Tuesday, 28 July 2015

दिनांक 28 जुलाई 2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र ॥
सफलता की कहानी
पूजा के फूलों से बन रही जैविक खाद: देवास कलेक्टर की पहल ने दिखाई नई राह
   देवास, 28 जुलाई 2015/ पहले माताजी का श्रृंगार! फिर उतरे फूल हार। फिर जैविक खाद बन किसानों के श्रम सीकर से एकाकार हो जाते हैं ये निर्माल्य। देवास की माताजी से टेकरी में कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने जैविक खाद संयंत्र बनवाकर एक नई राह दिखाई है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम ''आत्मा'' के नवाचार घटक के अंतर्गत मां चामुण्डा टेकरी पर माताजी पर अर्पित फूलों से नाडेप एवं चार चक्रीय वर्मी कम्पोस्ट इकाई द्वारा जैविक खाद का निर्माण किया जा रहा है।
   देवास की पहचान इस पवित्र धार्मिक स्थल पर कलेक्टर ने  कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम आत्मा के नवाचार घटक के अंतर्गत माताजी के मंदिर में अर्पित फूलों, प्रसाद, नारियल इत्यादि से नाडेप और चार चक्रीय वर्मी कम्पोस्ट इकाई के द्वारा जैविक खाद निर्माण परिसर बनावाया है। यहां तीन तरह की यूनिट नाडेप, वर्मी कम्पोस्ट का पक्का यूनिट, और चार चक्रीय वर्मी कम्पोस्ट है।
    प्रतिदिन यहां काम करने वाले कमल जो कि एक हाथ से विकलांग है थैला लेकर मंदिर में जाते हैं। माताजी पर चढ़ने वाले हार, फूल, नारियल प्रसादी आदि सामग्री को एकत्र कर यहां लेकर आते है। फिर उसमें से प्लास्टिक, कांच और पत्थर को अलग किया जाता है। बची हुई फूलों को चार चक्रीय के एक इकाई टांके में डाल दिया जाता है। इसके उस पर पानी का हल्का छिड़काव किया जाता है। इस प्रक्रिया में गोबर और मिट्टी भी मिलाई जाती है, जब ये आधा सड़ जाता है तब पहली बार लगभग हजार केंचुऐ इसमें छोड़ दिए जाते हैं। फिर भरे हुये टांके को प्लास्टिक या जूट के बोरों से ढंक दिया जाता है। ताकि केंचुऐ के द्वारा खाद बनाने की प्रक्रिया सुचारू रुप से हो सके और अधेंरा पसंद केंचुओं को वातावरण मिल सके।
केंचुओं के पेट में अमीनो एसिड नामक रसायन होता है
   मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में ग्रामीण विकास का कार्य कर चुके कलेक्टर श्री अवस्थी बताते हैं कि केंचुए अंधेरे में रहना पसंद करते हैं। आधी सड़ी हुई वस्तुएं इनका भोजन रहती है। ये केंचुऐ अपना भोजन करते हुये प्राकृतिक अवस्था में जमीन के 10 फिट नीचे तक जाते हैं। दूसरे रास्ते से छेद बनाते हुये वापस ऊपर आते हैं। ऊपर आकर अपनी हगार करते है जो जैविक खाद के रुप में होती है। केंचुओं के पेट में अमीनो एसिड और इस तरह के रसायन होते है जो जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया में बहुत सहायक होते