Friday, 27 March 2015

दिनांक 27 मार्च 2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास

॥ स मा चा र॥

साफ करके लाएं गेहूं, ताकि खरीदी में परेशानी न हो
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कलेक्टर ने किया खरीदी केंद्रों का ‍‍निरीक्षण
     देवास 27 मार्च 2015/ जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी के लिए बनाए गए 53 खरीदी केंद्रों पर गेहूं की खरीदी का कार्य जारी है। गेहूं का समर्थन मूल्य 1450 प्रति क्विंटल रखा गया है। किसान छानकर एवं साफ कर अपना गेहूं बिक्री के लिए खरीदी केंद्र पर लाएं, जिससे उनका गेहूं आसानी से खरीदा जा सके।
     कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी ने आज शुक्रवार को हाटपीपल्या कृषि उपज मंडी पहुंचकर गेहूं की खरीदी कार्य के निरीक्षण के दौरान ये बात किसानों से कही। इस अवसर पर जिला आपूर्ति अधिकारी, उपायुक्त सहकारिता, महाप्रबंधक केंद्रीय सहकारी बैंक आदि कलेक्टर के साथ थे।
 चमक कम हो तो भी खरीदे गेहूं
     कलेक्टर ने समस्त खरीदी संस्थाओं को निर्देश दिए है कि किसानों का गेहूं निर्धारित मापदंड के अनुरूप खरीदी जाए, परंतु यदि उसमें चमक कम हो तो भी उसे खरीदा जाएं, परंतु खरीदी में इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि गेहूं एफएक्यू अर्थात औसत उत्तम गुणत्ता का हो। गेहूं की गुणवत्ता के साथ कोई समझोता नहीं किया जाए।
सुखाकर एवं साफकर लाएं
     कृषि उपज मंडी हाटपीपल्या में कलेक्टर द्वारा किसान देवनारायण हाटपीपल्या के गेहूं का परीक्षण किया। गेहूं में नमी का प्रतिशत 17 पाए जाने तथा उसमें कचरा पाए जाने पर कलेक्टर ने किसान को सलाह दी कि वह अपना गेहूं साफ करके तथा धूप लगाकर लाए, जिससे वह एफएक्यू हो जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हर खरीदी केंद्र पर पर्याप्त संख्या में छन्‍ने उपलब्ध होने चाहिएं, जिससे किसान वहां अपना गेहूं छान सकें।



नान के कर्मचारी लापरवाह
     मंडी में कलेक्टर को बताया गया कि नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारी लापरवाह हैं। वे दोपहर 12 बजे खरीदी केंद्र पर आते है। खरीदा गया गेहूं वाहनों में लोड करने एवं भंडार में ले जाने के कार्य में भी अत्यधिक विलंब हो रहा है। इस पर कलेक्टर द्वारा नान अर्थात नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारी को सख्त हिदायत दी गई।
यह गेहूं क्येां खरीदा?
     खरीदी केंद्र पर जब कलेक्टर द्वारा ज्ञानचंद कांठड़े के गेहूं, खरीद लिया गया था, का परीक्षण करवाया गया तो वह उत्तम औसत गुणवत्ता का नहीं पाया गया। उसमें अधिक आर्द्रता तथा छोटे दाने एवं टुकड़े पाए गए। इस पर कलेक्टर द्वारा पूछा गया कि उस गेहूं को क्यों खरीदा गया, तो समिति प्रबंधक के पास कोई उत्तर नहीं था। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गेहूं छानकर एवं धूप लगाकर खरीदा जाए।
इतना गेहूं नीचे क्यों फैलाया?
     कलेक्‍टर ने निरीक्षण में पाया कि एक किसान का गेहूं काफी मात्रा में नीचे फैला हुआ था। पूछने पर बताया गया कि छानने के कारण नीचे फैल गया। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नीचे बोरी, त्रिपाल आदि बिछाकर गेहूं छाना जाए जिससे किसानों का गेहूं बर्बाद न हो।
बोरी का वजन 650 ग्राम
     कलेक्टर ने बताया कि जिन बोरियों में गेहूं भरकर खरीदा जा रहा है, उनका वजन लगभग 650 ग्राम प्रति बोरी है। एक क्विंटल गेहूं का बोरी सहित वजन लगभग 100 किलो 650 ग्राम होगा।
3 दिन में करें भुगतान
     कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों को उनके खरीदे गए गेहूं का भुगतान उनके खाते में सीधे तीन दिन में किए जाना संबंधित सहकारी संस्था सुनिश्चित करे। इसके साथ प्रत्येक खरीदी केंद्र पर एफएक्यू संबंधी जानकारी तथा अन्य आवश्यक जानकारी किसानों के लिए प्रदर्शित की जाए। बिक्री के लिए आने वाले किसानों के लिए केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, छाया आदि की व्यवस्था हो।


