दिनांक 08 जून 2015
॥ स मा चा र ॥
गड़बड़ी करने वाले सरपंचों के विरूद्ध धारा 40 में
कार्रवाई की जाए
॥ स मा चा र ॥
सहयोग हरियाली
मिशन
॥ स मा चा र ॥
उज्जैन-इंदौर संभाग में 5300 मेगावॉट क्षमता की परियोजनाएँ निर्माणाधीन
॥ स मा चा र ॥
महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने लिखा पत्र
॥ स मा चा र ॥
पायलेट प्रोजेक्ट में 8 जिले की 2500 आँगनवाड़ी
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र ॥
गड़बड़ी करने वाले सरपंचों के विरूद्ध धारा 40 में
कार्रवाई की जाए
टीएल बैठक में कलेक्टर ने दिए
निर्देश
देवास
08 जून 2015/ समयावधि पत्रों की बैठक सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में
संपन्न हुई। कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी ने ग्रामीण विकास विभाग के तहत जनसुनवाई आवेदन
की समीक्षा में जिला पंचायत के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन सरपंचों के विरूद्ध
धांधली की शिकायत है। उनके विरूद्ध जांच करते हुए धारा 40 के तहत कार्रवाई की जाए।
ऐसा नहीं है तो संबंधित जनपद सीईओ को आरोप पत्र जारी किए जाए। आगामी गुरूवार तक उक्त
प्रकरणों में शत-प्रतिशत ठोस कार्रवाई कर जानकारी प्रस्तुत करें।
बैठक में जाति प्रमाण पत्रों की समीक्षा में पाया
गया कि स्कूली विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने के संबंध में बड़ी संख्या
में आवेदन शिक्षा विभाग से राजस्व विभाग की ओर आना शेष है। देवास, कन्नौद, बागली विकासखंडों
में खराब कार्य हुआ है। सोनकच्छ, टोंकखुर्द विकासखंडों में ठीक कार्य किया गया है।
कलेक्टर ने अभियान संचालित कर स्कूलों से विद्यार्थियों को आवेदन एकत्रित कर तहसील
कार्यालयों में भिजवाने के निर्देश दिए।
कार्य नहीं किया तो मुकदमा
दर्ज होगा
बैठक में समीक्षा के दौरान कलेक्टर द्वारा जिला
चिकित्सालय देवास में ढलवा स्थानों पर रैंप निर्मित किए जाने की जानकारी ली गई। बताया
गया कि टाइल्स लगाने से लोग गिर रहे हैं, फिसल रहे हैं। इस तरीके के कार्य पर कलेक्टर
द्वारा सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग को फटकार
लगाई। कलेक्टर ने तीन दिवस का समय देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में कार्य नहीं किया
तो आपके विरूद्ध मुकदमा दर्ज करावाएंगे। कलेक्टर ने रैंप निर्माण के लिए पार्किंग टाइल्स
का इस्तेमाल के निर्देश दिए ताकि ढलान पर उपयुक्त पकड़ पैरों में रहें।
आंगनवाड़ी पांच माह ने नहीं
खुली, जांच करें
बैठक में कलेक्टर ने खातेगांव क्षेत्र के करावंद
माफी गांव में पांच माह से आंगनवाड़ी नहीं खुलने की शिकायत जो कि जनसुनवाई के तहत आई
है। उक्त प्रकरण में संबंधित एसडीएम को जांच करके तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अलावा शिक्षा ऋण वितरण के प्रकरणों में लंबी पैंडेंसी तथा नाराजगी व्यक्त करते
हुए निराकरण की कार्रवाई करने के निर्देश एलडीएम को दिए।
नगर निगम संपन्न व्यक्तियों
के नाम बीपीएल सूची से क्यों नहीं हटा रहा
बैठक में कलेक्टर ने बीपीएल सूची से अपात्र एवं
संपन्न लोगों के नाम हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसा नहीं चलेगा। देवास शहर में
बीपीएल सूची से संपन्न व्यक्तियों के नाम हटाने का कार्य नगर निगम क्यों नहीं कर रहा
है। सभी एसडीएम को कलेक्टर ने इसी तरह निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा यह तमाशा नहीं चलेगा।
