Saturday, 27 June 2015

दिनांक 27 जून 2015

जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र॥
बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम स्थापित
      देवास, 27 जून 2015/ जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यालय देवास में बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी के निर्देश पर कंट्रोल रूम 15 जून से 24 घंटे प्रारंभ कर दिया गया है। बाढ़ की स्थिति की जानकारी भोपाल स्थित कंट्रोल रूम तथा सेना के सभी एरिया कमांडर भोपाल को दी जाएगी तथा राज्य स्तर के कंट्रोल रूप को स्थिति से लगातार अवगत कराया जाएगा। बरगी बांध, तवा बांध एवं होशंगाबाद कंट्रोल रूम से भी प्रतिदिन दूरभाष पर जानकारी प्राप्त की जाएगी। कंट्रोल रूम के प्रभारी भू-अभिलेख शाखा के प्रभारी अधिकारी को बनाया गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष का  दूरभाष क्रमांक 07270-259999 तथा टोल फ्री नंबर 18002332619 है।
    जल संसाधन विभाग द्वारा भी जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा जो लगातार बरगी तवा तथा होशंगाबाद से संपर्क में रहेगा। बांधों से पानी छोड़ने की जानकारी का इंद्राज एक पंजी में करेगा। पानी को छोड़ने एवं जल स्तर के आधार पर देवास जिले में क्या स्थिति निर्मित होगी उसकी जानकारी तत्काल कलेक्टर कार्यालय, समस्त एसडीएम एवं पुलिस कंट्रोल रूम को दी जाएगी।
क्रमांक 155/496/27-06-2015




जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र॥
जनसंख्या स्थिरीकरण माह को परिणाम मूलक बनाएं - कलेक्टर
      देवास, 27 जून 2015/ जनसंख्या स्थिरीकरण माह 11 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजित होगा। कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए है कि इसे परिणाम मूलक बनाया जाए।
      जनसंख्या स्थिरीकरण माह के तहत शिविर आयोजन के लिए निर्धारित दिवसों का केलेंडर बना लिया गया है। लक्ष्य दंपति को सर्वे अनुसार प्रेरित कर शिविरों में लक्ष्य की प्राप्ति की जाएगी। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामवार दंपतियों को चिन्हित किया गया है। आगामी पखवाड़े में सेवा प्रदायगी सुनिश्चित की जाएगी।
माताओं को प्रेरणा सेवाओं से जोड़ा जाए
    कलेक्टर ने निर्देश दिए है कि बाल-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं एवं सकल प्रजनन दल पर विशेष ध्यान दिया जाए। गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। मेटर्निटी वार्ड, एसएनसीयू/एनबीएसयू के मदर वार्ड एवं एनआरसी में माताओं को प्ररेणा सेवाओं से जोड़ा जाएं। अत: प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं में सप्ताह में निर्धारित दो दिवस कॉपर-टी की सेवाएं प्रदान की जाएं एवं अस्थायी साधनों के लिए अधिक प्रेरित किया जाए। प्रसवोत्तर टी.टी. एवं पी.पी.आई.यू.सी.डी. सेवाओं के लिए गर्भावस्था के दौरान जांच के समय प्रेरित किया जाए।
मोबाइल यूनिट से दें जानकारी
    प्रत्येक विकासखंड में आर.बी.एस के एवं मोबाइल  मेडीकल यूनिट के वाहन द्वारा ममता अभियान का भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है जो जिले के समस्त ग्रामों में भ्रमण करेगा। ममता कॉर्नर के माध्यम से प्ररेणा अभियान की अस्थायी साधनों को मांग अनुसार वितरण किया जाएगा। ममता कॉर्नर प्रत्येक संस्था में भी बनाया गया है। उक्त वाहनों द्वारा परिवार नियोजन की प्रोत्साहन एवं बीमा राशि के बारे में जानकारी प्रदान की जाए रही है। प्रसवोत्तर टी.टी. में  2200 रूपए के साथ जननी सुरक्षा योजना की राशि 1400/1000 रूपए एवं मजदूर वर्ग के परिवार की हितग्राही होने पर पति मजदूर है तो 15 दिवस, पत्नी मजदूर होने पर 45 दिवस पर दोनों मजदूर वर्ग में पंजीकृत होने पर 60 दिवस के समतुल्य राशि अतिरिक्त प्रदान की जाती है।
शिविरों के दिन निर्धारित
    स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार सोमवार को बागली, उदयनगर, हाटपीपल्या में, बुधवार को टोंकखुर्द, बरोठा में, गुरूवार को बागली, उदयनगर, हाटपीपल्या में, शुक्रवार को कन्नौद, खातेगांव में तथा शनिवार को सतवास, कन्नौद, खातेगांव, सोनकच्छ तथा देवास में शिविर लगेगा।
क्रमांक 156/497/27-06-2015










जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र॥
7 व्यक्तियों को 35 हजार रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत
      देवास 27 जून 2015/ विधायक स्वेच्छानुदान निधि से सोनकच्छ विधायक श्री राजेंद्र वर्मा की अनुशंसा पर कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी द्वारा 7 व्यक्तियों को आर्थिक सहायता के रूप में 35 हजार रूपए आर्थिक सहायता की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
     जारी आदेश अनुसार सोनकच्छ विकासखंड के ग्राम पोलाय जागीर के कमलेश पिता धनसिंह, ग्राम गुराड़िया मोहनलाल पिता देवीलाल को 5-5 हजार रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई। इसी प्रकार टोंकखुर्द नगर पंचायत वार्ड क्रमांक -2 के श्री डुंगरसिंह पिता गणपत को चिकित्सा, टोंकखुर्द विकासखंड ग्राम सेकली के जयसिंह पिता दरयावसिंह, श्री विक्रमसिंह पिता प्रहलाद ग्राम खिंद्राखेड़ी, दिलीपसिंह पिता विक्रमसिंह ग्राम खिंद्रा खेड़ी, भारत पिता किशनसिंह ग्राम जिवाजीगढ़ को निर्धनता सहायता राशि के रूप में 5-5 हजार रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई।
क्रमांक 157/498/27-06-2015
8 व्यक्तियों को 80 हजार रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत
      देवास 27 जून 2015/ मंत्री स्वेच्छानुदान निधि से स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी की अनुशंसा पर कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी द्वारा 8 व्यक्तियों को आर्थिक सहायता के रूप में 80 हजार रूपए आर्थिक सहायता की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
   
    जारी आदेश अनुसार श्री गणेश पिता श्री मुकेश माली ग्राम मातमौर तहसील बागली, सुनील पिता बालकृष्ण जादव, कप्तान तबाही किक्रेट क्लब ग्राम देहरिया साहू तहसील बागली को 10-10 हजार रूपए, प्रफुल्ल गेहलोद पिता जीवाजीराव गेहलोद निवासी मुखर्जी नगर देवास, आशा कुंवर पति प्रहलादसिंह ग्राम सिया, कमलसिंह पवार पिता प्रहलादसिंह ग्राम सिया को 15-15 हजार तथा  वैष्णवी बैरागी कमल बैरागी जवाहर नगर देवास, परिधि बैरागी कमल बैरागी जवाहर नगर देवास तथा संजू पिता गंगाराम (विकलांग) ग्राम जामगोद को 5-5 हजार रूपए की प्रशासकीय आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
क्रमांक 158/499/27-06-2015
जिले में 227.33 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
    देवास 27 जून 2015/ जारी मानसून सत्र में जिले के वर्षामापी केन्द्रों पर अभी तक औसत रूप से 227.33 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार जारी मानसून सत्र में अभी तक सर्वाधिक सोनकच्छ में 350, उदयनगर में 296,  कन्नौद में 256, बागली में 252, खातेगांव में 178, टोंकखुर्द में 166, देवास में 163 तथा सतवास में 157 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
               पिछले साल 11.50 मिमी औसत वर्षा
    अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार गत मानसून सत्र में अभी तक टोंकखुर्द में 65, देवास में 15 एवं सोनकच्छ में 12 तथा कन्नौद, खातेगांव, उदयनगर, बागली, सतवास में शून्य मिमी वर्षा दर्ज की गई।
क्रमांक 159/500/27-06-2015

 

 

जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र॥
मासिक नेशनल लोक अदालत आयोजित

    देवास 27 जून 2015/ म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में शनिवार 27 जून को क्लेम प्रकरणों के निराकरण के लिए मासिक नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिले में किया गया। लोक अदालत में 75 मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों का निराकरण पक्षकारों की सहमति से हुआ, जिसमें 5000692 रूपये की राशि के अवार्ड पारित किए गए। पक्षकारों में लोक अदालत को लेकर संतुष्टि रही। 

      सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री ओ.पी. रघुवंशी ने बताया कि आगामी 25 जुलाई को विद्युत चोरी के मामलों की मासिक नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। इस हेतु जिला मुख्यालय देवास श्री पी.सी. शर्मा चतुर्थ अपर जिला न्यायाधीश देवास की खंडपीठ गठित की गई है। जिले के नागरिक उक्त दिनांक को  विद्युत न्यायालयों में उपस्थित होकर अपने मामलों को लोक अदालत में निराकृत करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि समस्त नागरिकों से अपील है कि जिनके विद्युत संबंधी प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं, वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहकर अपने प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से कराएं। इसके लिए वे किसी भी कार्यालयीन दिवस में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अथवा संबंधित न्यायालय में संपर्क कर सकते हैं। 
क्रमांक 160/501/27-06-2015


जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
॥ स मा चा र॥

राज्य शासन द्वारा बच्चों के निःशुल्क प्रवेश हेतु नई तिथि घोषित

   देवास 27 जून 2015/राज्य शासन द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में वंचित समूह तथा कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश की नई तिथि घोषित कर दी गई है। ऐसे गैर अनुदान प्राप्त प्रायवेट स्कूलों जिनमें कमजोर वर्ग तथा वंचित समूह के बच्चों को न्यूनतम 25 प्रतिशत प्रवेश हेतु पर्याप्त आवेदन प्राप्त नहीं है, में प्रवेश की नई तिथि का निर्धारण राज्य शासन द्वारा कर दिया गया है। अब निःशुल्क प्रवेश हेतु आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 4 जुलाई,2015 तथा रेण्डम पद्धति (लॉटरी) से न्यूनतम 25 प्रतिशत बच्चों के चयन की तिथि 6 से 8 जुलाई,2015 निर्धारित कर दी गई है। प्रायवेट स्कूल आवेदन पत्रों की पावती संबंधित अभिभावकों को अनिवार्यतः उपलब्ध कराएं। जिन प्रायवेट स्कूलों द्वारा अधिनियम के इस प्रावधान का उल्लंघन किया जाता है तो उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
क्रमांक 161/502/27-06-2015

आधार संख्या अनिवार्य नहीं बल्कि वैकल्पिक

    देवास 27 जून 2015/भारत निर्वाचन आयोग द्वारा त्रुटिरहित परिशोधित और प्रमाणीकृत निर्वाचक नामावली तैयार करने के उद्देश्य से 3 मार्च से प्रारंभ राष्ट्रीय निर्वाचक नामावली परिशोधन एवं प्रमाणीकरण कार्यक्रम (नरपैप) के तहत प्रेसनोट जारी कर आधार संख्या के संबंध में निर्देश जारी किए है। इसके अनुसार निर्वाचकों तथा निर्वाचन मशीनरी के बीच शंका को दूर करने के लिये आयोग ने सभी राज्यो और संघ शासित क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को आवश्यक अनुदेश जारी किये है कि निर्वाचकों द्वारा आधार संख्या को प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं है और यह केवल वैकल्पिक है। जैसा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्देशित किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि आधार संख्या को प्रस्तुत नहीं करने के आधार पर किसी भी निर्वाचक को निर्वाचक सेवा से वंचित नही किया जायेगा। नये पंजीकरण के लिये आवेदन की अस्वीकृति या आपत्ति के लिये या विद्यमान निर्वाचक का निर्वाचक नामावली में से नाम हटाने के लिये आधार संख्या को प्रस्तुत नहीं किया जाना कोई आधार नही होगा। इसके अतिरिक्त मुख्य निर्वाचक पदाधिकारियों को यह स्पष्ट किया गया है कि आधार संख्या को एकत्र करना केवल निर्वाचक के विवरणों के प्रमाणीकरण के उद्देश्य के लिये है और इस प्रकार एकत्र किये गये डाटा की गोपनीयता और सुरक्षा निर्वाचक नामावली डाटाबेस में इस प्रकार की फीडिंग एवं सीडिंग की प्रक्रिया के दौरान सुनिश्चित की जानी चाहिये।
क्रमांक 162/503/27-06-2015

शासकीय महाविद्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों की हाजिरी बायोमैट्रिक डिवाइस से होगी

