग्रेड दी
जायेगी। छात्र कोर विषयों के अतिरिक्त पाठ्यक्रम का चुनाव करेगा तो वह अतिरिक्त क्रेडिट
अर्जित कर सकता है। पहले छात्र स्नातक स्तर पर केवल अपनी ब्रांच आधारित विषयों का अध्ययन
कर इसी विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता था। अब छात्र को अपनी ब्रांच से भिन्न
विषय में कुशलता हासिल करने का विकल्प मिल जायेगा।
सी.बी.सी.एस. की विशेषताएँ
सी.बी.सी.एस. प्रणाली में बेसिक साइंस कोर,
डिपार्टमेंट कोर, इंजीनियरिंग साइंस कोर, मानविकी कोर एवं वैकल्पिक में डिपार्टमेंट
वैकल्पिक एवं ओपन वैकल्पिक विषय सहित कुल पाँच मुख्य पाठ्यक्रम होंगे।
क्रेडिट हस्तांतरण- कुछ कारणों से यदि छात्र अध्ययन के भार के साथ सामना
नहीं कर सकता है या वह बीमार हो जाता है तो वह कम पाठ्यक्रम का अध्ययन और कम क्रेडिट
कमाने के लिये स्वतंत्र रहता है। वह अगले सेमेस्टर में इसकी क्षतिपूर्ति कर सकता है।
व्यापक सतत मूल्यांकन- इस प्रकार छात्र अपने द्वारा
क्रेडिट का सही चुनाव कर अपनी अकादमिक क्षमता का स्वयं सतत मूल्यांकन कर सकता है।
वैश्विक ग्रेडिंग प्रणाली के अनुपालन में दुनिया भर में सभी
प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान क्रेडिट की एक ही प्रणाली को लागू कर रहे हैं। उदाहरण के
लिये यूरोपीय क्रेडिट अंतरण प्रणाली यूरोप के विश्वविद्यालयों में (ECTS), आस्ट्रेलिया
में 'राष्ट्रीय योग्यता फ्रेमवर्क' है। ब्रिटेन में क्रेडिट संचय और अंतरण प्रणाली
(कैट्स) है। अमेरिका, जापान में भी उच्च शिक्षा च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम पर ही
आधारित है।
विकल्प आधारित क्रेडिट प्रणाली के लाभ- सी.बी.सी.एस. छात्रों को अपनी पसंद के पाठ्यक्रम
का चयन करने की स्वतंत्रता प्रदान करती है। यह एक 'केफेटेरिया' दृष्टिकोण के समान है।
सी.बी.सी.एस. प्रणाली छात्रों के लिये है, जिससे
वे अपनी गति से लर्निंग पाठ्यक्रम का चयन कर उसे सीख सकते हैं। वे अतिरिक्त पाठ्यक्रम
के लिये विकल्प चुन सकते हैं और आवश्यक क्रेडिट की तुलना में अधिक क्रेडिट भी प्राप्त
कर सकते हैं। इस प्रकार इस प्रणाली से कमजोर से लेकर तेज, सभी वर्ग के छात्रों को अपनी
प्रतिभा अनुसार विषयों को पढ़ने की आजादी होती है। प्रणाली से छात्र केवल अपने विभाग
के विषयों के ज्ञान तक सीमित नहीं रहते। इस प्रकार छात्रों के रोजगार के अवसरों में
वृद्धि होगी। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में क्रेडिट के हस्तांतरण
के आधार पर चयनित होना आसान हो जाता है।
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पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्ति का पोर्टल खुला 31 अक्टूबर तक के लिये
देवास 15 अक्टूबर 2015/पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियो हेतु संचालित पोस्ट
मेट्रिक छात्रवृत्ति योजना का पोर्टल 9 से 31 अक्टूबर तक के लिये पुनः खोला गया है।
समस्त शासकीय एवं अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओ के प्राचार्यो को आदेशित किया गया है कि
वे ऐसे प्रकरण जिनमें विद्यार्थियो द्वारा नियमानुसार एवं पात्रता अनुसार छात्रवृत्ति
पोर्टल पर अपने आवेदनो को ऑन लाईन भरकर लॉक कर दिया गया है किन्तु उनकी छात्रवृत्ति
स्वीकृत नही हो सकी है ऐसे प्रकरणो में नियमानुसार एवं पात्रतानुसार निराकरण किया जाये
ताकि किसी भी पात्र विद्यार्थी को छात्रवृत्ति राशि से वंचित न होना पड़े।
समस्त शैक्षणिक संस्थाओ के पदाधिकारियो को निर्देशित
किया है कि वे शासन के उक्त निर्देशानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें, अन्यथा की स्थिति
में वे स्वयं दोषी माने जायेंगे एवं उनके विरूद्ध कठौर कार्यवाही की जायेगी।
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बीजो का उपचार कर बुवाई करें किसान
देवास 15 अक्टूबर 2015/कृषकों से आगामी रबी सीजन में बोयी जाने वाली फसलो
के शत्-प्रतिशत बीजों को जैविक कल्चर अथवा रासायनिक दवाइयों के द्वारा उपचारित कर ही
बोने की सलाह दी गई है, क्योंकि बीजोपचार करने से फसलो के बीज एवं मृदा जनित रोगों
एवं कीटों की रोकथाम की जा सकती है। जैव उर्वरक जैसे राइजोवियम, पीएसबी तथा ट्राइकोडरमा
द्वारा बीजोपचार किया जा सकता है। गेहूँ में कंडवा रोग के नियंत्रण के लिये गेहूँ के
बीज को बीटावेक्स नामक दवाई से 05 ग्राम प्रति किलो बीज के हिसाब से उपचारित करने से
कंडवा रोग का नियंत्रण किया जा सकता है।
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