युवा स्वरोजगार योजना में बड़े
प्रकरण बनवाएं
महा प्रंबधक जिला उद्योग केंद्र को निर्देश दिए
कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में गुणवत्ता युक्त प्रकरण बैंकों में प्रस्तुत करवाएं,
80-90 लाख राशि के बड़े प्रकरण भी बनवाए जाएं। युवाओं को रोजगार के लिए शासन की इस योजना
में तीव्र गति से प्रकरण प्रस्तुत करने का कार्य समय सीमा में किया जाएं।
मनरेगा में सोच समझकर प्राक्कलन
तैयार करें
कलेक्टर ने मनरेगा में किए जाने वाले कार्यों के
प्राक्कलन सोच समझकर पूर्ण अध्ययन के साथ तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस
संबंध में परियोजना अधिकारी मनरेगा के कार्य के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए सखत नाराजगी
जाहिर की। निर्धारित मापदंडों के तहत मनरेगा के कार्य प्राक्कलन बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने नवीन दुग्ध समितियों के सतत निर्माण और उनके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम
आयोजित करने के भी निर्देश दिए। उद्यानिकी विभाग की स्वर्ण क्रांति योजना की समीक्षा
में बताया गया कि राजस्व विभाग द्वारा भूमि चयन की प्रक्रिया संधारित की जा रही है।
कलेक्टर ने खरीफ फसल के मद्देनजर उर्वरकों के अग्रिम भंडारण की जानकारी भी ली।
क्रमांक 34/375/08-06-2015 (फोटो-संलग्न)
कलेक्टर ने जनधन एवं बीमा योजनाओं की समीक्षा की
देवास 08 जून 2015/ प्रधानमंत्री जनधन योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा
बीमा योजना, जीवन ज्योति योजनाओं का लाभ आमजन को दिलाने के लिए एक समीक्षा बैठक कलेक्टर
सभाकक्ष में आयोजित की गई। कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी ने बैठक में उपस्थित बैंकर्स
से बैंकवार प्रगति की जानकारी प्राप्त की। बैठक में उपस्थित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन
अधिकारियों को भी कलेक्टर द्वारा इस संबंध में दिशा निर्देश दिए गए। जिला अग्रणी बैंक
प्रंबधक श्री करोलिया भी मौजूद थे।
क्रमांक 35/376/08-06-2015 (फोटो-संलग्न)
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र ॥
सहयोग हरियाली
मिशन
अधिकाधिक वृक्षारोपण में सहभागी
बनें
कलेक्टर ने हरे-भरे देवास की
योजना बताई
देवास
08 जून 2015/ देवास जिले में सघन वृक्षारोपण अभियान चलेगा। कलेक्टर श्री आशुतोष
अवस्थी द्वारा विशेष रूचि लेते हुए सोमवार को बैठक में सभी अधिकारियों से कहा गया कि
वे रूचि लेकर इस वृक्षारोपण अभियान में व्यक्तिगत रूप से सहभागी बनें। हरे-भरे देवास
की योजना को सार्थक करें। उन्होंने योजना का खाका भी प्रस्तुत किया। इसके साथ ही इस
कार्य में व्यापक रूप से आम जनता की भी भागीदारी प्राप्त करने को भी कहा। जनप्रतिनिधियों
को भी इस अभियान में वृहद रूप से सम्मिलित किया जाएगा।
वृक्षारोपण के लिए आयोजित इस बैठक में कलेक्टर
ने कहा कि वृक्षारोपण अत्यंत पुण्य का कार्य है। आज परिदृश्य में कांक्रीट के जंगल
जगह घेर रहे हैं। वास्तविक जंगल कम होते जा रहे हैं, यह चिंता का विषय है। कलेक्टर
ने कहा कि देवास शहर में व्यापक रूप से पौधे लगाने की योजना बनाई गई है। लगभग 5 हजार
पौधे लगाए जाएंगे। हम स्थानीय सड़कों के आसपास खेल स्टेडियम, कॉलोनियों, सार्वजनिक स्थानों
पर पौधे लगाएंगे।
जन सहयोग से ट्री-गार्ड लेंगे
कलेक्टर ने कहा कि लगाए जाने वाले पौधों की सुरक्षा