   देवास 27 जून 2015/प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में कार्यरत समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों की आधार आई.डी. आधारित बायोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।
    आयुक्त उच्च शिक्षा श्री सचिव सिन्हा ने बताया है कि पहले चरण में जिले के 12 शासकीय महाविद्यालयों में दूसरे चरण में प्रदेश के अन्य जिला मुख्यालय पर स्थित शासकीय महाविद्यालयों में तथा तीसरे चरण में 31 जुलाई तक वाय फाइ डिवाइसों की स्थापना की जायेगी, चरणबद्ध आधार आई.डी.आधारित बायोमैट्रिक आन लाइन उपस्थिति का कार्य एन.आई.सी.भोपाल के सहयोग से किया जा रहा है।
   बायोमैट्रिक डिवाइस की स्थापना प्राचार्य कक्ष में की जायेगी। इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित प्राचार्य को दी गई है। बायोमैट्रिक डिवाइस के रख रखाव का कार्य महाविद्यालय की जन भागीदारी समिति के माध्यम से किया जायेगा।
क्रमांक 163/504/27-06-2015

राज्य शासन द्वारा बच्चों के निःशुल्क प्रवेश हेतु नई तिथि घोषित

   देवास 27 जून 2015/राज्य शासन द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में वंचित समूह तथा कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश की नई तिथि घोषित कर दी गई है। ऐसे गैर अनुदान प्राप्त प्रायवेट स्कूलों जिनमें कमजोर वर्ग तथा वंचित समूह के बच्चों को न्यूनतम 25 प्रतिशत प्रवेश हेतु पर्याप्त आवेदन प्राप्त नहीं है, में प्रवेश की नई तिथि का निर्धारण राज्य शासन द्वारा कर दिया गया है। अब निःशुल्क प्रवेश हेतु आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 4 जुलाई,2015 तथा रेण्डम पद्धति (लॉटरी) से न्यूनतम 25 प्रतिशत बच्चों के चयन की तिथि 6 से 8 जुलाई,2015 निर्धारित कर दी गई है। प्रायवेट स्कूल आवेदन पत्रों की पावती संबंधित अभिभावकों को अनिवार्यतः उपलब्ध कराएं। जिन प्रायवेट स्कूलों द्वारा अधिनियम के इस प्रावधान का उल्लंघन किया जाता है तो उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
क्रमांक 164/505/27-06-2015



जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास

॥ स मा चा र॥

महिलाओं के ड्रायविंग लायसेंस नि:शुल्क बनेंगे

लोक परिवहन को सुगम एवं सुरक्षित बनाने मध्यप्रदेश मोटरयान नियमों में संशोधन प्रस्तावित

   देवास 27 जून 2015/राज्य शासन ने अपनी घोषणा के अनुरूप महिलाओं के ड्रायविंग लायसेंस नि:शुल्क बनाने तथा लोक परिवहन सेवा को अधिक सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए मध्यप्रदेश मोटरयान नियमों में संशोधन प्रस्तावित किए हैं। परिवहन विभाग ने इस आशय के प्रस्तावों की अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में 22 जून 2015 को प्रकाशित की है।
वाहन चालकों का हर वर्ष होगा नेत्र परीक्षण
   मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 में प्रस्तावित संशोधन के अनुसार अब यात्री वाहन चालकों को अपना नेत्र परीक्षण हर वर्ष करवाना होगा, तभी उसके ड्रायविंग बेज का नवीनीकरण किया जाएगा। ड्राईव्हर को अपने साथ चिकित्सा व्यवसायी का इस आशय का प्रमाण-पत्र साथ भी रखना होगा, कि वह किसी नेत्र रोग अथवा रतौंधी से ग्रस्त नहीं है। यदि नेत्र रोग की बीमारी से ग्रस्त है तो विहित किए गए चश्में की सहायता से उसका उपचार कर दिया गया है।
महिलाओं के ड्रायविंग लायसेंस नि:शुल्क बनेंगे
   प्रस्तावित संशोधन में शिक्षार्थी एवं स्थायी ड्रायविंग लायसेंस के लिए पहली बार आवेदन करने वाली महिला आवेदकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाना प्रस्तावित है।