एसडीएम करें मॉनिटरिंग
     कलेक्टर ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसीलदारों को निर्देश‍ दिए है कि अपने-अपने क्षेत्रों के खरीदी केंद्रों का रोज निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें कि किसानों को गेहूं बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
यह हैं एफएक्यू गेहूं के मापदंड
     जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि शासन की ओर से एफएक्यू अर्थात औसत उत्तम गुणवत्ता के गेहूं के निर्धारित मापदंड के अनुसार उसमें अधिकतम स्वीकार्य नमी का अधिकतम प्रतिशत 12, सुकड़े एवं टूटे दाने का प्रतिशत 6, आंशिक छतिग्रस्त का प्रतिशत 4, खराब दाने का प्रतिशत 2, अन्य खाद्यान का प्रतिशत 2, बाह्य पदार्थ का प्रतिशत 0.75 होना चाहिए। इससे अधिक होने पर गेहूं नॉन एफएक्यू माना जाएगा। औसत अर्थात उत्तम गुणवत्ता का नहीं माना जाएगा।
क्रमांक 141/2363/27-03-2015                            (फोटो-संलग्न)
पीसीपीएनडीटी की कार्यशाला 30 को
     देवास 27 मार्च 2015/ पीसीपीएनडीटी अधिनियम पर एक दिवसीय कार्यशाला का 30 मार्च को दोपहर 2 बजे खेड़ापति होटल में किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सभी संबंधितों को बैठक में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।
क्रमांक 142/2364/27-03-2015   

शिक्षा का अधिकार अधिनियम

प्रायवेट शालाओं में प्रवेश के लिए आवेदन की तिथि बढ़ी

  देवास 27 मार्च 2015/ निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय स्कूलों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग (एस.सी., एस.टी., ओ.बी.सी., निःशक्त बच्चे, बी.पी.एल. कार्डधारी, घुम्मकड़ जाति) के बच्चों को न्यूनतम 25 प्रतिशत निःशुल्क प्रवेश दिया जाता है। शिक्षा सत्र 2015-16 में इस अधिनियम के अंतर्गत प्रायवेट शालाओं में प्रवेश के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाकर 15 अप्रैल 2015 कर दी गई है।
   शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रायवेट शालाओं में कमजोर व गरीब वर्ग के 25 प्रतिशत बच्चों के प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 अप्रैल 2015 कर दी गई है। प्राप्त आवेदनों में से रेंडम पद्धति से 25 प्रतिशत बच्चों का चयन 16 से 18 अप्रैल 2015 तक किया जायेगा। जिले की समस्त अशासकीय शालाओं के प्रबंधकों से कहा गया है कि वे आवेदन पत्र की पावती संबधित अभिभावकों को अनिवार्य रूप से प्रदान करें। जिन प्रायवेट स्कूलों द्वारा आर.टी.ई. अधिनियम 2009 के प्रावधानों का उल्लघंन किया जायेगा तो उनके विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
क्रमांक 143/2365/27-03-2015   
रोजागरोन्‍मुखी प्रशिक्षण के लिए आवेदन आमंत्रित
     देवास 27 मार्च 2015/ जिले के अनुसूचित जाति वर्ग के गरीबी रेखा के नीचे जीवन करने वाले युवाओं को नि:शुल्क रोजगारोन्‍मुखी प्रशिक्षण देने के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं।
     जिला अन्त्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्या. देवास के कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि इस प्रशिक्षण में युवाओं को जिला मुख्यालय पर 3 माह का बीपीओ कॉल सेंटर, लेदर गुड्स एवं एसेसरीज मैकिंग अवधि 3 माह का प्रशिक्षण पर दिया जाएगा। इच्छुक अनुसूचित जाति वर्ग के बीपीएल आवेदक इन व्यवसायों में प्रशिक्षण के लिए आवेदन पत्र जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मार्या, देवास में प्रस्तुत कर सकते है।
आवेदकों के लिए ये रहेंगी पात्रताएं
·        आवेदक अनुसूचित जाति वर्ग का हो।
·        कम से कम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण हो।
·        उम्र 18 से 35 वर्ष के मध्य हो।
·        वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में 40500 एवं शहरी क्षेत्र में 51500 से ऊपर होना अनिवार्य है।
·        आवेदन पत्र के साथ जाति, मूलनिवासी, आय प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो की छायाप्रति सलंग्न करना होगी।
·        अंकसूची, राशन कार्ड, आधार कार्ड की छायाप्रति भी सलंग्न करना होगी।

