दिनांक 28 जनवरी 2016
क्षिप्रा के संरक्षण के लिए शिप्रा मित्रमंडल का होगा गठन
अवैध शराब जब्त कर
प्रकरण किया दर्ज
पिछड़ा वर्ग
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु आवेदन की
अंतिम तिथि 31 जनवरी
प्रदेश में
शहीदों की स्मृति में 30 जनवरी को 2 मिनट का मौन रखा जायेगा
निर्धारित
विधि के अनुसार ही बनाये मीठा दूध
जिला जनसम्पर्क
कार्यालय, देवास
।। स मा चा र
।।
क्षिप्रा के संरक्षण के लिए शिप्रा मित्रमंडल का होगा गठन
संभागायुक्त
उज्जैन ने किया क्षिप्रा के तटीय गांवों का भ्रमण
देवास 28 जनवरी 2016/ क्षिप्रा
नदी के संरक्षण के लिए क्षिप्रा मित्र मंडल का गठन किया जाए। इसमें युवाओं, विद्यार्थियों,
स्वैच्छिक संगठनों और तट के गांवों के ग्रामीणों को शामिल किया जाए। नदी का संरक्षण
समाज का उत्तरदायित्व है। सभी के समेकित प्रयासों से हम यह जिम्मेदारी पूरी करेंगे।
उज्जैन के संभागायुक्त डॉ. रवींद्र प्रस्तौर ने आज गुरुवार को ग्राम क्षिप्रा में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम
में कलेक्टर आशुतोष अवस्थी अन्य अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
अधिकारी
सतत ग्रामीणों के संपर्क में रहें
संभागायुक्त डॉ. पस्तौर ने सिंहस्थ
के संदर्भ में क्षिप्रा की शुद्धि और तटीय क्षेत्रों में जैविक पट्टी बनाए जाने का
आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे सतत ग्रामीणों से संपर्क में रहें और
उत्प्रेरक की भूमिका निभाए।
क्षिप्रा
को आने वाली पीढ़ी के लिए रखें संरक्षित
संभागायुक्त ने क्षिप्रा के तट का
निरीक्षण किया। कलेक्टर आशुतोष अवस्थी द्वारा यहां अभियान चलाकर कराए गए सफाई कार्यों
की सराहना की। श्री पस्तौर ने ग्रामीणों से जैविक खेती के प्रति जागरूकता का आह्वान
किया। उन्होंने गांव में क्षिप्रा का पौराणिक महत्व बताया और कहा कि क्षिप्रा के किनारे-किनारे
के क्षेत्रों में व्यापक वृक्षारोपण कर क्षिप्रा को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित
रखें। कलेक्टर ने बताया कि गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 20 लाख रुपए की राशि
स्वीकृत हो गई है।
जैविक
खेती को देखा
संभागायुक्त ने सुकल्या गांव में किसानों
द्वारा की जा रही जैविक खेती को भी देखा। मदन के खेत में जाकर गोबर गैस प्लांट को देखा
और किसानों से चर्चा की। संभागायुक्त ने छापरी, टिनोनिया गांव का भी भ्रमण किया और
चौपाल लगाकर ग्रामीणों से चर्चा की। ग्राम टिनोनिया में कमिश्नर ने पहाड़ी के वृक्षारोपण
के पूर्व कुल्हाड़ी बंदी के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया। उन्होंने उपसंचालक कृषि
को निर्देश दिए कि गांव के किसानों को आगर जिला का भ्रमण कराएं जिससे वे वहां बीज उत्पादक
सहकारी समिति के कार्यों को देखकर प्रेरणा ले सकें। भ्रमण के दौरान वन संरक्षक पीएस
चंपावत, प्रभारी सीईओ जिला पंचायत ब्रजेश पटेल, एसडीएम देवास सारिका भूरिया तथा क्षिप्रा
जल संरक्षण अभियान के नोडल अधिकारी योगेंद्र गिरी भी उपस्थित थे।
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अवैध शराब जब्त कर
प्रकरण किया दर्ज
देवास 28 जनवरी 2016/ कलेक्टर
आशुतोष अवस्थी के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी मनीष खरे द्वारा गठित आबकारी उड़नदस्तों ने अवैध शराब के विरूद्ध अभियान
चलाकर अवैध शराब जप्त की है।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि अभियान
के अंतर्गत 18 जनवरी 2016 को गोपाल पिता ब्रदीलाल, 19 जनवरी को रामचेत पिता रामसमूज,
रेशमा पति सूरजसिंह, बलराम पिता गंगाराम, सलीना पति प्रतापसिंह एवं राजेश पिता संतलाल
सिसोदिया, 20 जनवरी को हरीसिंह पिता कमलसिंह, 21 जनवरी को हरी पिता रामगोपाल, 23 जनवरी
को राजू पिता बाबूलाल आदि से लगभग 20 लीटर हा.भ.म. एवं 54 पाव देशी मदिरा जप्त कर उन्हें
आबकारी धारा 34 के तहत गिरफ्तार किया। इस क्रम में 27 जनवरी को देवास जिले के सामूहिक
रूप से कार्यपालिक दल द्वारा ग्राम चौबाराधीरा, इलियाखेड़ी, दोंता जागीर, सोंसर नदी
आदि स्थानों पर दबिश दी गई, जिसमें भारी मात्रा में मदिरा बरामद कर 6 प्रकरण दर्ज किए