  
अब 32+2 सीट वाली यात्री गाड़ी को केवल 75 कि.मी. तक का परमिट मिलेगा
   अब अन्तर्राज्यीय मार्गों की यात्री बसों को दस वर्ष के परमिट और राज्य के अन्दर चलने वाली यात्री बसों को 15 साल तक का परमिट जारी किये जाने का प्रस्ताव है। प्रस्ताव के अनुसार अब 32+2 सीट वाली यात्री गाड़ी को केवल 75 कि.मी. तक का परमिट मिलेगा। अभी इन्हें 150 कि.मी. तक की दूरी के परमिट दिए जाते थे।
   संशोधन प्रस्ताव में अब ग्रामीण परिवहन सेवा के परमिट 7+1 सीट क्षमता वाली गाड़ियों को जारी करने का प्रावधान किये गये हैं। अभी 22 सीटर गाड़ियों को यह परमिट दिया जाता है। इसी प्रकार ग्रामीण परिवहन सेवा का रूट पर मेन रोड से 10 कि.मी. तक की दूरी तय की है। अभी यह दूरी मेन रोड से 15 कि.मी. तय है।
लोक सेवायान में दो दरवाजे एवं आपातकालीन दरवाजा अनिवार्य
अब प्रत्येक लोक सेवा यान (वाहन), प्राइवेट सेवा यान, ठेका गाड़ी और शिक्षण संस्थाओं के वाहनों में केन्द्रीय यान नियम 1989 के नियमानुसार दो मुख्य दरवाजे के साथ-साथ वाहन की दाँयी तरफ न्यूनतम 50X90 सेन्टीमीटर आकार का एक आपातकालीन दरवाजा लगवाना अनिवार्य रूप से लगाना प्रस्तावित किया गया है।
   इन प्रस्तावित संशोधनों पर इच्छुक व्यक्ति अपनी आपत्ति एवं सुझाव मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित सूचना की तारीख से 30 दिन की अवधि में दे सकेंगे। आपत्ति एवं सुझाव प्रमुख सचिव, परिवहन विभाग, कक्ष क्रमांक-210, मंत्रालय (वल्लभ भवन) को कालावधि के अवसान के पूर्व कार्यालयीन समय में अवश्य मिलना आवश्यक है। तभी राज्य सरकार द्वारा इन पर विचार किया जाएगा।
क्रमांक 165/506/27-06-2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास

॥ स मा चा र॥

"स्कूल चलें हम के साथ ही जाति प्रमाण-पत्र जारी करने का काम भी होगा शुरू

अभी तक 59 लाख प्रकरण का निराकरण

   देवास 27 जून 2015/राज्य शासन ने 'स्कूल चलें हम'' अभियान के साथ ही जाति प्रमाण-पत्र जारी करने के अभियान की समीक्षा करने के निर्देश दिये हैं। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, संभागीय आयुक्त, विभागाध्यक्ष, जिला कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और प्रबधंक लोक सेवा केन्द्र को अवगत करवाया है।
   बीते साल शिक्षा सत्र एक जुलाई, 2014 से स्कूलों के माध्यम से कम्प्यूटराइज्ड डिजिटल जाति प्रमाण-पत्र जारी करने का विशेष अभियान शुरू किया गया था। अभियान में अभी तक प्राप्त आवेदन-पत्र में से 59 लाख प्रकरण का निराकरण हो गया है।
   नये शिक्षा सत्र 2015-16 में भी प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को प्रक्रिया के तहत जाति प्रमाण-पत्र जारी किये जायेंगे। स्कूल चलें हम अभियान में ही जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के अभियान की समीक्षा की जायेगी। निर्देशों में कहा गया है कि संबंधित परिवार के बच्चे को आवेदन करने पर डिजिटल लेमिनेटेड जाति प्रमाण-पत्र मिलने की समीक्षा की जाये। यदि दूसरा बच्चा स्कूल में प्रवेश ले रहा है तो पहले बच्चे के जाति प्रमाण-पत्र की छायाप्रति संलग्न कर स्कूल में आवेदन अवश्य जमा करवायें, जिससे दूसरे बच्चे के लिये प्रमाण-पत्र जारी करने में कोई कठिनाई न हो। पूर्व में मेन्युअल जाति प्रमाण-पत्र ले चुके बच्चे से भी नये डिजिटल लेमिनेटेड जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिये आवेदन-पत्र जमा किया जाये। स्कूल से उत्तीर्ण (पास आउट) व्यक्ति भी डिजिटल लेमिनेटेड प्रमाण-पत्र के लिये लोक सेवा केन्द्र में आवेदन कर सकता है। उल्लेखनीय है कि स्कूलों के माध्यम से जाति प्रमाण-पत्र बनने संबंधी योजना में शुल्क का भुगतान शासन द्वारा किया जा रहा है।
क्रमांक 166/507/27-06-2015

