दिनांक -07 अक्टूबर 2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
नेमावर में सोमवती अमावस्या की व्यवस्था के लिए बैठक संपन्न
देवास 07 अक्टूबर 2015/ नेमावर के नर्मदा तट पर आगामी सोमवती अमावस्या एवं पितृमोक्ष अमावस्या पर होने वाले स्नान पर्व के लिए प्रशासन की चौकस व्यवस्था रहेगी। आज बुधवार को नेमावर में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. कैलाश बुंदेला और विधायक आशीष शर्मा ने बैठक लेकर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। बैठक में जनपद अध्यक्ष खातेगांव गुलाबबाई टाड़ा, जिला पंचायत सदस्य बलदाम दावठा, नगर पंचायत नेमावर अध्यक्ष मनोरमा यादव, अन्य पार्षदगण तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, एसडीएम खातेगांव आर के नागराज, एसडीओपी शेरसिंह भूरिया, तहसीलदार डॉ. नरेंद्र बाबू यादव, सहित लोक निर्माण विभाग, विद्युत मंडल, नेशनल हाई-वे, नगर पंचायत तथा अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि स्नान के लिए घाटों में बैरिकेटिंग होगी। नागर घाट, सिद्धनाथ घाट, भैरो घाट, सहित स्नान के अन्य स्थलों में सुरक्षा एवं प्रकाश व्यवस्था रहेगी। सभी घाटों में पेयजल और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित होगी। बिजली हेतु जनरेटर के भी निर्देश दिए गए। सिद्धनाथ मंदिर में दर्शन हेतु महिला एवं पुरूषों की पृथक-पृथक पंक्त्िा होगी। गर्भ गृह में प्रवेश नहीं होगा। आत्माराम बाबा मेला ग्राउंड में पार्किंग व्यवस्था रहेगी। विधायक श्री शर्मा ने कहा कि गुराड़िया फाटा के नजदीक निर्धारित पार्किंग को घाट के ओर समीप लाया जाए। जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा नहीं हों। विधायक श्री शर्मा एवं एडीएम ने अन्य अधिकारियों के साथ घाटों निरीक्षण भी किया। समस्त विभागों को निर्देश दिए गए कि पर्व के दौरान जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है, उनका चार्ट बनाकर एसडीएम को उपलब्ध कराएं। सभी कर्मचारी पूरे समय ड्यूटी पर उपस्थित रहें।
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कुआं चल कर जाएगा प्यासे के पास आम आदमी को उसका हक दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने कसी कमर
देवास 07 अक्टूबर 2015/ कुआं प्यासे के पास
चलकर जाएगा। कलेक्टर आशुतोष अवस्थी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने इस कहावत को
चरितार्थ करने के लिए कमर कस ली है। यह बात जिले में चलाए जाने वाले साधिकार अभियान
के संबंध में हैं। अभियान के तहत जिले के प्रत्येक गांव के प्रत्येक घर में दस्तक दी
जाएगी। शासन की योजनाओं की जानकारी देकर उनसे पूछा जाएगा की इन योजनाओं का लाभ उन्हें
मिल रहा है या नहीं। घर-घर में दस्तक देने के लिए सरकारी अमले का दल बनाया जाएगा। उनके
हाथों में योजना संबंधी आवेदन-पत्र और फॉर्म भी होगा। मौके पर ही फॉर्म भरे जाएंगे
फिर जनपद स्तर पर उस पर कार्रवाई होगी। साधिकार के पोर्टल में सम्पूर्ण जानकारी भरी
जाएगी। योजना की स्वीकृति प्रदान कर गांव-गांव में कैम्प लगाकर स्वीकृति पत्र बांटे
जाएंगे। कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने बताया है कि अभियान के सिलसिले में व्यापक तैयारी
की जा रही है। सीईओ जिला पंचायत प्रबल सिपाहा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिले के
सभी एसडीएम अपने-अपने अनुविभाग में इस साधिकार अभियान को लीड करेंगे। उल्लेखनीय है
कि मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने शासन की योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राही
को योजना का लाभ दिलाए जाने के लिए इस तरह का अभियान चलाने के निर्देश प्रदेश के सभी
कलेक्टरों को दिए हैं।
कार्य योजना एवं समय सीमा
साधिकार
अभियान के लिए बिंदुवार समय सीमा तय की गई है। तय समय सीमा अनुसार 8 अक्टूबर को विकासखंड
स्तर पर साधिकार दलों का प्रशिक्षण एवं प्रारूपों का वितरण, 12 से 16 अक्टूबर को साधिकार
दल द्वारा ग्रामों में भ्रमण, 19 से 25 अक्टूबर को प्राप्त आवेदनों का विभागवार निराकरण,
26 अक्टूबर को विकासखंड स्तरीय साधिकार अभियान मेला के आयोजन, 28 अक्टूबर को संकलित
निराकृत तथा अस्वीकृत आवेदनों की सूची का जिले को प्रेषण, 30 अक्टूबर को जिला स्तर
से साधिकार अभियान के तहत की गई कार्रवाई को वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
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फसल बीमा का लाभ दिलाने पैमाना हुआ तय
देवास 07 अक्टूबर
2015/ जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है।
उन्हें फसल बीमा का लाभ देने के लिए पैमाना तय कर दिया गया है। उपायुक्त सहकारिता डॉ.