गए। दबिश में 25 लीटर हाथ भट्टी मदिरा बरामद कर सेंपल लेकर नष्ट किया गया तथा मौके
पर 5 चलती भट्टियों के उपकरणों सहित मौके पर नष्ट किए गए। जप्त की मदिरा की कीमत
40 हजार रुपए है।
उक्त
कार्रवाई में सुशील सेठ, जावेद अहमद खान एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी राघवेंद्र सिंह
कुशवाह, निलेश नेमा, महेशचंद्र पटेल, योगेश कुमार टटवाड़े, शंभूदयाल सिंह जाटव एवं उनके
सहयोगी सम्मिलित थे।
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पिछड़ा वर्ग
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु आवेदन की
अंतिम तिथि 31 जनवरी
देवास 28 जनवरी 2016/ पिछड़ा
वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति पोर्टल 2.0 वर्ष 2015-16 पर
शैक्षणिक सत्र 2015-16 के लिए विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाईन आवेदन भरने की अंतिम
तिथि 31 जनवरी 2016 निर्धारित
की गई। सभी विधार्थियों तथा शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि
वह नियमानुसार आवेदन पत्र जमा कराएं। विद्यार्थी अपना आवेदन लॉक करने से पहले पूर्ण
रूप से सुनिश्चित कर लें कि उनके द्वारा आवेदन पत्राता एवं नियमानुसार भरा गया है।
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प्रदेश में
शहीदों की स्मृति में 30 जनवरी को 2 मिनट का मौन रखा जायेगा
देवास 28 जनवरी 2016/भारत के स्वतंत्रता संग्राम
के शहीदों की स्मृति में शनिवार 30 जनवरी को मौन रखा जायेगा। इस दिन सुबह 11 बजे 2
मिनट का मौन रखकर कार्य और गतिविधियाँ रोक दिये जाने के निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग
द्वारा जारी किये गये हैं। सभी विभाग, विभागाध्यक्ष, संभागीय आयुक्त और कलेक्टर को
इस संबंध में अवगत करवाया गया है।
निर्देश में कहा गया है कि यह श्रद्धांजलि केवल
सरकारी दफ्तरों तक सीमित न रहकर सार्वजनिक परिपाटी होना चाहिये। इस दिन व्यापक रूप
से आम जनता की भागीदारी होना चाहिये। इसके लिये प्रदेशभर में सुबह 11 बजे कार्य और
अन्य गतिविधियाँ रोककर 2 मिनट का मौन रखा जाये। सायरन बजाकर अथवा सेना की तोप दागकर
मौन शुरू होने तथा समाप्त होने की सूचना दी जाये। सायरन के जरिये मौन शुरू होने की
सूचना 10.59 बजे से 11 बजे तक और मौन समाप्त होने की सूचना 11 बजकर 2 मिनट से 11 बजकर
3 मिनट तक दी जाना चाहिये। सायरन सुनकर सभी व्यक्ति खड़े होकर मौन धारण करें। संभव हो
तो अकेले खड़े होने की बजाय एक ही स्थान पर इकट्ठे होकर मौन रखा जाये।
प्रत्येक जिले और शहर में सायरन बजाने की व्यवस्था
करने को भी कहा गया है। निजी संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, अशासकीय संस्थाओं, स्कूलों
और महाविद्यालयों को भी इस संबंध में निर्देश दिये गये हैं।
शहीद दिवस को गंभीरता और जनता की भागीदारी से
मनाये जाने के आवश्यक उपाय करने को कहा गया है। जिला प्रशासन को जिले की सभी शैक्षणिक
संस्थाओं और निजी एवं सार्वजनिक उपक्रमों को शहीद दिवस सम्पूर्ण गरिमा के साथ मनाये
जाने के निर्देश देने के लिये कहा गया है। जिले में विभिन्न वाणिज्य और उद्योग संघों
से भी भागीदारी करने को कहा गया है।
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निर्धारित
विधि के अनुसार ही बनाये मीठा दूध
देवास 28 जनवरी 2016/शासन द्वारा प्रदेश के सभी
आंगनबाड़ी केन्द्र एवं प्राथमिक शालाओं में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के स्वास्थ्य संवर्धन
हेतु मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत मीठा सुगंधित दुग्ध का वितरण का कार्य आंगनवाड़ी
कार्यकर्ता व शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है। दुग्ध चूर्ण के पैकिट से दूध बनाने की
विधि दुग्ध चूर्ण के पैकिट पर स्पष्ट अंकित है। साथ ही मैदानी अमले को दुग्ध चूर्ण
से दूध बनाने की विधि अच्छे से समझाई गई है।
मैदानी अमले को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित
विधि अनुसार मीठा सुगंधित दूध बनाया जाये जिससे कि निर्मित दूध की गुणवत्ता व स्वाद
में कोई अन्तर न आये।
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