Friday, 9 October 2015

दिनांक 10 अक्टूबर 2015


जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास

॥ स मा चा र॥

खास खबर
 देवास जिले के दो गांवों में 24 घंटे नल खोलते ही मिल रहा पानी
        देवास, 08 अक्टूबर 2015/ जो शहरों में संभव नहीं है, उसे देवास जिले के दो गांवों में ग्रामीणों ने कर दिखाया है। इन दोनों गांवों में चौबीसों घंटे स्वचछ पेयजल नल खोलते ही मिल रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से इन गांवों की नल जल योजना ग्रामीणों द्वारा ही संचालित की जा रही है। खास बात यह है कि ये दोनों गांव आदिवासी बाहुल्य बागली ब्लॉक में हैं।
       पीएचई के कार्यपालन यंत्री एस राजू के अनुसार विकासखंड बागली के ग्राम मुरादपुर एवं मानकुंड में सम्पवेल एवं उच्च स्तरीय टंकी में जल स्तर नियंत्रक लगाकर ग्राम में 24 घंटे 7 दिवस पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा हैं। ग्राम की टंकी खाली होते ही उक्त नियंत्रक स्वत: ही जल प्रदाय सम्पवेल से प्रारंभ कर देता हैं। टंकी भरते ही नियंत्रक स्वत: ही जलप्रदाय बंद कर देता हैं। इसी प्रकार सम्पवेल खाली होने पर उक्त नियंत्रक स्वत: ही जल प्रदाय नलकूप से प्रारंभ कर सम्पवेल में जलप्रदाय प्रारंभ कर देता हैं एवं सम्पवेल भरते ही नियंत्रक स्वत: ही जलप्रदाय बंद कर देता हैं। इस प्रकार यह प्रक्रिया निरंतर निर्वाध चलती रहती हैं। जिससे योजना से 24 घंटे 7 दिन सफल संचालन होता रहता हैं।
मुरादपुर में बंद हो जाते थे हैंडपंप
       ग्राम मुरादपुर बागली से 34 किमी की दूरी पर स्थित है। वर्ष 2011 में गांव की जनसंख्या 486 थी। वर्तमान में लगभग 525 है। ग्रामीण किशनसिंह ने बताया कि ग्राम में स्थापित लगभग सभी हैंडपंप जलस्तर नीचे जाने से बंद हो जाते थे। जिससे ग्राम में भीषण पेयजल संकट व्याप्त हो जाता था। ग्रामीणों को पेयजल के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को दृष्टिगत रखते हुए लोक स्‍वास्थ्य यांत्रिकी विभाग देवास द्वारा ग्राम पंचायत से समन्वय कर जनभागीदारी आधारित चौबीस घंटे सातों दिन निरंतर निर्बाध रूप से पेयजल योजना प्रदान की गई। योजना की लागत 13 लाख 77 हजार रूपए है। योजना के तहत 150 मिमी व्यास का एक नलकूप, 150 मिमी व्यास का एक सबमर्सिबल पंप, उच्चस्तरीय ब्रिकमेसनरी पंप हाउस कम स्टैंड मय 5 हजार लीटर क्षमता पीवीसी माउल्डेड डबल लेयर टैंक 4 नग (20 KL) 4 मीटर स्टेडिंग, 90 मिमी व्यास 10 किलोग्राम वर्ग सेंटीमीटर प्रेशर पीवीसी पाइप लाइन, 90 मिमी व्यास 6 किलोग्राम वर्ग सेंटीमीटर पीवीसी पाइप लाइन के कार्य किए गए हैं। ग्राम में लगभग 50 परिवार है जिसमें 40 घरेलू नल कनेक्शन से पेयजल वितरण हो रहा है। शेष 10 परिवारों के घरेलू कनेक्शन का कार्य प्रगति पर है। ग्राम की पेयजल योजना उप समिति के अध्यक्ष धीरजसिंह सेंधव के मार्गदर्शन में एवं ग्राम पंचायत के सरपंच अनोखेलाल के समन्वय से सुचारू रूप से 24 घंटे सातों दिन संचालित की जा रही है जो एक प्रंशसनीय कार्य है।
मानकुंड में व्यवस्था के लिए बनी है पेयजल उप समिति
       ग्राम मानकुंड विकासखंड बागली से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ग्राम की वर्ष 2011 की जनसंख्या 4357 एवं वर्तमान में 4708 है। ग्राम में स्थापित अधिकांश हैंड पंप जलस्तर नीचे जाने से बंद हो जाते थे, जिससे ग्राम में भीषण पेयजल संकट व्याप्त हो जाता था एवं ग्रामीणों को पेयजल के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को दृष्टिगत रखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग देवास द्वारा ग्राम पंचायत से समन्वय कर चौबीस घंटे सातों दिन  निरंतर निर्बाध रूप से पेयजल योजना लागत 23 लाख 65 हजार रूपए बनाकर की गई। पेयजल योजना के तहत 150 मिमी व्यास के 2 नलकूप, 150 मिमी व्यास के दो सबमर्सिबल पंप, आरसीसी कम ब्रिकमेशनरी सम्पवेल क्षमता 20 हजार लीटर, उच्चत स्तरीय आरसीसी टंकी क्षमता 125 KL-12 मीटर स्टेजिंग, 90 मिमी व्यास-10 किलाग्राम वर्ग सेंटीमीटर प्रेशर पीवीसी पाइप लाइन 700 मीटर, 110 मिमी व्यास एवं 90 मिमी व्यास-6 किलोग्राम वर्ग सेंटीमीटर प्रेशर पीवीसी पाइप लाइन 3100 मीटर, फेब्रीकेटेड पंप हाउस निर्माण, स्वचलित जल स्तर नियंत्रक एक के कार्य कराए गए हैं।
       ग्राम में लगभग 784 परिवार है, जिसमें से लगभग 70 प्रतिशत परिवारों के घर तक पाइप लाइन बिछी हुई है, जिसमें ग्राम में लगभग 444 घरेलू नल कनेक्शन से पेयजल वितरण हो रहा है। शेष 340 परिवारों के पास स्वयं के निजी स्त्रोत हैं। ग्राम की जल योजना सरपंच मुंशी खां के सानिध्य में ग्राम की पेयजल उप समिति द्वारा सुचारू रूप से चौबीस घंटे तथा सातों दिन संचालित की जा रही है। इस प्रकार ग्राम की योजना संचालन एक प्रंशसनीय कार्य है।