के.एन. त्रिपाठी ने बताया है कि कलेक्टर आशुतोष अवस्थी के मार्गदर्शन में किसानों को
फसल बीमा का लाभ दिलाने के लिए प्रशासन प्रयासरत है। देवास जिले में खरीफ में सोयाबीन
के 3,15,477 हेक्टेयर रकबे में 1,30,682 किसानों का 26.45 करोड़ प्रीमियम एग्रीकल्चर
इन्शुयोरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल को भेज दिया गया है। कुल
568.48 करोड़ फसल ऋण (बीमा धन) का बीमा अब तक हो चुका है।
व्यावसायिक बैंक द्वारा 53,633 किसानों को दिए
ऋण के लिए 18.09 करोड़ प्रीमियम तथा जिला सहकारी बैंक द्वारा 77,049 किसानों को एक लाख
पचासी हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में
बोई सोयाबीन फसल के लिए वितरित 250.60 करोड़ ऋण का 8.38 करोड़ प्रीमियम बीमा कंपनी को
भेजा जा चुका है।
सोयाबीन को किया है अधिसूचित
राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना अंतर्गत देवास जिले
के अंतर्गत खरीफ 2015 के लिए किसान कल्याण विभाग द्वारा जिले के समस्त पटवारी हल्कों
को अधिसूचित क्षेत्र एवं सोयाबीन को अधिसूचित फसल घोषित किया गया हैं। प्राकृतिक आपदा
से नष्ट हुई फसल का बीमा क्लेम किसानों को प्राप्त हो इसके लिए शासन एवं जिला प्रशासन
कृत संकल्पित हैं।
बीमा के भोपाल कार्यालय से ले सकते हैं जानकारी
जिला सहकारी बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक द्वारा सोयाबीन के लिए दिए फसल ऋण पर 3.5 प्रतिशत प्रीमियम
दिए गए ऋण में से काटकर एग्रीकल्चर इन्श्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड क्षेत्रीय
कार्यालय होशंगाबाद रोड भोपाल पर भेज सकते हैं। कार्यालय का दूरभाष नंबर 0755-4026101
पर भी संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
बीमा क्लेम भुगतान की प्रक्रिया
दावों
का भुगतान व्यक्तिगत आधार पर न होकर पटवारी हल्का इकाई मानकर होता है। देय दावा राशि का आकलन उपज में कमी में थ्रेशोल्ड
उपज का भाग देकर कृषक की बीमित राशि का गुणा किया जाता है। उपज में कमी की गणना थ्रेसोल्ड
उपज में से वास्तविक उपज को घटाकर किया जाता है।
खरीफ का प्रीमियम भेजने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर
कृषि विभाग ने बताया है कि जिस शाखा से फसल
ऋण प्राप्त किया हो, बीमा प्रीमियम उस बैंक शाखा द्वारा घोषणा पत्र के साथ भेज दिया
हो। खरीफ का प्रीमियम भेजने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2015 हैं। फसल कटाई प्रयोग जो
राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किए जाते हैं, जिससे फसल उत्पादन में आई
कमी ज्ञात होती हैं। सही-सही एवं निर्धारित संस्था में किए गए हो। पटवारी हल्का के
लिए न्यूनतम 4 एवं तहसील स्तर पर 16 फसल कटाई प्रयोग न्यूनतम हैं। बीमा क्लेम के निराकरण
में लगभग एक वर्ष का समय लगता हैं। प्राप्त क्लेम किसान के ऋण खाते में समायोजित किए
जाते हैं।
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31 दिसम्बर तक शत-प्रतिशत आधार पंजीयन सुनिश्चित करें
स्कूल कॉलेज तथा आँगनवाड़ी में चलाया जाएगा विशेष अभियान
देवास
07 अक्टूबर 2015/ मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा ने कहा है कि आगामी 31 दिसम्बर तक
प्रदेश के सभी नागरिकों का आधार पंजीयन सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने सभी शासकीय सेवकों