क्रमांक 144/2366/27-03-2015



जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास

॥ स मा चा र॥

गैर अनुदान प्राप्त प्रायवेट स्कूलों के बच्चों की समग्र आई.डी. बनवाने के निर्देश

    देवास 27 मार्च 2015/ राज्य शासन ने सभी जिला कलेक्टर को गैर अनुदान वाले मान्यता प्राप्त प्रायवेट स्कूल के बच्चों की समग्र आई.डी. बनवाने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर्स से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सत्र 2014-15 में गैर अनुदान प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में प्रवेशित वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों की समग्र आई.डी. तैयार कर उसमें उनका सही विवरण दर्ज करवाया जाये। यदि किसी बच्चे की समग्र आई.डी नहीं है तो अधिकारियों की मदद से उसे बनवाया जाये। यह भी ध्यान रखा जाये कि किसी भी बच्चे को समग्र आई.डी. बनवाने के लिये परेशान न होना पड़े। समग्र आई.डी. बनवाने की व्यवस्था 15 अप्रैल तक सुनिश्चित करने को कहा गया है।
    नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में गैर-अनुदान प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में प्रवेशित वंचित समूह एवं कमजोर वर्गों के बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश दिया जाता है। इन बच्चों पर होने वाले व्यय का भुगतान संबंधित प्रायवेट स्कूल को ऑनलाइन एजूकेशन पोर्टल के माध्यम से सीधे स्कूल के खाते में भेजा जाता है। जिले में एक शासकीय अधिकारी को शाला का नोडल अधिकारी नामांकित किया जाता है। नोडल अधिकारी अशासकीय शाला द्वारा दर्ज किये गये बच्चों की सूची एवं क्लेम की जा रही फीस को सत्यापित करता है।
    उल्लेखनीय है कि सामाजिक न्याय विभाग द्वारा प्रत्येक परिवार एवं बच्चों को पोर्टल के माध्यम से समग्र आई.डी. आवंटित की गयी है। नये परिवार एवं बच्चों के नाम अद्यतन करने अथवा जोड़ने का काम ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत एवं नगरीय क्षेत्र में नगरीय निकाय कर रही है। मध्यप्रदेश में समस्त शासकीय एवं अशासकीय शालाओं में दर्ज बच्चों को समग्र शिक्षा पोर्टल के जरिये स्कालरशिप भी दी जा रही है। पोर्टल में दर्ज बच्चों की शालाओं से मेपिंग भी की गयी है। बच्चों की समग्र आई.डी. होने से बच्चों का दोहरे स्कूल में नामांकन रोका जा सका है।
क्रमांक 145/2367/27-03-2015
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
।। स मा चा र ।।
प्राकृतिक आपदा पीड़ित परिवारों को मिलेगा सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ

सभी कलेक्टर को निर्देश जारी

  देवास 27 मार्च 2015/ राज्य शासन ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्राकृतिक आपदा से फसलों की 50 प्रतिशत या उससे अधिक क्षति प्रभावित परिवार को प्राथमिकता की श्रेणी में शामिल कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ मार्च, 2016 तक दिये जाने का निर्णय लिया है। इसके पहले वर्ष 2013-14 में प्रभावित परिवारों को शामिल कर मार्च, 2015 तक योजना का लाभ दिया जा रहा है। इन परिवारों को अधिनियम के प्रावधान अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यवस्था की जायेगी। इस संबंध में सभी कलेक्टर को निर्देश दिये गये हैं।
   ऐसे परिवारों को प्राथमिकता परिवारों के रूप में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ जिले के राजस्व अधिकारी तहसीलदार और नायब तहसीलदार द्वारा सूची दिये जाने के माह से मार्च, 2016 तक दिया जायेगा। इसमें केवल वे ही हितग्राही होंगे, जो वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की किसी भी श्रेणी में शामिल नहीं हैं। स्थानीय निकाय ऐसी सूची के आधार पर उसकी प्रविष्टि समग्र डाटा-बेस में करेंगे। पात्रता पर्ची जारी कर उसे संबंधित के राशन-कार्ड पर चस्पा करवाया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। समग्र डाटा-बेस में प्रविष्टि करने से डुप्लीकेशन नहीं होगा। पात्रता पर्ची में वैद्यता अवधि का उल्लेख सील बनाकर किया जायेगा।
क्रमांक 146/2368/27-03-2015






जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
।। स मा चा र ।।

प्रायोगिक परीक्षा के अंक अविलम्ब जमा करें अंक जमा करने की अन्तिम तिथि 31 मार्च

    देवास 27 मार्च 2015/ माध्यमिक शिक्षा मण्डल के सचिव ने निर्देश दिये हैं कि नियमित छात्रों के भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए 10वीं और 12वीं कक्षा की प्रायोगिक परीक्षा के अंक अविलम्ब जमा करवायें। अंक जमा करवाने की अन्तिम तिथि विलम्ब शुल्क 10 हजार रूपये प्रति परीक्षा के चालान के साथ 31 मार्च 2015 तक जमा करने का अन्तिम अवसर प्रदान किया गया है। उक्त तिथि के पश्चात् किसी भी दशा में इन संस्थाओं में अध्ययनरत् छात्रों के प्रायोगिक परीक्षा के अंक मान्य नहीं किये जायेंगे।
    नियत तिथि के उपरान्त संस्थाओं द्वारा छात्रों के प्रायोगिक परीक्षा के अंक जमा न करने की स्थिति में विलम्ब शुल्क के साथ अन्तिम तिथि 5 मार्च 2015 निर्धारित की गई । उक्त तिथि में भी अंक न जमा करने की स्थिति में संस्था को सम्बद्धता समाप्त करने की कार्यवाही करने का स्पष्ट उल्लेख किया गया है, लेकिन प्रदेश की कुल 422 (हाईस्कूल के 42 एवं हायर सेकेण्डरी के 380) संस्थाओं द्वारा नियमित छात्रों के प्रायोगिक परीक्षा के अंक जमा नहीं किये गये हैं। प्रायोगिक परीक्षा के अंक न जमा करने वालों में दो स्कूल राजगढ़ जिले के, चार स्कूल भोपाल जिले के, एक-एक स्कूल रायसेन व सीहोर जिले के तथा तीन स्कूल होशंगाबाद जिले के हैं।
    संस्थाओं की सूची मण्डल की वेब साइट www.mpbse.nic.in पर देखी जा सकती है। सूची में अंकित संस्थाओं में अध्ययनरत् छात्रों और उनके अभिभावकों से अनुरोध है कि निर्धारित तिथि में संस्था प्राचार्य के माध्यम से प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक मण्डल मुख्यालय में जमा करवाना सुनिश्चित करें। सम्बन्धित संस्थाओं द्वारा प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक मण्डल मुख्यालय भोपाल में गोपनीय एवं डाटा कक्ष में ही जमा किये जा सकेंगे।
क्रमांक 147/2369/27-03-2015



जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवास
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पहल योजना में 31 मार्च तक नहीं जुड़ने वालों को 1 अप्रैल से नहीं मिलेगी सब्सिडी

    देवास 27 मार्च 2015/ रसोई गैस कनेक्शन को बैंक खातों से लिंक करने के लिए 31 मार्च तक का ही समय बचा है 31 मार्च के बाद जिन ग्राहकों के कनेक्शन बैंक खाते से लिंक नहीं हो गए उन्हें बाजार भाव से गैस सिलेण्डर मिलेगे। वहीं गैस कंपनियों ने कनेक्शन को बैंक खातों से लिंक करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है।
    अभी एजेंसी वाले ग्राहक से आवेदन लेकर उसे सीधे बैंक खातों से लिंक करा देते थे। इसमें दो से चार दिन लग रहे थे। लेकिन कई ग्राहको को खातें में सब्सिडी नहीं मिलने के बाद गैस कंपनियों ने प्रक्रिया बदल दी है। अब एजेंसी वाले ग्राहक का आवेदन उपलोड कर सेंट्रल सर्वर भेज रहे है। बैंक प्रबंधन ग्राहक के खाते, पते का सत्यापन करेगा और इसके बाद वह अपना एप्रुवल जारी कर सेन्ट्रल सर्वर को वापस भेजेगा इसके बाद ही खाता और कनेक्शन को लिंक किया जाएगा। इस प्रक्रिया में दस से पंद्रह दिन तक लग रहे है। इसलिए गैस कंपनियों ने भी ग्राहकों से अपील की है कि वह जल्द से जल्द खाते को लिंक करने के लिए आवेदन दे दें, जिससे अप्रैल माह से उन्हें खाते में सीधे सब्सिडी मिलना शुरू हो जाए।
क्रमांक 148/2370/27-03-2015
                     









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