Thursday, 8 January 2015

08-01-2015

जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र ॥
बलराम तालाब निर्माण में गड़बड़ी में अभी तक 13 के विरूद्ध कार्रवाई
कलेक्टर ने जारी किए निर्देश
     देवास 08 जनवरी 2015/ जिले के टोंकखुर्द क्षेत्र में बलराम तालाब निर्माण कार्य में गड़बड़ी पाए जाने पर कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी द्वारा संबंधित 8 शासकीय सेवकों के विरूद्ध कार्रवाई की गई है। इसी प्रकरण में 4 शासकीय सेवकों के विरूद्ध पूर्व में कार्रवाई की जा चुकी है। एक सरपंच के विरूद्ध धारा 40 के अंतर्गत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
     जिले के विकासखंड टोंकखुर्द के ग्राम आगरोद, जिरवाय, बालाखेड़ा में बलराम तालाब योजना के अंतर्गत तालाब निर्माण के  लिए गलत ले-आउट, गलत मूल्यांकन करने, विभागीय दिशा निर्देशों के विपरीत कार्रवाई करने तथा निर्माण कार्यों में अनियमितता बरतने कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी द्वारा भूमि संरक्षण सर्वे अधिकारी श्री आबिद अली (वर्तमान में विदिशा में पदस्थ) के विरूद्ध आरोप पत्र बनाकर कलेक्टर विदिशा को कार्यवाही के लिए लिखा गया है। इसी तरह तत्कालीन एडीओ श्री जयसिंह तोमर जो वर्तमान में पदोन्नति उपरांत स्थानांतरित होकर नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण सेंधवा जिला बड़वानी में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं, के विरूद्ध कार्यवाही के लिए आरोप पत्र तैयार कर सक्षम अधिकारी की ओर कलेक्टर बड़वानी के माध्यम से प्रेषित किया गया है। इसी तरह सेवानिवृत्त आरएईओ ग्राम आगरोद श्री डीआर सिसोदिया एवं सेवानिवृत्त आरएईओ ग्राम जिरवाय श्री आरसी चौधरी के विरूद्ध जांच कर पृथक से कार्यवाही की जायेगी।
     प्रकरण में संविदा उपयंत्री श्री भरत झकोरे को निलंबित कर उनका मुख्यालय जनपद पंचायत देवास किया गया है। मनरेगा योजना के संचालन के लिए जिम्मेदार मेट तथा रोजगार सहायक ग्राम जिरवाय श्री हरेन्द्र जशोना को पद से पृथक किया गया है। सम्पूर्ण प्रकरण में लगातार गलत जानकारी प्रस्तुत करने पर तत्कालीन सचिव ग्राम पंचायत श्री ओमप्रकाश शर्मा तथा वर्तमान सचिव श्री कैलाश मालवीय को निलंबित किया गया है। ग्राम पंचायत के सरपंच श्री सुभाष पिता सुंदरलाल के विरूद्ध मप्र ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के अंतर्गत कार्रवाई के लिए प्रकरण विहित प्राधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व्‍) सोनकच्छ जिला देवास को भेजा गया है।
क्रमांक 205/1976/08-01-2015

जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र ॥
जिला पंचायत सदस्य के सभी नामांकन पत्र विधिमान्य पाए गए
कल नाम वापसी का अंतिम दिन
     देवास 08 जनवरी 2015/ जिले में पंचायतों के आम निर्वाचन के अंतर्गत आज गुरूवार को जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच एवं पंच पदों के लिए प्राप्त नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा का कार्य किया गया। अभ्यर्थिता से नाम वापसी 10 जनवरी को दोपहर 3.00 बजे तक हो सकेगी। इसके बाद प्रतीक चिन्हों का आवंटन किया जाएगा।
     जिला पंचायत सदस्य के नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आशुतोष अवस्थी द्वारा की गई। संवीक्षा के उपरांत सभी 141 अभ्यर्थियों द्वारा भरे गए कुल 145 नाम निर्देशन पत्र विधिमान्य पाए गए।‍ निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्धारित प्रारूप में सूची का प्रकाशन जिला निर्वाचन कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर कर दिया गया है।
प्रतीक चिन्हों के लिए नहीं मिलेगा विकल्प
     जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पंचायत चुनाव में अभ्यर्थियों के नाम सूची में जिस क्रम में होंगे, उसी के अनुसार उन्हें प्रतीक चिन्हों की सूची से प्रतीक चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। अभ्यर्थियों की सूची देवनागरी लिपि में वर्णानुक्रम से तैयार की जा रही है। पंचायत निर्वाचन का दलगत आधार नहीं है।
नाम वापसी के लिए ये होगा आवश्यक
     जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जो अभ्यर्थी अभ्यर्थिता से अपना नाम वापस लेना चाहते है, उन्हें निर्धारित प्रारूप-6 में अपना आवेदन प्रस्तुत करना होगा, जिस पर उम्मीदवार केका हस्ताक्षर होना चाहिए, इसके साथ नाम निर्देशन पत्र प्राप्ति की मूल रसीद भी हो। उम्मीदवार स्वयं या उसका प्रस्तावक आवेदन प्रस्तुत कर सकता है, परंतु दोनों को अपने परिचय पत्र की छायाप्रति प्रस्तुत करना होगी।
क्रमांक 206/1977/08-01-2015





जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र॥
कीट वृद्धि में सहायक है मौसम का बदलाव
चना फसल में अपनाना होंगे कीट नियंत्रण के उपाय
     देवास 08 जनवरी 2015/ जिले में वर्तमान रबी मौसम में लगभग 1 लाख 27 हजार है. क्षेत्र में चना फसल बोई गई है। लगातार मौसम में बदलाव होने के कारण चना फसलों में कीटों के बढ़ने की आशंका ज्यादा होती है। इसके लिए सामान्य एकीकृत नियंत्रण के प्रयास प्रारंभ से ही करने की सलाह किसानों को कृषि विभाग द्वारा दी गई है।
    उप संचालक कृषि श्री केसी वास्केल ने बताया कि सामान्य रूप से फसल की स्थिति अच्छी है, लेकिन बदले मौसम के कारण चने की फसलों में कीटों- कटुआ, इल्ली, हरी अर्द्ध कुंडक इल्ली, तम्बाकू इल्ली तथा तना छेदक इत्यादि का प्रभाव हो सकता है। चने के पौधे की प्रारंभिक अवस्था से ही हरी सेमी लूपर इल्ली, पत्तियों, शाखाओं तथा फूल एवं फली को भी नुकसान पहुंचाती है। इस कारण फसल की उत्पादकता पर असर पड़ता है।
टी आकार की खूंटियां गाड़ने से होगा फसलों में बचाव
     उप संचालक कृषि ने बताया कि चने की इल्ली पर नियंत्रण के लिए खेत में स्थान-स्थान पर अंग्रेजी के टी अक्षर आकार की खूंटिया गाड़ देनी चाहिएं। इससे इल्ली खाने वाले पक्षियों को बैठने के लिए ठिकाना  मिलता है, ताकि वे सरलता से कीट का शिकार कर सकें। इसके साथ ही एनपी वायरस का घोल फसल पर छिड़काव से भी इल्लियों पर एक विषाणु रोग लग जाता है और वे मर जाती हैं। इसी प्रकार का एक ओर उपाय फैरोमेन ट्रेप है। इसके माध्यम से कीट प्रकोप की प्रांरभिक सूचना प्राप्त होती है।
रासायनिक घोल को मेड़ पर डाले
श्री वास्केल ने बताया कि रासायनिक नियंत्रण के लिए क्वीनालफॉस 25 ईसी 1.25 लीटर प्रति हैक्टअर या ट्राईजोफॉस 40 ईसी एक लीटर प्रति हैक्टअर या प्रोफेनोफॉस 50 ईसी एक लीटर प्रति हैक्टअर, 400 से 500 लीटर पानी में अच्छी तरह घोल बना कर पौधों पर तथा खेत की मेड़ों पर छिड़काव करें।
क्रमांक 207/1978/08-01-2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र॥
पल्स पोलियो अभियान संबंधी बैठक 12 जनवरी को
      देवास 08 जनवरी 2015/ राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 18 जनवरी से 22 फरवरी 2015 तक आयोजित किया जाएगा। इसके लिए जिला टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में 12 जनवरी को आयोजित की जाएगी। बैठक में सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।
क्रमांक 208/1979/08-01-2015
लंबित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक 12 जनवरी को
       देवास 08 जनवरी 2015/ लंबित समयावधि पत्रों की बैठक का आयोजन 12 जनवरी सोमवार को प्रातः 10.30 बजे से कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी की अध्यक्षता में किया जाएगा। कलेक्टर ने सर्वसंबंधितों को आवश्यक जानकारी के साथ बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
क्रमांक 209/1980/08-01-2015
मध्यप्रदेश मोटर-यान कराधान (संशोधन) विधेयक पारित

कर संग्रहण प्रक्रिया हुई व्यवस्थित 

 वायु प्रदूषण रोकने विद्यमान कर की दर में 2 प्रतिशत की कमी

      देवास 08 जनवरी 2015/ प्रदेश में मध्यप्रदेश मोटर-यान कराधान (संशोधन) विधेयक-2014 पारित किया गया है। अधिनियम के बिन्दुओं का मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में 3 जनवरी, 2015 को प्रकाशन किया गया है।
     विधेयक के जरिये करों के संग्रहण की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया गया है। वर्तमान विधेयक में वायु प्रदूषण रोकने के लिये विद्यमान कर की दर में 2 प्रतिशत तक की कमी की गई है। विधेयक में इस बात का भी प्रावधान किया गया है कि ऐसे छोटे माल-यानों के स्वामियों से, जिनकी रजिस्ट्रीकृत लदान भार क्षमता 5000 किलोग्राम तक है तथा ऐसे वाहन, जिनकी बैठक क्षमता 12+1 है, इनमें तिमाही कर जमा करने के विकल्प को समाप्त कर अब जीवन-काल कर (लाइफ टाइम टेक्स) को अनिवार्य किया गया है।
स्कूल वाहन के 1992 से विद्यमान - कर के दर हुई कम
     विधेयक में डीलक्स और वातानुकूलित बसों की दरों को इस प्रकार कम किया गया है कि उनकी कर दर साधारण बस के कर की दर के समान हो जाये। राज्य के आंतरिक क्षेत्रों तथा राज्य से लगे हुए क्षेत्रों तक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के लिये वाहनों की वर्तमान कर दर में भी कमी की गई है। स्कूल वाहन के लिये वर्ष 1992 से विद्यमान कर की दर को भी कम किया गया है। इस कमी से प्रति सीट प्रतिमाह एक रुपये की दर से कर लिया जा सकेगा। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये ऑल इण्डिया टूरिस्ट परमिट वाली समस्त बसों के लिये कर को कम किया गया है। वाहन कर अपवंचन रोकने के लिये भुगतान की प्रक्रिया को युक्ति-युक्त बनाया गया है। विधेयक के जरिये वाहन स्वामी कर की गणना के बाद ऑनलाइन भुगतान कर सकें, यह सुविधा भी दी गई है। विधेयक में यह सभी संशोधन भारत सरकार की परिवहन विकास परिषद की 35वीं बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार किये गये हैं।
क्रमांक 210/1981/08-01-2015






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