की पे-स्लिप पर आधार तथा पेन नम्बर अंकित करने के निर्देश भी दिये। प्रदेश में शत-प्रतिशत
आधार पंजीयन के लिये मंत्रालय में बैठक को संबोधित करते हुए श्री डिसा ने कहा कि अपर
मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा श्री एस.आर. मोहंती के नेतृत्व में गठित टॉस्क फोर्स, अभियान
की दैनिक आधार पर मॉनीटरिंग करेगा। इसके लिये संभाग स्तर पर समीक्षा बैठकें की जायेंगी।
बैठक में
बताया गया कि प्रदेश में 5 करोड़ 72 लाख 84 हजार 116 पंजीयन हो चुके हैं और 2 करोड़
11 लाख नागरिकों का पंजीयन शेष है। इनमें 18 वर्ष तक की आयु की संख्या अधिक है। आधार
पंजीयन के लिये स्कूल, कॉलेज तथा आँगनवाड़ी पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। साथ ही लोक
सेवा केन्द्र, जिला ई-गवर्नेंस समिति तथा एमपी ऑनलाइन के कियोस्क की पंजीयन के लिये
सेवाएँ लेने पर भी बैठक में विचार-विमर्श हुआ। समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के लिये
स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा महिला बाल विकास से नोडल अधिकारी नियुक्त
किये जायेंगे। आधार पंजीयन के लिये आमजन को प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रचार-प्रसार
गतिविधियाँ भी संचालित की जा रही हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती,
डॉ. अरूणा शर्मा तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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पिछड़ा-अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को मिलेगी नि:शुल्क कोचिंग
19
अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित
देवास 07 अक्टूबर 2015/राज्य शासन ने मध्यप्रदेश
लोक सेवा आयोग की आगामी राज्य सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने वाले
पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किये हैं। आवेदन
19 अक्टूबर, 2015 तक संचालक, राज्य-स्तरीय रोजगार एवं प्रशिक्षण केन्द्र (पिछड़ा वर्ग
एवं अल्पसंख्यक कल्याण), पुलिस रेडियो मुख्यालय के सामने, भदभदा रोड, भोपाल के पते
पर स्वीकार किये जायेंगे। प्रशिक्षण नवम्बर, 2015 से आरंभ होकर मध्यप्रदेश लोक सेवा
आयोग की राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा तिथि तक अथवा अधिकतम छह माह का होगा।
प्रशिक्षण
केन्द्र में 100 सीट पर प्रवेश दिया जायेगा। इसमें 50 स्थान पिछड़ा वर्ग और 50 स्थान
अल्पसंख्यक वर्ग के लिये है। प्रशिक्षण और आवास सुविधा नि:शुल्क है। इसके अलावा प्रशिक्षणार्थियों
को 350 रुपये मासिक की दर से शिष्यवृत्ति भी दी जायेगी। उम्मीदवारों का चयन स्नातक
स्तर पर प्राप्त अंक के आधार पर संकायवार मेरिट बनाकर किया जायेगा। महिला एवं विकलांग
अभ्यर्थियों को नियमानुसार आरक्षण दिया जायेगा। निःशुल्क कोचिंग के लिए आवेदक को मध्यप्रदेश
का मूल निवासी होने के साथ राज्य शासन द्वारा घोषित पिछड़ा वर्ग या अल्पसंख्यक वर्ग
का सदस्य होना आवश्यक है। आवेदक परीक्षा के लिये न्यूनतम अर्हता रखता हो। उसे आगामी
राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में अनिवार्यत: सम्मिलित होना होगा। अभिभावक की वार्षिक
आय समस्त स्रोतों से क्रीमीलेयर की सीमा (छह लाख रुपये) से अधिक न हो। मूल-निवासी और
आय प्रमाण-पत्र के लिये स्वयं का घोषणा-पत्र मान्य होगा।
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