है। इस खाद में खेती के लिये आवश्यक पूरे 16 तत्व होते है जबकि रासायनिक खाद में एक बार में अधिकतम 2 या 3 तत्व मिलते है। केंचुऐ जिस छेद से जाते है न तो उस छेद से वापस आते है और न दुबारा जाते है। ये नया रास्ता बनाते हुये ऊपर आते है और पुनः मल विसर्जन करते है जो कि खाद के रुप में हमें प्राप्त होती है। प्राकृतिक रुप में भी केंचुयें इसी प्रक्रिया का अपनाते है। जिससे खेत में नलिकाओं का निर्माण होता है इससे वायु का संचार अच्छा होता है और पानी नीचे अच्छा उतरता है।
केंचुए किसान का मित्र होता है
   केंचुऐ को किसान का मित्र कहा जाता है। ये प्राकृतिक रुप से खेत की जुताई करता है खेत की इसी प्रक्रिया के अनुरूप चार चक्रीय वर्मी इकाई में केंचुऐ से जैविक खाद का निर्माण किया जा रहा है। केंचुऐ छोड़ने के 21 दिन के बाद खाद बनाकर तैयार कर देते है। तब तक दूसरे टांकें में एकत्र किये गये हर फूल आदि सड जाते है और केचुऐ चाय पत्ती की तरह खाद बनाने के पश्चात भोजन की तलाश में दूसरे टांके में स्वतः ही चले जाते है। इसी तरह से दूसरे से तीसरे और तीसरे से चौथे टांके में बिना किसी मशीनी प्रक्रिया के निरंतर जैविक खाद का निर्माण होता रहता है। खाद बनने के पश्चात बड़ी छन्नीनुमा यंत्र के द्वारा छान लिया जाता हैं जिससे कि कंकड पत्थर तथा केंचुऐ अलग किये जा सके। बारीक छने हुये खाद को 1 किला, 5 किलो तथा 50 किलो के पैकिंग के रुप में मार्केट के लिये तैयार किया जाता हैं जहां 15 रुपये किलो के हिसाब से बेचा जाता है। पहली बार में 40 हजार रुपये का जैविक खाद इस इकाई से बेचा जा चुका है। इस यंत्र के नीचे एक बाल्व लगा है। इस वाल्व से केंचुऐं का नहाया हुआ पानी निकाला जाता है जिसे वर्मी वाश कहा जाता है ये वर्मी वाश जैविक खाद का सत् होता है। डाला गया पानी केंचुऐ के ऊपर से जव अधिक मात्रा में हो जाता है तो वाल्व के माध्यम से उसे निकाल दिया जाता है ये वर्मी वाश फसलों और पौधों के लिये टानिक का कार्य करता है।
ग्राम हतनौरी के स्व सहायता समूह को सौंप दी है इकाई
   प्राकृतिक रुप से खेती करने वालो के लिये ये खाद और वर्मी वाश अमृत के रुप में होता है। इकाई के ऊपर बनाया गया शेड अतिरिक्त वर्षा के पानी से बचाता है एवं अंधेरे का वातावरण तैयार करता है जो कि केचुऐं के लिये आवश्यक होता है। परिसर मे बनाये गये नाडेप एवं चार चक्रीय वर्मी इकाई से खाद बनाने की प्रक्रिया जल्द पूर्ण हो जाती है। खाद को बनने में तीन महीने लगते है और एक से डेढ महीने में आधा सड़ जाता है तत्पश्चात इसे चार चक्रीय इकाई में शिफ्ट कर दिया जाता है। इस इकाई को वर्तमान में म.प्र. जन अभियान परिषद ग्राम विकास प्रस्फुटन के ग्राम हतनौरी के स्वयं सहायता समूह को सौंप दिया गया है।
  