के लिए ट्री-गार्ड अत्यंत आवश्यक है। जन सहयोग से पौधे के लिए ट्री-गार्ड हासिल किए
जाएंगे। औद्योगिक यूनियन, बैंकर्स, नर्सिंग होम, व्यापारिक संगठनों, अशासकीय संस्थाओं,
सामाजिक संस्थाओं तथा अन्य दानदाताओं से ट्री-गार्ड प्राप्त किए जाएंगे। आगामी 25 जून
तक उपलब्ध कराए जाने के लिए दानदाताओं से सहमति पत्र भरवाए जाएंगे।
देवास शहर को खूबसूरत बनाएंगे
महापौर के नेतृत्व में चलेगा
अभियान
कलेक्टर ने बैठक में कहा कि देवास शहर को आकर्षक
परिदृश्य देने के साथ ही इसे खूबसूरत शहर बनाया जाएगा। सहयोग हरियाली मिशन के तहत शहर
में महापौर श्री सुभाष शर्मा के नेतृत्व में वृक्षारोपण अभियान चलाएंगे। लगाए गए वृक्षों
की सुरक्षा के लिए लोगों से पेड़ों की सुरक्षा के संकल्प-पत्र भी भरवाए जाएंगे कि वे
अभिभावकों की तरह पेड़ों की सुरक्षा करेंगे। हरे-भरे देवास के साथ पूरे जिले में भी
वृक्षारोपण का अभियान चलेगा। कलेक्टर ने यह भी कहा कि पौधों को वर्ष भर पानी देने के
लिए नगर निगम को अधिकृत किया जाएगा। टैंकर के माध्यम से नगर निगम वर्ष भर पौधों के
लिए पानी की व्यवस्था करेगा। यह अभियान दिखावें का नहीं बल्कि पूरी गंभीरता के साथ
संचालित होगा।
टेकरी पर पांच क्विंटल नीम
के बीज बोए जाएंगे
कलेक्टर ने हरियाली अभियान के तहत बताया कि देवास
माता टेकरी पर पांच क्विंटल नीम के बीज बोए जाएंगे। यह कार्य एक ही दिन में किया जाएगा।
कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित सभी एसडीएम को भी निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र की कोई
एक पहाड़ी चिहिंत कर नीम के पौधों से उसे आच्छादित करें। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों
से भी कहा कि वे अपने दौरे में नीम के बीज साथ ले जाएं। खेतों में काम करते हुए किसानों
को बीज देंवे। अपने सामने ही बीज की बोआई करवाएं।
इस अवसर पर नीम पौध रोपण पर आधारित एक लघु फिल्म
का प्रदर्शन अधिकारियों के समक्ष किया गया। कलेक्टर ने कहा कि आगामी 13 जून को वृक्षारोपण
पर एक महत्ती बैठक आयोजित की जाएगी।
क्रमांक 35/376/08-06-2015
अंतर्राष्ट्रीय
योग दिवस पर देवास में भी कार्यक्रम आयोजित होगा
कलेक्टर ने दिए तैयारियों के
निर्देश
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देवास
08 जून 2015/ आगामी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देवास में भी योग कार्यक्रम
आयेाजित किया जाएगा, 8 जून को आयोजित बैठक में सुबह कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी ने
शिक्षा विभाग के अधिकारियों को योग दिवस आयोजन के लिए दिशा निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि योग कार्यक्रम
के लिए उपयुक्त स्थल का चयन किया जाएं। आयोजन में किशोर बालक-बालिकाओं को सम्मिलित
किया जाए। जनप्रतिनिधियों को भी सहभागी बनाया जाएगा। बताया गया कि 21 जून की सुबह
7 बजे से 33 मिनिट का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
क्रमांक 36/377/08-06-2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र ॥
देवास जिले में एक माह में ई-पंजीयन शुरू कर
दिया जाएगा
ई-पंजीयन पर प्रेजेंटेशन दिया गया
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देवास 08 जून 2015/ देवास जिले में भी
एक माह में सम्पत्ति के दस्तावेजों के ई-पंजीयन (सम्पदा) की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। सोमवार को समयावधि पत्रों