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-प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से मिलेंगे तीन प्रकार के ऋण
        देवास, 08 अक्टूबर 2015/ कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने बताया है कि भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गई। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत बैंकों के माध्यम से तीन प्रकार के ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे। कलेक्टर ने सीईओ जिला पंचायत प्रबल सिपाहा और लीड बैंक मैनेजर सहित सभी शाखा प्रबंधकों को योजना की जानकारी आम जनता को देते हुए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
10 लाख रूपए तक के मिल सकते हैं ऋण
       प्रथम श्रेणी में शिशु योजना अंतर्गत 50,000 रूपए द्वितीय श्रेणी में किशोर योजना अंतर्गत 50,000 रूपए से अधिक एवं 5 लाख रूपए तक तथा तृतीय श्रेणी में 5 लाख से अधिक एवं 10 लाख रूपए तक के ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
       इस योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना अंतर्गत 20 हजार रूपए तक के ऋण प्रकरण तथा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत 50 हजार रूपए तक के ऋण  प्रकरण विभागीय लक्ष्य अनुसार बैंकों में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग द्वारा  बैंको में प्रस्तुत प्रकरणों को इस संचालनालय द्वारा विकसित समस्त (SAMAST)  साफ्टवेयर में दर्ज करना सुनिश्चित करें, जिससे लंबित प्रकरणों की मॉनीटरिंग की जा सकेगी।
238 प्रकरण हुए स्वीकृत
       देवास में गत एक अक्टूबर को आरसेटी में जिला स्तरीय कैम्प का आयोजन किया गया। शिविर में विजया बैंक द्वारा 46, बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 31, बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा 30, कॉर्पोरेशन बैंक द्वारा 29, सिंडीकेट बैंक द्वारा 26, इंडियन बैंक द्वारा 25, यूनियन बैंक द्वारा 26, सेंट्रल बैंक द्वारा 25 इस तरह कुल 8 बैंकों द्वारा 238 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं।
       कलेक्टर ने निर्देश दिए है कि प्रत्येक बैंक द्वारा शाखा स्तर पर इस योजना के क्रियांवयन के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। समस्त बैंकों द्वारा सुनिश्चित किया जाए कि प्रचार-प्रसार की सामग्री शाखा स्तर पर उपलब्ध रहे। साथ ही बैंक शाखा में पोस्टर/बैनर भी चस्पा किए जाएं।
एक पृष्ठ में ही  रहेगा आवेदन
       कलेक्टर ने साफ कहा है कि उक्त योजना के लिए मात्र एक पृष्ठीय ऋण आवेदन का प्रारूप रहे। जो कि इस एसएलबीसी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। हितग्राही से सिर्फ निर्धारित प्रारूप में ही ऋण आवेदन प्राप्त किया जाए। सभी बैंकों से अपेक्षा है कि शाखा स्तर पर यह प्रारूप हिंदी भाषा में उपलब्ध रहें।
न्यूनतम रहेगी स्टॉम्प ड्यूटी
       स्टॉम्प ड्यूटी न्यूनतम रखी जाए। कम राशि के स्टॉम्प के लिए कलेक्टर द्वारा चालान से बैंक में राशि जमा करने के निर्देश स्टॉम्प अधिनियम के तहत जारी कर दिए गए हैं। यह भी स्पष्ट किया गया है कि बैंक द्वारा उक्त योजना अंतर्गत स्वीकृति एवं निर्गमित किए जाने वाले ऋण पर अधिकतम 12 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ही ब्याज लगाया जाएगा। सभी बैंक भारत सरकार के निर्देशानुसार ही ब्याज दर का निर्धारण सुनिश्चित करेंगे।
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अवैध शराब बेचने वालों पर करें कार्रवाई
कलेक्टर ने खातेगांव ब्लॉक के भ्रमण के दौरान दिए निर्देश
       देवास, 09 अक्टूबर 2015/ कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने गुरूवार को देर रात तक खातेगांव ब्लॉक ग्राम कवलासा, धायली, भटासा, बरवई में विभिन्न गावों में विधायक आशीष शर्मा के साथ रात्रि चौपाल लगाई। चौपाल के दौरान गांव बरवई की महिलाओं ने कलेक्टर को बताया कि गांव में टोकन पद्धति से अवैध शराब की बिक्री की जा रही है। शराब पीकर लोग गाली-गलौच करते हुए निकलते है, जिससे हमारा घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इस पर कलेक्टर ने चौपाल में उपस्थित एसडीएम आरके नागराज को निर्देश दिए कि वे आबकारी विभाग के साथ कार्रवाई करें तथा अवैध शराब की ब्रिकी बंद करें।
       इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य बलराम दावठा, जनपद पंचायत अध्यक्ष गुलाबबाई टाडा, अन्य जनप्रतिनिधि, सीईओ जिला पंचायत प्रबल सिपाहा, एसडीएम आरके नागराज, तहसीलदार नरेंद्र बाबू यादव एवं संबंधित अधिकारी तथा ग्रामीणजन उपस्थित थे।
विधवा पेंशन के कार्य में लाए गति
       रात्रि चौपाल के दौरान ग्राम कवलासा में ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि हमें विधवा पेंशन नहीं मिलती है और अगर मिलती है तो भी देरी हो जाती है। इस पर कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत को निर्देश दिए कि विधवा पेंशन के कार्य में गति लाए तथा समय पर पेंशन दी जाएं।
तालाब की भूमि पर से अतिक्रमण हटाए
       चौपाल के दौरान ग्राम धायली के ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर तालाब पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम को निर्देश दिए कि तालाब की भूमि पर से अतिक्रमण हटाए।
अन्य ग्रामों में चौपाल लगाई
       कलेक्टर ने रात्रि चौपाल के दौरान अन्य गांवों में चौपाल लगाई तथा ग्रामीणों की समस्याएं सुनी तथा निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
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प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना

प्रदेश के 262 अजा बहुल गाँव के लिये 52.40 करोड़ मंजूर 
मध्यप्रदेश पहली बार योजना में शामिल

देवास जिले के 10 गांव भी हैं शामिल
   देवास, 09 अक्टूबर 2015/ केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने मध्यप्रदेश के 262 अनुसूचित-जाति बहुल गाँव के विकास के लिये 52 करोड़ 40 लाख रुपये स्वीकृत किये हैं। यह ऐसे गाँव हैं, जहाँ की आबादी में 50 प्रतिशत से अधिक लोग अनुसूचित-जाति के हैं। यह राशि प्रति गाँव 20 लाख रुपये की दर से स्वीकृत की गयी है। उल्लेखनीय है कि इस योजना में मध्यप्रदेश को पहली बार शामिल किया गया है।
   केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत की पहल पर स्वीकृत इस राशि में से 44 करोड़ 70 लाख रुपये देश के अनुसूचित-जाति कल्याण विभाग को जारी कर दिये गये हैं। शेष 7 करोड़ 70 लाख रुपये शीघ्र जारी किये जायेंगे।
देवास जिले के 10 गांव भी हैं शामिल
   योजना में जिन गाँव के लिये राशि स्वीकृत की गयी है, उनमें  देवास जिले के 10, भोपाल जिले के 10, सीहोर और रायसेन 5-5, राजगढ़ 4, विदिशा 7, ग्वालियर 15, शिवपुरी 13, गुना 5, अशोकनगर 4, दतिया 2, शहडोल एक, डिण्डोरी 4, होशंगाबाद एक, बैतूल 3, हरदा एक, जबलपुर 2, नरसिंहपुर एक, छिन्दवाड़ा 2, सिवनी एक, सागर 4, दमोह 3, पन्ना 5, छतरपुर 2, टीकमगढ़ 3, श्योपुर एक, मुरैना 7, भिण्ड 4, इंदौर 22, अलीराजपुर 2, बड़वानी एक, खण्डवा 5, बुरहानपुर 3, उज्जैन 40, रतलाम 27, शाजापुर 4, आगर-मालवा 9, मंदसौर 16, नीमच और रीवा दो-दो तथा सतना जिले के 4 गाँव शामिल हैं।

       

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