जैविक खाद एवं रोजगार के नए आयाम मिले
   माताजी की टेकरी के संवर्धन में नियुक्त नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर कैलाश बुंदेला बताते हैं कि आस्था एवं श्रद्धा के इस तरह से पवित्र स्थल पर जैविक इकाई के निर्माण कचरे का उचित निपटारा हो रहा है। वहीं खेती के लिये लाभदायक जैविक खाद और रोजगार के नये आयाम मिल रहे है। इस तरह की जैविक खाद का उपयोग कर कई ग्रामों के किसान सम्पन्नता एवं उन्नति की ओर अग्रसर हो रहे है। इस तरह की इकाई का निर्माण कर आपके द्वारा भी अधिक मुनाफा कमा सकतें है और जमीन को बंजर होने से बचा सकते है।
क्रमांक 190/721/28-07-2015           (फोटो-संलग्न)

जिला पंचायत की स्थायी समिति एवं साधारण सभा की बैठक स्थगित
   देवास, 28 जुलाई 2015/ जिला पंचायत देवास की सामान्य प्रशासन स्थायी समिति एवं साधारण सभा की बैठक अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है।
   मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने बताया कि आगामी 31 जुलाई को होने वाली उक्त दोनों बैठकें अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है। उक्त दोनों बैठकें अब 12 अगस्त 2015 को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित होंगी। सामान्य प्रशासन स्थायी समिति की बैठक प्रात: 11 बजे एवं साधारण सभा की बैठक अपरान्ह 2 बजे से होगी। बैठक का एजेंडा पूर्वानुसार ही रहेगा।
क्रमांक 191/722/28-07-2015  
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र ॥
जिले में 662.50 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
    देवास, 28 जुलाई 2015/ जारी मानसून सत्र में जिले के वर्षामापी केन्द्रों पर अभी तक औसत रूप से 662.50 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार जारी मानसून सत्र में अभी तक सर्वाधिक सोनकच्छ में 917, टोंकखुर्द में 725, उदयनगर में 723, देवास में 711, कन्नौद में 646, खातेगांव में 562, बागली में 555 तथा सतवास में 461 मिमी औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई।
                  24 घंटे में 8.70 मिमी वर्षा
    पिछले 24 घंटों में 8.70 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसमें टोंकखुर्द में 19, उदयनगर में 18.60, सोनकच्छ में 11, देवास में 10, बागली में 4, खातेगांव में 3, कन्नौद में तथा सतवास में 2-2, मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
गत वर्ष इस दिनांक को 10.38 मिमी वर्षा दर्ज हुई
    गत वर्ष 28 जुलाई को खातेगांव में 34, कन्नौद में 22,  देवास में 16, सतवास में 7, सोनकच्छ  में 3, बागली में 1, उदयनगर में तथा टोंकखुर्द में शून्य मिमी वर्षा दर्ज की गई।
पिछले साल 298.50 मिमी औसत वर्षा
    अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार गत मानसून सत्र में अभी तक खातेगांव में 358, सोनकच्छ में 353, उदयनगर में 343, कन्नौद में 308, देवास में 307, टोंकखुर्द में 305 बागली में 222 तथा सतवास में 192 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
क्रमांक 192/723/28-07-2015  
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र ॥
प्रदेश में 19 जिले में सामान्य से अधिक, 23 जिले में सामान्य, 3 जिले में कम वर्षा
देवास जिला सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिलों में
   देवास, 28 जुलाई 2015/ प्रदेश में एक जून से 27 जुलाई तक हुई वर्षा के आधार पर 19 जिले में सामान्य से अधिक, 23 जिले में सामान्य वर्षा तथा 9 जिले में कम वर्षा हुई है। जिन जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है, उनमें देवास, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, ग्वालियर, गुना, अशोकनगर, भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ है।
सामान्य वर्षा वाले जिले
   सामान्य वर्षा वाले जिले जबलपुर, छिन्दवाड़ा, सिवनी, मण्डला, डिण्डोरी, नरसिंहपुर, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, खरगोन, बड़वानी, खण्डवा, मुरैना, शिवपुरी, दतिया, होशंगाबाद, हरदा, बैतूल और भिण्ड हैं।
कम वर्षा वाले जिले
   कम वर्षा वाले जिले कटनी, बालाघाट, पन्ना, अनूपपुर, बुरहानपुर, श्योपुर, दमोह, सीधी एवं सिंगरोली हैं।
क्रमांक 193/724/28-07-2015  
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र ॥
अब प्राकृतिक आपदा से जनहानि की राहत राशि डेढ़ लाख से बढ़ाकर 4 लाख रुपये

अनेक श्रेणियों में राहत राशि में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी

राजस्व पुस्तक परिपत्र में व्यापक संशोधन

   देवास, 28 जुलाई 2015/ राज्य शासन ने किसान हितैषी फैसला लेते हुए राजस्व पुस्तक परिपत्र में व्यापक संशोधन किए हैं। नये संशोधनों से किसानों को प्राकृतिक आपदा के समय समुचित राहत राशि मिल सकेगी।
   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणाओं के परिप्रेक्ष्य में यह संशोधन किए गए हैं। राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री श्री रामपाल सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि परिपत्र के खण्ड 6 क्रमांक 4 के अनुसार जनहानि होने पर पूर्व में डेढ़ लाख की राशि दी जाती थी जिसे बढ़ाकर अब 4 लाख रुपये कर दिया गया है। इसी तरह गाय, भैंस, ऊँट आदि पशुओं पर दी जाने वाली राहत राशि 16 हजार 500 से बढाकर 30 हजार कर दी गयी है।
   ऐसे कच्चे मकान जो मरम्मत योग्य नहीं हो उसमें वास्तविक क्षति के आकलन पर पहले मिलने वाली अधिकतम राहत राशि को 20 हजार को बढाकर 95 हजार रुपये कर दिया गया है। गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान का 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान के आकलन पर दी जाने वाली अधिकतम राहत राशि 12 हजार 600 को बढाकर 95 हजार 100 रूपये कर दिया गया है। साथ ही 50 प्रतिशत से अधिक क्षतिग्रस्त होने पर कच्चे मकान के लिए मिलने वाली राशि को भी रुपये 3,800 से बढ़ाकर 95 हजार 100 रूपये कर दिया गया है।
   शारीरिक अंग हानि के लिए 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत विकलांगता होने पर रुपये 43 हजार 500 के स्थान पर 59 हजार 100 रूपये और 60 प्रतिशत से अधिक विकलांगता पर दी जाने वाली राहत राशि 62 हजार 500 से बढ़ाकर 2 लाख रूपये कर दी गयी है।
स्वीकृति अधिकारी सीमा में भी वृद्धि
   राज्य शासन द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत आर्थिक सहायता अनुदान स्वीकृत करने के लिए वित्तीय अधिकार सीमा में भी संशोधन किया गया है। अब संभागायुक्त- 5 लाख रूपये से अधिक, कलेक्टर- 5 लाख रूपये तक, उपखण्ड अधिकारी- एक लाख रूपये तक और तहसीलदार अपने स्तर पर 50 हजार रूपये तक का आर्थिक सहायता अनुदान स्वीकृत कर सकेंगे।
क्रमांक 194/725/28-07-2015  
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र ॥
अशासकीय विद्यालयों की ऑनलाइन नवीन मान्यता/ नवीनीकरण की कार्रवाई समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश
   देवास, 28 जुलाई 2015/ अशासकीय विद्यालयों की ऑनलाइन नवीन मान्यता/ नवीनीकरण की कार्रवाई तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी संकुल प्राचार्यों को दिए हैं। यह कार्रवाई अशासकीय विद्यालयों की मान्यता नवीन/ नवीनीकरण हेतु विनियम 2015 एवं शालेय शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार पूर्ण करने के लिए कहा गया है। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
क्रमांक 195/726/28-07-2015  

जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास

॥ स मा चा र॥

जनसुनवाई में आए 63 आवेदन:-कलेक्टर ने की जनसुनवाई

    देवास 28 जुलाई 2015/ कलेक्टर स्तर पर जनसुनवाई में आज मंगलवार को मल्हार स्मृति मंदिर में 63 आवेदकों ने कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी के समक्ष अपने आवेदन पत्र प्रस्तुत किए। कलेक्टर द्वारा सभी पर कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में सीईओ जिला पंचायत प्रबल सिपाहा सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
सूचना का अधिकार अधिनियम संबंधी बोर्ड लगवायें
    जनसुनवाई में एसडी शर्मा, केसी रावत, आरवी भाई पटेल,एलके श्रीवास्तव ने आवेदन दिया कि विद्युत विभाग के संभागीय कार्यालय, देवास झोन कार्यालय आदि में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अन्तर्गत जानकारी के सूचना पट नहीं लगाये गये हैं। विद्युत विभाग को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अन्तर्गत जानकारी के बोर्ड लगाने के लिए निर्देशित किया जाये। कलेक्टर ने विद्युत विभाग को कार्यवाही के निर्देश दिये।
मुआवजा दिलवाया जाये
    आवेदकगण फूलसिंह, रामसिंह, भागीरथ आदि निवासी ग्राम मोहम्मदखेड़ा तहसील  टोंकखुर्द ने आवेदन देकर बताया कि जनोलीखुर्द तालाब में उनकी भूमि डूब में गई है। मुआवजा प्रकरण की फाईल अनुविभागीय कार्यालय राजस्व सोनकच्छ से विगत 4 माह से गुम हो गई है। मुआवजा प्रकरण फाईल की जांच करवाये जाकर उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाये। प्रकरण में कलेक्टर एसडीएम सोनकच्छ को कार्यवाही के निर्देश दिये।
                       
