दिनांक 03 जून 2015
॥ स मा चा र ॥
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लोक परिवहन सेवा को सुगम एवं सुरक्षित बनाने की पहल
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र ॥
परंपरागत तरीकों के स्थान पर
वैज्ञानिक तरीके अपनायें
कृषि विज्ञान मेले में प्रमुख
सचिव श्रीमती जैन ने कहा
देवास
03 जून 2015/ किसानों को खेती के उन्नत तरीकों की जानकारी देने, उनकी कृषि संबंधी
समस्याओं का समाधान करने, आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करने, जैविक खेती को बढ़ावा
देने आदि के उद्देश्य से कृषि महोत्सव के अन्तर्गत कृषि विज्ञान मेले का आयोजन किया
गया है। अत: किसान परंपरागत तरीकों से खेती के स्थान पर वैज्ञानिक तरीकों से खेती करें।
कृषि वैज्ञानिकों द्वारा दी गई जानकारी एवं नवीन तकनीकों को अपनाकर अधिक से अधिक उत्पादन
प्राप्त करें।
प्रमुख सचिव, संसदीय कार्य एवं जिले में कृषि महोत्सव
की मॉनीटरिंग के लिए नियुक्त श्रीमती कंचन जैन ने बुधवार को कृषि उपज मंडी क्रमांक-2
में चल रहे तीन दिवसीय जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेले में उक्त विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी, संयुक्त संचालक कृषि श्री पाण्डे सहित कृषि
वैज्ञानिक, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा कृषकगण उपस्थित थे।
उद्यानिकी फसलों की खेती भी
करें
मेले में सम्बोधित करते हुए श्रीमती जैन ने कहा
कि किसान गेहूं, सोयाबीन की खेती के साथ ही उद्यानिकी फसलों की खेती भी करें। इसके
अलावा पशुपालन, मछली पालन भी करें। सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम अपनायें, इससे कम पानी
में अधिक क्षेत्र में सिंचाई की जा सकती है।
ड्रिप सिस्टम एवं मल्चिंग पर
अनुदान
उप संचालक उद्यानिकी ने बताया कि शासन द्वारा ड्रिप
सिस्टम पर अनुसूचित जाति, जनजाति के किसानों को लागत का 80 प्रतिशत, सामान्य वर्ग के
लघु सीमांत कृषकों को 70 प्रतिशत तथा अन्य किसानों को 65 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता
है। मल्चिंग के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया
कि वे इनका अधिक से अधिक लाभ लें।
उद्यानिकी खेती के लिए प्रमाण
पत्र प्रदान किये
इस दौरान जिले में
उद्यानिकी फसलों की खेती में उत्कृष्ट उत्पादन प्राप्त करने वालें किसानों को प्रमाण
पत्र प्रदान किये गये। इसके अलावा नीम बीज रोपण एवं किसान बीज उत्पादन समितियों के
गठन एवं उनके लाभ पर आधारित लघु फिल्मों
का प्रदर्शन भी किया गया।
क्रमांक 10/351/03-06-2015 (फोटो-संलग्न)
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
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टेकरी
पर वृक्षारोपण का किया अवलोकन
देवास 03 जून 2015/ वृहद स्तर पर वृक्षारोपण का कार्य तथा उनकी उचित देखरेख
कर मां चामुण्डा टेकरी को हरा-भरा बनाने का कार्य अत्यन्त सराहनीय है। इसके लिए सभी
बधाई के पात्र हैं।
प्रमुख सचिव संसदीय कार्य श्रीमती कंचन जैन ने
आज बुधवार को मां चामुण्डा टेकरी पहुंचकर वहां किये गये वृक्षारोपण के अवलोकन के दौरान
उक्त बातें कही। इस दौरान कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी ने बताया कि टेकरी को हरा-भरा
बनाने के लिए विभिन्न प्रजातियों के 5 हजार से अधिक पौधे लगाये गये हैं। ड्रिप सिस्टम
से सिंचाई की व्यवस्था की गई है। साथ ही उनके संरक्षण एवं देखरेख के लिए भी कर्मचारी
नियुक्त किये गये हैं।
फूलों
से खाद बनाने की यूनिट एवं पाथ-वे का किया अवलोकन
प्रमुख सचिव श्रीमती जैन ने