की बैठक में ई-पंजीयन व्यवस्था पर एक प्रेजेंटेशन दिया गया। इस बैठक में कलेक्टर
श्री आशुतोष अवस्थी व जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रेजेंटेशन इंदौर जिला
पंजीयक श्री भूषण शर्मा द्वारा देते हुए ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया की विस्तार से
जानकारी दी गई।
बताया गया कि ई-पंजीयन व्यवस्था में दस्तावेजों का
ऑनलाइन पंजीयन किया जायेगा। साथ ही आम लोगों को अब स्टाम्प वेण्डरों एवं कोषालय से
प्रिंटेड स्टाम्प प्राप्त करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इन्टरनेट बेंकिंग से या सर्विस
प्रोवाईडर के माध्यम से किसी भी कार्य के लिए ई-स्टाम्प प्राप्त कर कार्य सम्पन्न करवाया
जा सकेगा। इससे कहीं भी स्टाम्प की कमी भी नहीं होगी।
ई-पंजीयन व्यवस्था में कोई भी व्यक्ति
इन्टरनेट के माध्यम से प्रदेश के किसी भी जिले में स्थित अपनी सम्पत्ति का बाजार मूल्य
तथा उसकी खरीद-ब्रिकी पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क और पंजीयन फीस की जानकारी प्राप्त
कर सकता है।
इसके अलावा प्रदेश के किसी भी स्थान
की रजिस्ट्री की जानकारी सर्च द्वारा प्राप्त करने के साथ-साथ रजिस्ट्री दस्तावेज की
कापी आनलाईन घर बैठे प्राप्त की जा सकती है। विभाग द्वारा सम्पत्ति पर बैंक द्वारा
दिये गये लोन के भार की जानकारी भी आनलाईन उपलब्ध करवाने की कार्यवाही की जा रही है।
ई-पंजीयन व्यवस्था में ऐसे दस्तावेजों
का ई-पंजीयन करवाया जाना अनिवार्य है, जो रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में आते हैं। शेष दस्तावेजों
का ई-पंजीयन ऐच्छिक होगा।
क्रमांक 37/378/08-06-2015
कलेक्टर द्वारा जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराए जाने की
दिशा में और तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए
देवास 08 जून 2015/ जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्टर सभाकक्ष में
आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों
की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि संस्थागत प्रसव की बढ़ोत्तरी एवं टीकाकरण
में शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य अधिकारी और तेजी से कार्य करें। बैठक में
सिविल सर्जन डॉ.प्रकाश गर्ग तथा खंड चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने पोषण पुर्नवास केंद्रों की
स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए यहां पर सुव्यस्थित रूप से कार्य संचालित करने के
निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य बनाने में इन केंद्रों
की अहम भूमिका है। संस्थागत प्रसव कार्य की समीक्षा में कलेक्टर द्वारा पाया गया कि
वे बरोठा, आमलाताज, पीपल्या सड़क, डबलचौकी जैसे स्वास्थ्य केंद्रों पर अत्यंत कम संख्या
में संस्थागत प्रसव परिलक्षित हो रहे हैं। इस स्थिति पर कलेक्टर द्वारा नाराजगी जाहिर
करते हुए सुधार लाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जिन स्थानों पर चिकित्सक मौजूद
नहीं मिलते हैं। उनको अवेतनिक करने के भी निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के निर्माण कार्यों
को वर्षा पूर्व तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। एएनएम की मुख्यालय पर उपस्थिति
सुनिश्चित करने और खंड चिकित्सा अधिकारियों को स्वास्थ्य कार्यों के सुपर विजन में
