दिनांक 27 जनवरी 2016
जिला जनसम्पर्क कार्यालय,
देवास
।। स मा चा र ।।
देशभक्ति
का भाव लिए सांस्कृतिक रंगों से रंगा भारत पर्व
देवास 27 जनवरी 2016/ गणतंत्र दिवस
की संध्या पर माता टेकरी सिंहद्वार के समीप प्राकृतिक सौंदर्य से सजी नवनिर्मित ओपन
कलावीथिका पर भारत पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। दर्शनीय स्थल पर हुए इस सांस्कृतिक
कार्यक्रम में देशभक्ति गीत, कबीर गायन, शास्त्रीय नृत्य एवं देश के विभिन्न अंचलों
के लोक नृत्यों ने बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। यह पहला अवसर
था जब जिला प्रशासन द्वारा आयोजित भारत पर्व माता टेकरी की तलहटी पर प्रकृति की गोद
में हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर आशुतोष अवस्थी अपनी धर्मपत्नी श्रीमती किरण अवस्थी के
साथ उपस्थित रहे। एडीएम डॉ. कैलाश बुंदेला, निगम आयुक्त हिमांशु सिंह, एसडीएम सारिका
भूरिया, तहसीलदार डॉ. नरेंद्र बाबू यादव, जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर खेड़े, शहरी
विकास अभिकरण स्मिता रावल सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे।
मां, मैं भी पिता की तरह देश के काम आऊंगा
कार्यक्रम का आरंभ श्री गणेश वंदना पर आधारित शास्त्रीय
नृत्य के प्रदर्शन से हुआ। इसके पश्चात लोक गायक मानसिंह भोंदिया एवं साथियों ने देशभक्त्िा
से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत किया, जिसमें सरहद पर शहीद हुए पिता के नन्हें पुत्र एवं मां
बीच का संवाद था। जिसमें हर त्योहार पर बेटा मां से पूछता है कि मां बाबा कब आएंगे
और मां हर बार अगले त्योहार पर आने का दिलासा अपने बच्चें को देती है। समय के साथ समझदार
बेटा वास्तविकता समझ जाता है तथा मां से वादा करता है कि वो भी पिता की तरह देश के
काम आएगा। गीत की इस प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों की आंखों को नम कर दिया। इसके पश्चात
कबीर गायक पद्मश्री प्रहलाद टिपाणिया ने जरा धीरे-धीरे गाड़ी हांको लोक गीत सुनाकर दर्शकों
को भाव विभोर किया। टिपाणिया के साथियों ने सूफी गायन से सामाजिक सौहार्द का संदेश
दिया।
बाल कलाकारों ने किया मंत्र मुग्ध
पद्मश्री प्रताप पवार के शिष्य प्रफुल्ल् गेहलोद
की संस्था घुंघरू एवं कन्नौद शासकीय उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं तथा उत्कृष्ट
विद्यालय देवास, कन्या विद्यालय टोंकखुर्द, के होनहार बाल कलाकारों ने अपने लोक नृत्य
प्रदर्शन से समा बांध दिया। दर्शनीय हरीभरी पहाड़ी एवं रंग-बिरंगे परिधान पहने बाल कलाकारों
का संगम अनोखी छटा प्रस्तुत कर रहा था। कन्नौद
की बालाओं ने असम के बीहू लोकनृत्य एवं निमाड़ का भगोरिया प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब
दाद बटोरी। गणतंत्र दिवस की संध्या पूरी तरह भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत हो गई। जब
घुंघरू के नन्हें-मुन्ने कलाकारों ने शास्त्रीय नृत्य संगीत का शुद्धतम रूप प्रस्तुत
कर मन जीत लिया। वहीं कालबेलिया नृत्य घुमर, भवई नृत्य का प्रदर्शन कर वातावरण को सांस्कृतिक
ऊंचाईयों पर पहुंचाया। गणतंत्र दिवस पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त उत्कृष्ट विद्यालय के
बाल कलाकारों ने गणगौर पर्व की थीम पर नृत्य प्रस्तुति दी। अंत में पंजाब के लोक नृत्य
भांगड़ा करते हुए कलाकारों ने गणतंत्र दिवस की संध्या को उल्लास से सराबोर कर दिया।
जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी को सराहा
भारत पर्व समारोह स्थल पर जनसंपर्क विभाग द्वारा
लगाई प्रदर्शनी को लोगों ने देखा एवं सराहा। प्रदर्शनी में मप्र की विकास गाथा का चित्रों
सहित वर्णन किया गया। आने वाले सिंहस्थ पर्व की आध्यात्मिक भव्यता की चित्रमय झलकी
देखकर उपस्थित जनों ने अधिकारियों को बधाई
दी। समस्त कलाकारों को कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किए एवं उनके
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शाबासी दी।
स्थानीय लोगों ने कलेक्टर को दी बधाई
समारोह के अंत में कार्यक्रम स्थ्ल पर स्थानीय
लोगों ने कलेक्टर आशुतोष अवस्थी से मिलकर बताया
कि टेकरी का यह स्थान पहले पूरी तरह उजाड़ था। यहां कचरा, पॉलीथीन, गंदगी आदि ढेर था
परंतु अब यह एक सुंदर स्थान में परिवर्तित हो गया। जहां यह कार्यक्रम देखकर एक अलग
आनंद एवं संतोष का अनुभव हुआ। कलेक्टर ने बधाई स्वीकार करते हुए आग्रह किया कि टेकरी
पर स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग देते रहें। कार्यक्रम का सफल संचालन अरविंद त्रिवेदी
ने किया।
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