मां चामुण्डा टेकरी पर मां चामुण्डा एवं मां तुलजा भवानी मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा
चढ़ाये जाने वाले फूलों से खाद बनाने की यूनिट का अवलोकन किया। कलेक्टर श्री अवस्थी
ने खाद बनाने की विधि के बारे में बताया। उन्होंने टेकरी पर बनाये जा रहे नवीन पाथ-वे
का भी अवलोकन किया।
दर्शन कर पूजा
अर्चना की
प्रमुख सचिव श्रीमती जैन ने टेकरी पहुंचकर मां
चामुण्डा एवं मां तुलजा भवानी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। साथ ही शीलनाथ धूनी जाकर
भी पूजा अर्चना की।
गुलाब के फूलों की खेती का
किया अवलोकन
इसके पश्चात प्रमुख सचिव श्रीमती जैन ने ग्राम
लोहारी पहुंचकर वहां कृषक श्री सुरेश मुकाती के खेत में की जा रही गुलाब के फूलों की
खेती का अवलोकन किया। इस दौरान प्रमुख सचिव को श्री मितेश भारतीय एवं श्री दीपक मुकाती
ने बताया कि गुलाब के पौधे पूणे से मंगाये हैं तथा इसके लिए लाल मिट्टी उज्जैन से मंगाई
गई है। पॉली हाउस बनाने एवं प्लांटेशन में लगभग 26 लाख रूपये की लागत आई है। इसमें
पॉली हाउस के लिए उद्यानिकी विभाग से लगभग 8 लाख रूपये का अनुदान मिला है।
क्रमांक 11/352/03-06-2015 (फोटो-संलग्न)
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
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बस के परमिट देने की प्रक्रिया
लोक सेवा गारंटी में होगी शामिल
लोक परिवहन सेवा को सुगम एवं सुरक्षित बनाने की पहल
देवास 03 जून 2015/ परिवहन मंत्री श्री
भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि अब बस के परमिट जारी करने की प्रक्रिया को लोक सेवा गारंटी
अधिनियम के दायरे में लाया जायेगा। इसके अनुसार जिला परिवहन अधिकारियों को बस के अस्थायी
परमिट के आवेदन का निराकरण 15 दिन तथा स्थायी परमिट के आवेदन का निराकरण 30 दिन में
अनिवार्य रूप से करना होगा। विभाग द्वारा जारी नई गाइडलाइन के अनुसार अब 50 सीटर बस
को 75 किलोमीटर से अधिक दूरी का परमिट दिया जायेगा।
श्री सिंह
ने कहा कि यह कदम प्रदेश में लोक परिवहन सेवा को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के प्रयासों
का हिस्सा है। राज्य सरकार यात्रियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
परिवहन
मंत्री ने जानकारी दी है कि विभिन्न मार्ग (रूट) पर यात्रियों की संख्या के आधार पर
बस संचालन की पहल की गई है। श्री सिंह ने जानकारी दी कि बीच-बीच में बस संचालकों द्वारा
कुछ व्यावहारिक समस्याएँ रखे जाने पर उन्हें बसों में दो गेट (दरवाजे) लगाने के लिये
एक माह का अतिरिक्त समय (30 जून 2015 तक) दिया गया है। बस संचालकों को स्पष्ट रूप से
निर्देशित किया गया है कि उन्हें 30 जून तक अपनी बसों में दो दरवाजे एवं एक आपातकालीन
द्वार की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करनी होगी।
परिवहन
मंत्री ने बताया कि बस के पीछे के काँच पर कोई जाली नहीं लगेगी। बसों की नियमित जाँच
के लिये जिला परिवहन अधिकारी को सप्ताह में कम से कम 4 दिन मैदानी निरीक्षण करना जरूरी
किया गया है।
1084 बस की फिटनेस निरस्त-323 के चालान
मंत्री
श्री सिंह ने बतलाया कि 5 से 31 मई 2015 की अवधि में विभागीय अमले ने पूरे प्रदेश में
तथा उन्होंने स्वयं 6 जिले में मैदानी निरीक्षण के दौरान बसों की औचक जाँच की। निर्धारित
मापदंडों को पूरा न करने वाली बसों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस अवधि में 1084 बस
की फिटनेस निरस्त की गई। बिना परमिट संचालित 82 बस तथा ओवर लोडेड 241 बस के चालान किये
गये। साथ ही 5714 बस के पीछे के काँच के ऊपर लगी जालियाँ हटवाई गई।
क्रमांक 12/353/03-06-2015
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