पूर्ण गंभीरता से कार्य करने को कहा गया। बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के तहत
विभिन्न पदों की पूर्ति किए जाने के संबंध में जानकारी लेते हुए निर्देश दिए।
क्रमांक 38/379/08-06-2015
अब जिले के नागरिक भी खोल
सकेंगे डिजिटल लॉकर अकाउंट
देवास 08 जून 2015/ शासन के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के अंतर्गत डिजिटल लॉकर एवं डिजिटल जीवन प्रमाण सॉफ्टवेयर के बारे एक प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को सुबह आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री आशुतोष
अवस्थी की मौजूदगी में आयोजित उक्त प्रशिक्षण अपर जिला सूचना एवं
विज्ञान अधिकारी श्री निलेश मंडलोई द्वारा दिया गया। कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी द्वारा डिजिटल लॉकर अकाउंट खोलने के लिए अधिकारियों को प्रोत्साहित किया गया।
प्रशिक्षण में डिजिटल लॉकर एवं डिजिटल जीवन प्रमाण के उपयोग के बारें में जिला
अधिकारियों को विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। श्री मंडलोई ने बताया कि आम नागरिक अपना आधार नंबर का उपयोग कर वेबसाइट http://digitallocker.gov.in/ पर अपना डिजिटल लॉकर अकाउंट बना सकते है तथा अपने
डिजिटल लॉकर अकाउंट में आम नागरिक अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे
पैनकार्ड, आधार कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस, अंकसूची, वोटर आईडी आदि सुरक्षित रख सकते हैं।
डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र भी
बनेगा
प्रशिक्षण में पेंशनर्स के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र को बनाने के लिए भी जानकारी दी गई। बताया गया कि आधार इनेबल्ड, बॉयोमैट्रिक डिवाइस के
जरिए अब पेंशनर्स के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाए जा सकेंगे। यह कार्य एमपी ऑन
लाइन सेंटरों, कियोस्क सेंटरों पर किया जा सकेगा। इसके लिए उन्हें आधार से कनेक्टेड
छोटी सी डिवाइस क्रय करना होगी। इस संबंध में विस्तृत जानकारी
वेबसाइट https://jeevanpramaan.gov.in/ से
प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा जिला सूचना विज्ञान केंद्र के दूरभाष क्रमांक
07272-250435 से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
क्रमांक 39/380/08-06-2015
प्रदेश में पवन ऊर्जा की 38 परियोजना
से 820 मेगावॉट
बिजली उत्पादन
उज्जैन-इंदौर संभाग में 5300 मेगावॉट क्षमता की परियोजनाएँ निर्माणाधीन
देवास जिले में भी हैं स्थापित
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देवास 08 जून 2015/प्रदेश में पर्यावरण
संरक्षण और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों के अलावा गैर-परम्परागत साधनों से बिजली उत्पादन
करने के मकसद से पवन ऊर्जा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में वर्ष 2014-15
में पवन ऊर्जा के क्षेत्र से 456.3 मेगावॉट क्षमता की परियोजना स्थापित की गयी है।
यह क्षमता पिछले 20 वर्ष में स्थापित की गयी 361.4 मेगावॉट से अधिक है।
देवास जिले में स्थापित की गई हैं
मध्यप्रदेश
में अब तक 820 मेगावॉट क्षमता की 38 पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित की जा चुकी हैं। इनमें
से 740 मेगावॉट क्षमता की परियोजनाएँ उज्जैन संभाग के देवास, मंदसौर, रतलाम एवं आगर-मालवा
जिले में स्थापित की गयी हैं। पिछले कुछ वर्षों में इन्वेस्टर समिट के दौरान पवन ऊर्जा