अवैध कब्जा हटवाया जाये
    आवेदक रूपसिंह एवं अन्य ग्रामीणजन ग्राम पंचायत अजीजखेड़ी ने आवेदन दिया कि पुराने पंचायत भवन को अन्य ग्रामीणस द्वारा तोड़ दिया है और उसका मटेरियल भी ले गये हैं। साथ ही पंचायत भवन की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। इस संबंध में तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत कार्यालय एवं संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई परन्तु कोई कार्यवाही नहीं हुई। प्रकरण में कलेक्टर ने तहसीलदार देवास को जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिये।
मजदूरी का भुगतान कराया जाये
    आवेदक कमलेश पिता रमेशचन्द्र निवासी ग्राम अजनास तहसील खातेगांव ने आवेदन दिया कि सीईओ जनपद पंचायत खातेगांव एवं ग्राम पंचायत सचिव के कहने पर उसने अजनास में 20 सोख्ता गड्ढे खोदने और उसमें पत्थर, रेत आदि डालने का कार्य किया। इसके अलावा गांव में घुडे फेंकने का कार्य भी किया,‍ जिसकी मजदूरी का भुगतान उसे नहीं हुआ है। प्रकरण में कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत खातेगांव को कार्यवाही के निर्देश दिये।
क्षतिग्रस्त विद्युत पाल बदलवाया जाये
    आवेदक मनोज शिवहरे पिता जगदीश शिवहरे निवासी ग्राम चिड़ावद ने आवेदन दिया कि उसके घर के सामने लगा हुआ विद्युत पोल अत्यन्त क्षतिग्रस्त हो गया है, एक जगह से टूट भी चुका है। पोल को बदलवाकर नया पोल लगवाया जाये। इस संबंध में विद्युत कार्यालय टोंकखुर्द में दो बार आवेदन दिया, किन्तु कोई कार्यवाही नहीं की गई। प्रकरण में कलेक्टर ने विद्युत विभाग को कार्यवाही के निर्देश दिये।
क्रमांक 196/727/28-07-2015       (फोटो-संलग्न)
                                           


जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास

॥ स मा चा र॥

मॉक ड्रील कर तैराकी सिखाई गई

     देवास 28 जुलाई 2015/ डायरेक्टर जनरल होमगार्ड एवं डिवीजनल कमाडेंट होमगार्ड उज्जैन के आदेश पर जिला कमांडेंट होमगार्ड द्वारा मंगलवार को प्रात: 11 बजे मीठा तालाब के किनारे स्थित रेवाबाग के निवासियों को मॉकड्रील कर तैराकी प्रशिक्षण दिया गया।
   डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड जीपी प्रजापति ने बताया कि रेवाबाग के निवासियों को अति बारिश के दौरान तथा आमदिनों में किस तरह से तैरकर अपनी व अन्य लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसके लिए रहवासियों को नाव चलाना, लाइफ जैकेट किस तरह से पहनना तथा पानी की खाली बोतलों से किस तरह उपयोग कर तैरा जा सकता है। इसके बारे में भी सिखाया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण के दौरान सीटी डिफेंस वालिन्टियर की सदस्यता के फॉर्म भरवाकर 25 सदस्यों को सदस्य बनाया गया। इस अवसर पर पी.सी.व्ही. सत्यनारायण वर्मा, हवलदार अनुदेशक राजनारायण मंडलोई, हवलदार मानसिंह, एनसीओ शाकिर खां, सैनिक चंपालाल, सैनिक उदयसिंह, शेरसिंह एवं क्षेत्र के रहवासी उपस्थित थे।
क्रमांक 197/728/28-07-2015       (फोटो-संलग्न)
स्कूलों में बने शौचालयों के फोटोग्राफ वेबसाइट पर अपलोड होंगे
   देवास 28 जुलाई 2015/राज्य शासन ने सभी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को स्कूलों में बने शौचालय के फोटोग्राफ को मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड करवाने के निर्देश दिये हैं। वेबसाइट पर अपलोडिंग में समस्या होने पर शौचालय के फोटोग्राफ अलग से भेजने को कहा गया है। ई-मेल से फोटो भेजते समय यह ध्यान रखने को कहा गया है कि जिन शौचालय का निर्माण पूरा हो गया है उनकी फाइल का नाम उस स्कूल का डाइस कोड रहेगा। बालक एवं बालिका शौचालय के फोटोग्राफ अलग फोल्डर में भेजना होंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के स्कूलों में शौचालय बनाने का काम लगभग पूरा होने को है।
क्रमांक 198/729/28-07-2015 
फोटो-- जनसुनवाई में आवेदन देते आवेदक।
02- वर्मी कम्पोस्ट यूनिट से तैयार की जा रही खाद।
3- तैराकी का प्रशिक्षण दिया गया।






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