एक लाख गरीब ग्रामीण परिवार लखपति क्लब में शामिल

करीब 12 लाख परिवार स्व-सहायता समूहों से जुड़े
81
हजार 884 समूह को बेंकों से मिली 894 करोड़ की ऋण सहायता

   देवास 27 जून 2015/मध्यप्रदेश के ग्रामीण अंचलों में जिला गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम और म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिये महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण सफलताएँ हासिल हुई हैं। प्रदेश में अब तक एक लाख से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों का गठन कर करीब 11 लाख 81 हजार परिवार को जोड़ा गया है। यह समूह विभिन्न आजीविका गतिविधियों से सदस्यों को जोड़कर उनके आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
   प्रदेश में स्व-सहायता समूहों से जुड़े करीब एक लाख ग्रामीण हितग्राही परिवारों की वार्षिक आय बढ़कर एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है। कई महिला हितग्राही अब 10 हजार रुपये से अधिक की मासिक आय अर्जित कर रही है। सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय हासिल करने वाले गरीब परिवार की सफलता से अन्य हितग्राहियों को भी प्रेरणा मिल रही है।
   पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने बताया कि राज्य में 81 हजार 884 स्व-सहायता समूहों को आजीविका के लिये बेंकों से 894 करोड़ रुपये की ऋण सहायता मुहैया करवाई जा चुकी है। जिला गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम और म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिये हितग्राही परिवारों की गरीबी को दूर कर उनके आर्थिक उत्थान के प्रयास अब सफल हो रहे हैं। स्व-सहायता समूहों की मदद से गरीब ग्रामीण महिलाएँ न सिर्फ अपने परिवार की तकदीर बदल रही हैं, वरन वे समाज में भी नया बदलाव ला रही हैं। ग्रामीण महिलाएँ अब घरों से बाहर निकलकर आजीविका गतिविधियों के अलावा सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।
   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा के अनुरूप खेती को लाभ का धंधा बनाने और आजीविका संवर्धन के लिये स्व-सहायता समूहों की मदद से खेती के आधुनिक तरीकों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे जहाँ कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है, वहीं हितग्राही परिवारों की आय में भी इजाफा हुआ है। स्व-सहायता समूहों के जरिये एक लाख 39 हजार हितग्राही कृषक परिवारों को व्यवसायिक सब्जी उत्पादन से जोड़ा गया है। प्रदेश में समूहों द्वारा उत्पादित सब्जियों एवं कृषि उत्पादन के विक्रय के लिये 141 आजीविका फ्रेश संचालित हो रहे हैं। महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के जरिये महिला हितग्राहियों को कृषि के आधुनिक तौर-तरीके और जैविक खेती का प्रशिक्षण मुहैया करवाया जा रहा है। करीब 33 हजार 700 हितग्राहियों द्वारा एसआरआई पद्धति से धान का उत्पादन किया जा रहा है। धान उत्पादन में वैज्ञानिक तरीके को अपनाने से धान उत्पादन में तीन गुना से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है।
   श्री भार्गव ने बताया कि प्रदेश में 7738 ग्राम संगठन भी बनाये गये हैं। राज्य में 52 हजार 500 से अधिक स्व-सहायता समूह इन ग्राम संगठनों के सदस्य बन चुके हैं। स्व-सहायता समूह आजीविका गतिविधियों के साथ-साथ गाँव की दशा और दिशा बदलने में भी मदद कर रहे हैं। ये समूह गाँव में स्वच्छता और शौचालय निर्माण तथा स्वास्थ्य सुधार की गतिविधियों के साथ-साथ महिलाओं की साक्षरता, नेतृत्व विकास, नशाबंदी, बाल-विवाह, बालिका भ्रूण हत्या की रोकथाम, पर्यावरण संरक्षण एवं नल-जल योजनाओं के संचालन जैसे सामुदायिक विकास कार्यों में भी भागीदारी निभा रहे हैं।
क्रमांक 167/508/27-06-2015


 

 

 


 

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