के क्षेत्र में निजी निवेशकों को प्रोत्साहित किये जाने की पहल राज्य सरकार द्वारा
की गयी है। इसके फलस्वरूप मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम को निजी निवेशकों से द्वितीय
चरण में 77 परियोजना के 3527 मेगावॉट क्षमता एवं तृतीय चरण में 99 परियोजना के
5754 मेगावॉट क्षमता के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
प्रदेश
में पवन ऊर्जा के क्षेत्र में 6300 मेगावॉट क्षमता की 147 परियोजना पर तेजी से कार्य
किया जा रहा है। राज्य में पवन ऊर्जा के क्षेत्र में देश की सभी प्रतिष्ठित कम्पनी
गमेशा, आयनाक्स विण्डवर्ल्ड, सुज़लान, हीरो, रिन्यू पावर और रीजन पावर अपने प्रोजेक्ट
लगा रही हैं। प्रदेश में विण्ड टर्बाइन के उपकरणों का निर्माण भी किया जाना प्रस्तावित
है। इसके लिये इंदौर में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आयनाक्स समूह के साथ एमओयू
किया गया है। आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश भी पवन ऊर्जा से बिजली पैदा करने वाले
अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।
क्रमांक 40/381/08-06-2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र ॥
आँगनवाड़ी सेवा के गुणात्मक सुधार में जनपद अध्यक्ष और सरपंच सहयोग करें
महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने लिखा पत्र
देवास
08 जून 2015/ महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने आँगनवाड़ी केन्द्र की
सेवाओं में गुणात्मक सुधार लाने के लिये जनपद अध्यक्ष, सरपंचों से सहयोग का आव्हान
किया है। श्रीमती सिंह ने इस संबंध में 313 जनपद अध्यक्ष और 23 हजार पंचायत के सरपंच
को पत्र लिखा है।
श्रीमती
माया सिंह ने अपने पत्र में पंचायत पदाधिकारियों को बताया कि प्रदेश में 92 हजार आँगनवाड़ी
और मिनी आँगनवाड़ी केन्द्र स्थापित हैं। इनके जरिये बच्चों, किशोरियों और गर्भवती माताओं
को पौष्टिक आहार देने के साथ उन्हें स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा के प्रति भी जागरूक
बनाया जाता है। यह एक ऐसा कार्य है जिससे प्रदेश का बेहतर भविष्य जुड़ा है। उन्होंने
कहा कि सरकार इस दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। सशक्त निगरानी व्यवस्था भी लागू
की है। इसके बावजूद यह जरूरी है कि समाज भी सहयोग करे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि
हमारी भावी पीढ़ी सुपोषित और स्वस्थ हो। श्रीमती सिंह ने अपने पत्र में कहा कि किशोरी-बालिका
सशक्तिकरण, सबला, किशोरी शक्ति योजना के जरिये बालिकाओं को स्वस्थ और सक्षम बनाया जा
रहा है। इन योजनाओं के जरिये उन्हें व्यक्तिगत स्वच्छता, प्रजनन एवं यौन शिक्षा, परिवार
तथा शिशु रक्षा के विषय में जागरूकता, जीवन उपयोगी कौशल उन्नयन, शाला त्यागी बालिकाओं
को औपचारिक-अनौपचारिक शिक्षा देने के साथ ही जीवकोपार्जन के लिये रोजगार संबंधी सलाह
और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा
मंत्री
श्रीमती सिंह ने कहा कि 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा और उनके
समग्र विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। आँगनवाड़ी केन्द्रों को चाइल्ड फ्रेंडली और आकर्षक
बनाया जा रहा है। बच्चों के वजन पर निरंतर निगरानी रख कर उन्हें पोषण-आहार दिया जा
रहा है। वर्ष 2014 में सुपोषण अभियान चलाकर स्नेह शिविर लगाकर कुपोषित बच्चों पर विशेष
ध्यान दिया गया। इन कार्यक्रमों और किये गये प्रयासों से यह अनुभव सामने आया कि अगर
समाज का सक्रिय सहयोग मिले तो हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। आप गाँव से जुड़े
ऐसे जन-प्रतिनिधि हैं, जिनका सीधा सरोकार आमजन से है। आप वह कड़ी है, जिनके सहयोग से
किसी भी योजना का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा सकता है।
आपकी इसी महत्ता को मद्देनजर रखते हुए आपसे बच्चों, किशोरियों और महिलाओं को स्वस्थ,
समर्थ, सक्षम और सुपोषित बनाने में सहयोग का आव्हान करती हूँ। आपकी मदद से निश्चित
ही हम प्रदेश से कुपोषण के कलंक को खत्म कर मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप 'स्वर्णिम
मध्यप्रदेश' की ओर आगे बढ़ सकते हैं।
क्रमांक 41/382/08-06-2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र ॥
जुलाई से आँगनवाड़ी में भी शुरू होगी प्री-नर्सरी
पायलेट प्रोजेक्ट में 8 जिले की 2500 आँगनवाड़ी
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देवास 08 जून 2015/बच्चों की बाल अवस्था
में समुचित देखभाल और शिक्षा देने के लिए जुलाई माह से प्रदेश के 8 जिले के 2569 आँगनवाड़ी
केन्द्र में पायलेट प्रोजेक्ट में प्री-नर्सरी शिक्षा दी जायेगी। यह निर्णय आज महिला-बाल
विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह की अध्यक्षता में हुई प्रारंभिक बाल्यावस्था, देखभाल
एवं शिक्षा (ई.सी.सी.ई.) की राज्य-स्तरीय सामान्य परिषद की बैठक में लिया गया। प्रमुख
सचिव महिला-बाल विकास श्री जे.एन. कंसोटिया, आयुक्त एकीकृत बाल विकास श्रीमती पुष्पलता
सिंह बैठक में उपस्थित थीं।
मंत्री
श्रीमती माया सिंह ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास में ई.सी.सी.ई. की महत्वपूर्ण भूमिका
है। हमारे सामने दो बड़ी चुनौती हैं, पहली जो बच्चे आँगनवाड़ी में आ रहे हैं उन्हें सभी
सेवाएँ बेहतर ढंग से मिले यह सुनिश्चित हो। दूसरी यह कि जो बच्चे नहीं आ रहे हैं उन्हें
आँगनवाड़ी लाने के सुनियोजित प्रयास हों। उन्होंने कहा कि इसके लिए यह जरूरी है कि आँगनवाड़ी
को इतना बेहतर बनाया जाये कि बच्चे आने के लिए आकर्षित हों। उन्होंने कहा कि सामान्य
परिषद के सदस्य बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा के लिए तैयार पाठ्यक्रम का गहन अध्ययन करें
और उसे अधिक उपयोगी बनाने अपने सुझाव दें।
ई.सी.सी.ई.
में बच्चों के विकास, मनोविज्ञान एवं शिशु शिक्षण सिद्धांत के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार
किया गया है। इसे विषय-विशेषज्ञों के कार्य समूह ने बनाया है। इस पाठ्यक्रम में आँगनवाड़ी
कार्यकर्ताओं के लिए 19 विषय पर आधारित दिशा-निर्देश तैयार किये गये हैं। पाठ्यक्रम
में 3 से 4, 4 से 5 और 5 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए अलग-अलग वर्क बुक तैयार
की गई है। इसके लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी और पर्यवेक्षकों को दिल्ली में निपसिड
में ई.सी.सी.ई. विशेषज्ञों ने प्रशिक्षित भी किया है। इन 8 जिले की 14 परियोजना में
2569 आँगनवाड़ी केन्द्र का चयन किया गया है। इनमें 89 हजार 263 बच्चों को शिक्षा दी
जायेगी। यह पायलट प्रोजेक्ट जुलाई माह से शुरू होगा। बेहतर परिणाम आने पर 10,000 आँगनवाड़ी
केन्द्र में भी इसे लागू किया जायेगा।
क्रमांक 42/383/08-06-2015
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